डेंगू के लक्षण दिखने पर कन्फर्म करने के तरीके      Publish Date : 18/05/2026

   डेंगू के लक्षण दिखने पर कन्फर्म करने के तरीके

                                                                                                                    डॉ0 दिव्यांशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा

अगर आपको अपने आपमें डेंगू के लक्षण महसूस हो तो तुरंत टेस्ट कराना बहुत जरूरी होता है। इससे आप डेंगू की वजह से होने वाली गंभीरता से बच सकते हैं।

डेंगू एक वायरल बीमारी है, जो एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से फैलती है। बारिश के मौसम में डेंगू के मामले सबसे अधिक दर्ज किए जाते हैं। इसके उचित उपचार के लिए, डेंगू का सही समय पर पता लगाना बहुत जरूरी होता है। दरअसल, अगर शुरुआती 48 घंटे में इस बीमारी को कंट्रोल कर लिया जाए, तो मरीज को कई जटिलताओं और गंभीरता से बचाया जा सकता है। दरअसल, जब डेंगू का वायरस शरीर में प्रवेश करता है तो कुछ दिनों बाद लक्षण सामने आना शुरू हो जाते हैं। आमतौर पर 48 घंटे के अंदर संकेत मिलने शुरू हो जाते हैं। नेशनल डेंगू दिवस (हर साल 16 मई को मनाया जाता है) के मौके पर प्यारे लाल शर्मा, जिला अस्पताल, मेरठ, के मेडिकल ऑफिसर डॉ0 दिव्यांशु सेंगर से जानते हैं कि डेंगू बुखार में पहले 48 घंटे आवश्यक क्यों होते हैं?

शुरुआती 48 घंटे में डेंगू के दिखाई देने वाले लक्षण

                                              

डेंगू के पहले 48 घंटे में कुछ विशेष संकेत मिलते हैं, जिन्हें कभी भी अनदेखा नहीं करना चाहिए।

  • डेंगू का सबसे पहला और आम लक्षण है अचानक तेज बुखार आना। डेंगू के कारण बुखार 102-104°F तक भी जा सकता है। यह बुखार लगातार बना रहता है और सामान्य दवाओं से जल्दी नहीं उतरता है।
  • मरीज को तेज सिरदर्द होता है। विशेष रूप से, आंखों के पीछे दर्द महसूस होता है। यह डेंगू का एक खास संकेत माना जाता है।
  • डेंगू को हड्डी तोड़ बुखार भी कहा जाता है। डेंगू रोगियों को शरीर, मांसपेशियों और जोड़ों में तेज दर्द होता है।
  • शरीर में भारीपन, कमजोरी और अत्यधिक थकान महसूस होता है। इससे रोजमर्रा के काम प्रभावित हो सकते हैं।
  • डेंगू के कुछ मरीजों को शरीर पर लाल चकत्ते भी नजर आ सकते हैं।

डेंगू की जांच के लिए कौन-से टेस्ट कराएं?

                                         

अगर आपको डेंगू के लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो आपको तुरन्त ही डॉक्टर से मिलना चाहिए। इस स्थिति में डॉक्टर डेंगू का पता लगाने के लिए 2 प्रकार के टेस्ट करवा सकते हैं। इसमें शामिल हैं-

1. NS1 एंटीजन टेस्ट

यह टेस्ट लक्षण महसूस होने के 1 से 5 दिनों के अंदर कराया जाता है। इस टेस्ट को डेंगू की पहचाने के लिए सबसे शुरुआती और भरोसेमंद टेस्ट माना जाता है।

2. CBC टेस्ट

इस टेस्ट की मदद से प्लेटलेट्स और सफेद रक्त कोशिकाओं की जांच की जाती है। अगर प्लेटलेट्स कम होते हैं, तो ये डेंगू का संकेत हो सकता है।

शुरुआती 48 घंटे में क्या करें?

अगर आपको डेंगू के लक्षण महसूस हो तो शुरुआती 48 घंटों में कुछ बातों का विशेष ध्यान रखें।

  • ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं और लिक्विड डाइट पर फोकस करें। नारियल पानी, जूस और ओआरएस का सेवन करें।
  • बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा न लें। तेज बुखार और शरीर में दर्द होने पर तुरंत डॉक्टर से मिलें।
  • प्लेटलेट्स की नियमित जांच कराते रहें। इससे सेहत की हालत का पता लगाया जा सकता है।

कब हो सकती है स्थिति गंभीर?

  • मरीज को लगातार उल्टी होना।
  • मरीज के पेट में तेज दर्द होना।
  • मरीज की नाक या मसूड़ों से खून आना।
  • बहुत ज्यादा कमजोरी या बेचैनी महसूस करन।
  • सांस लेने में भी परेशानी होना।

अगर ऐसी स्थिति महसूस हो, तो तुरंत अस्पताल जाएं और डेंगू की जांच जरूर कराएं।

चूँकि, डेंगू के शुरुआती 48 घंटे काफी महत्वपूर्ण होते हैं। इस दौरान लक्षण की पहचान करने और टेस्ट कराने से इसके चलते होने वाली जटिलताओं से बचा जा सकता है।

लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।