स्वास्थ्य समस्याएं और उनके समाधान      Publish Date : 04/05/2026

         स्वास्थ्य समस्याएं और उनके समाधान

                                                                                                                                      डा0 दिव्यांशु सेंगर

स्वास्थ्य समस्याएं: समस्या आपकी और समाधान डॉ0 दिव्यांशु सेंगर के-

सवालः मेरी आयु 30 वर्ष है। डॉ0 साहब मैं प्रतिदिन 60 से 70 किलोमीटर बाईक चलाता हूँ, शायद इसी के चलते मैं पिछले दो वर्ष से कमर के निचले हिस्से में दर्द से परेशान चल रहा हूँ। डॉक्टरों ने बताया है कि मेरे एल-4 एवं एल-5 पर दबाव है। कमर में बेल्ट भी लगाता हूँ। मछली, ओमेगा, ग्लूकोसामिन आकद सप्लीमेंट्स का सेवन करने के उपरोत भी दर्द से राहत नहीं है, कृपया उचित सलाह देने की कृपा करें।

जवाबः अभी आपकी उम्र काफी कम है, ऐसे में यदि आपकी कमर में दर्द रहता है तो आपके लिए मेरी सलाह यह है कि आप बाईक के स्थान पर कार या कार पूल के जैसे विकल्पों को अपनाएं, इससे आपकी कमर में झटके कम लगेंगे। इसके साथ ही यदि आपको दवा और व्यायाम आदि से आराम नहीं मिल रहा है, तो एल-4 एवं एल-5 यानी कमर की हड्डियों पर नसों का दबाव को कम करने के लिए लैमिनेक्टॉमी या डार्कप्रेसिव सर्जरी के जैसे विकल्पों पर भी विचार कर सकते हैं। इसके लिए आप किसी अच्छे न्यूरोलॉजिस्ट और स्पाइनल के सर्जन से भी बात कर सकते हैं।

सवालः डॉ0 साहब मेरी पत्नी की उम्र 35 वर्ष है, पत्नी की किड़नी में 7 एमएम का स्टोन है इसके अलावा उन्हें और किसी तरह की कोई परेशानी नहीं हैं। इस समस्या के लिए वह होम्योपैथी की दवाईयाँ ले रही हैं और पिछले लगभग दो वर्ष से इस समस्या से वह पीड़ित हैं। यूरोलॉजिस्ट ने कहा है कि जब दर्द बहुत अधिक होगा तब आपको इसका ऑपरेशन कराना होगा। ऐसी हालत में हमें क्या करना चाहिए?

जवाबः किडनी में 7 मिमी का स्टोन होना कोई बड़ी समस्या नहीं है। कई बार इतनी बड़ी पथरी तो अपने आप भी निकल जाती है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पथरी की समस्या के दौरान पानी का अधिक से अधिक पानी का सेवन करना चाहिए। पानी की कमी से और इसके साथ ही मूत्रमार्ग में पथरी होने से संक्रमण या जलन आदि की समस्या हो सकती है। इसलिए जितना अधिक पानी पिया जाएगा ऐसी परेशानियाँ भी उतनी ही कम होंगी। होम्योपैथी दवा के सम्बन्ध में आपको होम्योपैथी के विशेषज्ञ मार्गदर्शन दे सकेंगे। हालांकि ऐलोपैथी में भी ऐसी दवाएं उपलब्ध है, जे कि पथरी को अंदर ही तोड़ देती हैं, परन्तु मरीज को हाइड्रेशन पर अधिक से अधिक ध्यान देना चाहिए।

सवालः डॉ0 साहब मरी पत्नी की आयु 29 वर्ष है। उन्हें सिरदर्द, जी मिचलाने और घबराहट आदि की समस्या बनी रहती है। डॉक्टर का कहना है कि उन्हें माइग्रेन की समस्या है। परन्तु परेशानी यह है कि दवाई लेने के बाद यह समस्या और अधिक बढ़ जाती है। समस्या के निवारण के लिए हमें किस प्रकार के डॉक्टर से सम्पर्क करना चाहिए?

जवाबः सिरदर्द होने के विभिन्न कारण हो सकते हैं जैसे आँखों की कमजोरी और पेट में कोई समस्या। इसके अतिरिक्त महिलाओं में सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस भी सिरदर्द एवं घबराहट भी एक बड़ा कारण हो सकता है।

इस समस्या का कारण कैल्शियम की कमी, गलत पॉश्चर व मोबाईल आदि का अधिक प्रयोग करना आदि हो सकते हैं। इसलिए आपको सलाह दी जाती है कि आप केवल लक्षणों के आधार पर ही माइग्रेन की दवा का प्रयोग न करें, क्योंकि माइग्रेन के कई अन्य लक्षण भी होते हैं। सटीक जांच के के लिए किसी न्यूरोलॉजिस्ट से सम्पर्क करना बेहतर होगा। वैसे भी माइग्रेन के लिए भी विभिन्न उत्तम उपचार उपलब्ध हैं।

सवालः डॉ0 साहब मरी आयु 40 वर्ष की है। रात में सोते समय मेरी पिंडलियों में क्रैम्प्स आते हैं। इससे बहुत तेज दर्द होता है। मेरे साथ ऐसा क्यों हो रहा है और इसके समाधान के लिए मुझे क्या करना चाहिए?

जवाबः आमतौर पर ऐसा विटामिल डी और विटामिन बी-12 की कमी से होता है। इन दोनों विटामिन्स के अलावा भी आपको मैग्नीशियम या सीरम इलेक्ट्रोलाइट्स के असंतुलन की भी जांच करानाी चाहिए। यदि इनमें से किसी की कोई कमी आती है, तो डॉक्टर इनकी पूर्ती के लिए कुछ सप्लीमेंट्स देते हैं। इसके अलावा पैरो के नीचे वाले सॉफ्ट बॉल को रखकर घुमाने वाली एक्सरसाइज करने से राहत प्राप्त हो सकती है।

इसके अतिरिक्त पांच-पांच मिनट ठंड़े और गर्म पानी की सिकाई करने से भी आराम मिल सकता है। इसके साथ ही यदि दर्द बहुत अधिक है तो राहत पाने के लिए आप किसी फिजियोथेरेपिस्ट की सहायता भी ले सकते हैं।

लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।