घर पर बीपी चेक करने का उचित तरीका      Publish Date : 17/05/2026

       घर पर बीपी चेक करने का उचित तरीका

                                                                                                                 डॉ0 दिव्यांशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा

क्या आप भी घर पर ही अपना बीपी चेक करते हैं? अगर हां, तो आपके द्वारा की गई कुछ आम गलतियां आपको गलत रीडिंग दे सकती हैं। ऐसे में आज हम अपने स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉक्टर दिव्यांशु सेंगर से जानते हैं बीपी चेक करने के डिजिटल मॉनिटर से जुड़ी कुछ आम गलतियों के बारे में विस्तार से-

आजकल हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन की समस्या तेजी से बढ़ रही है। खराब लाइफस्टाइल, तनाव, अनियमित खानपान और कम फिजिकल एक्टिविटी के कारण कम उम्र में भी लोग बीपी की समस्या का सामना कर रहे हैं। ऐसे में डॉक्टर अक्सर घर पर नियमित रूप से ब्लड प्रेशर मॉनिटर करने की सलाह देते हैं। घर पर डिजिटल बीपी मॉनिटर से ब्लड प्रेशर चेक करना आसान जरूर है, लेकिन कई लोग इसे गलत तरीके से इस्तेमाल करते हैं। इसकी वजह से रीडिंग गलत आ सकती है और व्यक्ति अपनी हेल्थ को लेकर भ्रमित हो सकता है। जिला अस्पताल मेरठ के मेडिकल ऑफिसर डॉ0 दिव्यांशु सेंगर का कहना है कि बीपी को मापने से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बहुत आवश्यक होता है, ताकि सही और भरोसेमंद रीडिंग मिल सके।

                                  

घर पर ब्लड प्रेशर चेक करना क्यों जरूरी है?

डॉक्टर कहते हैं कि घर पर नियमित बीपी मॉनिटरिंग करने से व्यक्ति अपने ब्लड प्रेशर के पैटर्न को समझ सकता है। इससे व्हाइट कोट हाइपरटेंशन यानी डॉक्टर के सामने घबराहट की वजह से बढ़े बीपी और असली हाई BP में फर्क समझने में मदद मिलती है। इसके अलावा, जिन लोगों को पहले से हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, हार्ट डिजीज या किडनी की समस्या है, उनके लिए घर पर ब्लड प्रेशर मॉनिटरिंग काफी अनिवार्य और लाभकारी मानी जाती है।

डिजिटल ब्लड प्रेशर मॉनिटर का उपयोग करते समय होने वाली आम गलतियां:

कई बार हमारी गलतियों की वजह से ब्लड प्रेशर की रीडिंग सही नहीं आती है, आइए जानते हैं इन गलतियों के बारे में-

बीपी चेक करने से पहले आराम न करना

डॉक्टर सेंगर का कहना है कि कई लोग चलते-फिरते या सीढ़ियां चढ़ने के तुरंत बाद ही अपना ब्लड प्रेशर चेक करने लगते हैं। इससे रीडिंग सामान्य से ज्यादा आ सकती है। इसलिए आपको बीपी मापने से पहले उन्हें कम से कम 5 मिनट तक आराम से बैठना चाहिए।

गलत पोजिशन में बैठना

अगर आपकी पीठ को सपोर्ट नहीं मिला है और पैर जमीन पर सीधे नहीं हैं या पैर क्रॉस किए हुए हैं, तो ब्लड प्रेशर की रीडिंग प्रभावित हो सकती है। ध्यान रखें कि बीपी चेक करते समय पीठ सीधी रखें, पैर जमीन पर टिके हों, पैर क्रॉस न करें और हाथ को हार्ट लेवल पर रखें। इससे बीपी सही आता है।

सही कफ साइज का उपयोग न करना

डॉक्टर सेंगर कहते हैं कि कई लोग बीपी चेक करते समय गलत साइज का कफ का प्रयोग करते हैं। बहुत छोटा या बहुत बड़ा कफ प्रयोग करने से बीपी गलत आ सकता है। इसलिए हमेशा अपने हाथ के साइज के अनुसार कफ चुनें।

बात करते हुए बीपी मापना

                                    

ध्यान रखें कि बीपी चेक करते समय बात करना, मोबाइल इस्तेमाल करना या टीवी देखने से आपकी रीडिंग बढ़ी हुई आ सकती है। अगर आप सही बीपी चाहते हैं, तो माप लेते समय शांत और स्थिर रहना जरूरी है।

चाय, कॉफी या सिगरेट के तुरंत बाद बीपी चेक करना

कैफीन और निकोटीन अस्थाई रूप से ब्लड प्रेशर बढ़ा सकते हैं। इसलिए चाय और कॉफी पीने के 30 मिनट बाद ब्लड प्रेशर चेक करें। कभी भी स्मोकिंग के तुरंत बाद बीपी न मापें, इससे रीडिंग गलत आ सकती है।

एक बार की रीडिंग पर भरोसा करना

एक ही बार ब्लड प्रेशर मापकर निष्कर्ष निकालना सही नहीं है। डॉक्टर आमतौर पर 1-2 मिनट के अंतर पर दो से तीन रीडिंग लेने की सलाह देते हैं।

घर पर बीपी मापने का सही तरीका क्या है?

  • बीपी चेक करने का सही समय चुनें। सुबह उठने के बाद और रात को सोने से पहले, रोज एक ही समय पर बीपी मापना बेहतर होता है।
  • इसके बाद हमेशा सही मशीन चुनें, ऊपरी बांह वाले डिजिटल बीपी मॉनिटर को ज्यादा सही माना जाता है।
  • हर दिन की ब्लड प्रेशर रीडिंग लिखकर रखें। इससे डॉक्टर को आपके बीपी पैटर्न को समझने में मदद मिलती है।

कौन-सी बीपी रीडिंग सामान्य मानी जाती है?

सामान्य तौर पर 120/80 mmHg को नॉर्मल माना जाता है। 140/90 mmHg या उससे ज्यादा लगातार आने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी माना जाता है। हालांकि उम्र, बीमारी और व्यक्ति की स्थिति के अनुसार यह अलग भी हो सकता है।

डॉक्टर की सलाहः घर पर डिजिटल BP मॉनिटर से ब्लड प्रेशर चेक करना आसान और उपयोगी तरीका है, लेकिन सही तकनीक अपनाना बेहद जरूरी है। छोटी-छोटी गलतियां गलत रीडिंग दे सकती हैं, जिससे इलाज और स्वास्थ्य दोनों प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए सही पोजिशन, सही समय और सही मशीन का इस्तेमाल करके ही ठच् मापें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।