
स्वास्थ्य का सही आधार है अच्छी नींद Publish Date : 01/06/2026
स्वास्थ्य का सही आधार है अच्छी नींद
डॉ0 दिव्यांशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा
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एक अच्छी नींद होती है जीवन के लिए सबसे आवश्यक दवा
बदलती जीवनशैली, स्क्रीन का बढ़ता समय और तनाव के बीच बिगड़ती नींद की क्वलिटी और एक्यूपंक्चर एवं इंटीग्रेटेड बनते समस्या का समाधान ।
तेजी से भागती-दौड़ती जिन्दगी में लोग अक्सर काम, मोबाइल का प्रयोग और तनाव आदि के बीच जीवन के लिए सबसे जरूरी चीज ‘नींद’को नतरअंदाज कर रहे हैं। जबकि, विशेषज्ञों का मानाना है कि अच्छी नींद केवल आराम ही नहीं, बल्कि हमारे शरीर और मस्तिष्क के पुननिर्माण की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया भी है। नींद एक वह प्राकृतिक तंत्र है जो शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है और साथ हमारे मस्तिष्क को भी ‘रीसेट’करता है। जिस प्रकार से किडनी शरीर के अन्दर व्याप्त विषैले तत्वों को बाहर निकालती है, उसी प्रकार अच्छी नींद भी हमारे मस्तिष्क को स्वच्छ एवं संतुलित बनाए रखने का महत्वपूर्ण कार्य करती है।
आखिर नींद क्यों है आवश्यक?

एक अच्छी और गहरी नींद का प्रभाव सीधा हमारे शारीरिक, मानसिक एवं दैनिक जीवन पर स्पष्ट रूप से पड़ता है।
अच्छी नींद के शारीरिक लाभः
पर्याप्त नींद हमारे शरीर में हॉर्मोन को संतुलित करती है और कोशिकाओं की रिपेयर भी अच्छे से होती है। यह मेटाबॉलिज्म को सही बनाने में मदद करती है जिससे मोटापा विशेष रूप से “बेली फेट” के बढ़ने का खतरा कम हो जाता है। साथ ही अच्छी नींद हमारे इम्यून सिस्टम को मजबूती प्रदान कर रोगों से लड़ने में सहायता करती है।
“नींद कोई विकल्प नहीं, अपितु एक स्वस्थ जीवन की अनिवार्य आवश्यकता है। ऐसे में यदि हम अपनी दिनचर्या, खान-पान और अपनी डिजिटल लाइफ में संतुलन स्थापित कर सकें तो बेहतर नींद के साथ एक बेहतर जीवन भी सम्भव हो सकता है”।
- डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, मेडिकल ऑफिसर, प्यारे लाल शर्मा जिला अस्ताल मेरठ।
अच्छी नींद हमें डिमेशिया और अल्जाईमर के जैसी समस्याओं से बचाने में भी पर्याप्त मदद करती है। यह वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्कता है।
दैनिक जीवन पर प्रभावः
अच्छी नींद लेने वाला व्यक्ति अधिक ऊर्जावान, स्पष्ट सेाच सोच वाला और निर्णय लेने में सक्षम हो जाता है। अच्छी नींद से आदमी की कार्यक्षमता बढ़ती है, थकान एवं मानसिक उलझन कम होती है।
क्यों बिगड़ती है नींद की व्यवस्था?

- आधुनिक जीवनशैली ने हमारी नींद के प्राकृतिक चक्र को पूरी तरह से अव्यवस्थित कर दिया है।
- मोबाईल, लैपटॉप जैसी डिवाईसों से निकलने वाली ‘ब्लू लाईट’ हमारे मस्तिष्क को जागृत बनाए रखती है।
- अनियमित दिनचर्या के चलते हमारी ‘बॉयोलॉजिकल क्लॉक’ अव्यवस्थित हो जाती है। साथ ही तनाव और चिंता हमारी नींद के सबसे बड़े शत्रु होते हैं।
- अधिक मात्रा में चाय और कॉफी और गलत खान-पान भी हमारी नींद को खराब कर रहे हैं।
- शारीरिक गतिविधयों में कमी और बीमारियाँ भी हमारी नींद में व्यवधान डालते है।
- तेज शोर, रोशनी और असुविधाजनक बिस्तर भी नींद को बाधित करने में योगदान करते हैं।
- विशेषज्ञ बताते हैं कि हमारे शरीर का जैविक तंत्र दिन-रात के प्राकृतिक चक्र के अनुसार ही कार्य करता है, इसीलिए दिन सक्रियता और रात विश्राम के लिए बनाई गई है।
समाधानः एक्यूपंक्चर और इंटीग्रेटेड अप्रोच
अनिंद्रा की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए अब वैकल्पिक चिकित्सा पद्वतियों के रूप में उभरकर सामने आ रही हैं। डॉ0 सेंगर के अनुसार, एक्यूपंक्चर अनिंद्रा के उपचार में बेहत प्रभावी प्रक्रिया सिद्व हुई है। यह प्रक्रिया मानव के शरीर पर बिना किसी दवाई के ही अच्छा काम करती है और ‘एंडॉर्फिन’जैसे खुशी प्रदान करने वाले हॉर्मोन को बढ़ावा देता है, जिससे हमारा मन शांत होता है और चिंता का स्तर भी कम होता है।
साथ ही यह हमारे शरीर की ‘बॉयोलॉजिकल क्लॉक’को भी संतुलित करता है, जिससे नींद का प्राकृतिक चक्र भी वापस व्यस्थित होने में मदद मिल ससकती है। आजकल विदेशों में भी ‘‘इंटीग्रेटेड अप्रोच” यानी योगा, नेचुरोपैथी, पंचकर्म और एक्युपंक्चर के जैसी विभिन्न पद्वतियों के माध्यम से उपचार करना तेजी के साथ लोकप्रिय हो रहा है।

लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।
