
बच्चों की जंक फूड खाने की आदत के कुप्रभाव Publish Date : 26/05/2026
बच्चों की जंक फूड खाने की आदत के कुप्रभाव
डॉ0 दिव्यांशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा
बचपन के दौरान बच्चों द्वारा जंक फूड अधिक खाने से जीवन भर के लिए बदल सकती है, उनके मस्तिष्क की संरचना-
एक हालिया शोध में आगाह किया गया है कि बचपन में अत्यधिक मात्रा में जब जंक फूड का सेवन बच्चों द्वारा किया जाता है तो धीरे-धीरे उनकी मस्तिष्क में स्थायी परिवर्तन आ सकते हैं। भले ही व्यक्ति बाद में कितना ही स्वस्थ आहार अपना ले।

वैज्ञानिकों ने शोध के दौरान पाया है कि वसा और चीनी से भरपूर आहार खाने की आदत मस्तिष्क की संरचना को बदल देता है और भूख को नियंत्रित करने वाले मस्तिष्क के क्षेत्रों को प्रभावित करता है। हालांकि कुछ लाभकारी और रोबोटिक फाइबर इन प्रभावों को कुछ हद तक कम करने में सक्षम भी पाए गए हैं यूनिवर्सिटी कॉलेज कार के एक अध्ययन के अनुसार, जो बच्चे नियमित रूप से उच्च बसा और अधिक चीनी वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं, उनके मस्तिष्क में स्थायी परिवर्तन हो सकते हैं, जो आहार में सुधार के बाद भी लंबे समय तक बने रहते हैं।

नेचर कम्युनिकेशन में प्रकाशित इस अध्ययन में पाया गया कि पोषक तत्वों से रहित खाद्य पदार्थों के उम्र के शुरुआती वर्षों के दौरान सेवन से खानपान की आदतों पर स्थायी प्रभाव पड़ सकते हैं।

लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।
