
तनाव से भी हो सकता है गर्भपात Publish Date : 29/05/2026
तनाव से भी हो सकता है गर्भपात
डॉ0 दिव्यांशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा
अनेक शोध-अध्ययनों के माध्यम से यह सिद्ध हे चुका है कि तनाव किसी भी गर्भवती महिला के लिए बेहद नुकसानदेह वाली अवस्था हो सकती है। इसमें गर्भवती महिला को जी मिचलाना, थकान, बार-बार पेशाब आना और पीठ का दर्द होना आदि शिकायतें हो़ सकती हैं।
प्रतिकूल स्थितियां

गर्भावस्था के दौरान हॉर्मोंस में परिवर्तन के कारण महिलाओं की मनःस्थिति (मूड) में भी व्यापक परिवर्तन, होता है। इस कारण अक्सर वे. तनावग्रस्त हो जाती हैं। अनेक महिलाएं होने वाले शिशु के स्वास्थ्य और प्रसव पीड़ा को लेकर चिंतित रहा करती हैं। इस कारण वे तनावग्रस्त जाती हैं। इसके अलावा बढ़ी हुई वित्तीय जिम्मेदारी भी पति के साथ पत्नी का भी तनाव बढ़ा सकती है। गर्भावस्था के दौरान तनाव के कारण यह आशंकाएं काफी हद तक बढ़ जाती हैं-
- गर्भपात
- कम वजन के शिशु का जन्म
- समय से पूर्व प्रसव
- उच्च रक्तचाप
- बच्चेदानी से अत्यधिक रक्तस्त्राव
ऐसे पाएं तनाव पर काबू
- मातृत्व संबंधी किताबें पढ़ें। इससे आपको शिशु के जन्म और प्रसव-पीड़ा के बारे में सही जानकारी मिलेगी और गर्भावस्था से सम्बन्धित आपकी अनेक गलत धारणाएं भी दूर हो जाती हैं।
- समुचित विश्राम करें। कम से कम 6-7 घंटे की नींद आवश्यक रूप से लें। पेट को एक तरफ कर हल्की-सी करवट लेकर लेटें।
- धीमे स्वर में संगीत सुनें। टेलीफोन, मोबाइल आदि डिवाईसों को अपने से दूर रखें।
- सांस धीमी, गहरी और लंबी लें।
- याद रखें निराश होने से कभी भी कोई बात बनती नहीं है। यह आपकी समस्याओं को अधिक बढ़ा सकती है।

लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।
