होंठों के प्रिंट खोलेंगे महिला-पुरुष का भेद      Publish Date : 22/05/2026

   होंठों के प्रिंट खोलेंगे महिला-पुरुष का भेद

                                                                                           डॉ0 दिव्यांशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा

होंठों के निशान जिन्हें प्रिंट कहते हैं व्यक्ति की पहचान छिपाए रहते हैं। मां के गर्भ में होंठ बनते वक्त ये प्रिंट बनते हैं और मरते दम तक वैसे ही रहते हैं। फिंगर प्रिंट की तरह इनके मिटने या धुंधले होने की गुंजाइश नहीं होती। गिलास, कप पर होंठ के प्रिंट से यह पता चलता है कि व्यक्ति स्त्री है कि पुरुष। सेंट्रल यूपी में महिलाओं और पुरुषों के होंठों के प्रिंट पर जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के फोरेंसिक विभाग ने अध्ययन किया है।

फोरेंसिक विभाग के प्रोफेसर डॉ. राहुल देव की अगुवाई में यह शोध किया गया। डॉ. देव ने बताया कि इसमें महिलाओं और पुरुषों के होंठों के अलग-अलग प्रिंट टाइप पर अध्ययन किया गया। इसमें 35 महिलाएं और 40 पुरुष शामिल थे। क्राइम केस में अगर किसी व्यक्ति के हाथ-पैर और आंख के निशान नहीं मिलते तो होंठ के प्रिंट सारा राज खोल देंगे। अध्ययन में पाया गया कि सेंट्रल यूपी में महिलाओं के होंठों के प्रिंट के कॉमन पैटर्न टाइप एक होते हैं। पुरुषों के होंठों के पैटर्न टाइप तीन और चार पाए गए।

                                      

डॉ. देव ने बताया कि गर्भस्थ शिशु के छह से नौ सप्ताह में होंठ बनने लगते हैं। होंठ के साथ ही प्रिंट बनते हैं। बच्चे की डीएनए श्रृंखला के लिहाज से ये प्रिंट बनते हैं। एक बार बन गए तो फिर इनमें तब्दीली नहीं होती। होंठ के प्रिंट पैटर्न के अंदर पैटर्न होते हैं। दुनिया में दो व्यक्ति के एक जैसे होंठ प्रिंट नहीं हो सकते। हर व्यक्ति का पैटर्न अलग होता है। इससे अपराधियों की पहचान करना आसान हो जाता है।

उन्होंने बताया कि होंठों के प्रिंट पैटर्न की वर्ष 1970 में एक जापानी विज्ञानी ने खोज की थी। अब इस पर विस्तृत शोध कार्य दुनिया भर में चल रहे हैं। इस विषय को चिलियोस्कोपी कहते हैं। डॉ. देव ने बताया कि होंठों के जलने पर ही प्रिंट मिट सकता है।

प्रिंट के प्रकार

टाइप-एकः गहराई वाले निशान

टाइप-दोः टूटे-टूटे निशान

टाइप-तीनः एक्स आकार के निशान

टाइप-चारः हैज की तरह निशा

टाइप-पांचः रैंडम

लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।