बदलते मौसम में बढ़ती गठिया रोग की परेशानियाँ      Publish Date : 20/04/2026

बदलते मौसम में बढ़ती गठिया रोग की परेशानियाँ

                                                                                              डॉक्टर युवराज चौधरी, ऑर्थोपीडिक 

बदलते मौसम में जानलेवा हो सकता है- गठिया

                                               -डॉक्टर युवराज चौधरी

बदलते मौसम के कारण हमारे शरीर में विभिन्न परेशानियाँ दिखाई देने लगती हैं, जिसका हमें समय पर ही इलाज प्रारंभ कर लेना चाहिए। इसके सम्बन्ध में वरिष्ठ ऑर्थोपीडिक विशेषज्ञ डॉक्टर युवराज चौधरी ने बताया कि गठिया रोग एक ऐसी समस्या है, जिससे आज के समय में लाखों लोग देश भर में पीड़ित हैं। यह एक ऐसी अवस्था है जिससे दुनिया भर में करोड़ों लोग परेशान चल रहे हैं।

                           

यह रोग विशेष रूप से घुटनों और शरीर के अन्य जाड़ों में दर्द और अकड़न पैदा कर देता है। आज के दौर में बदलती अस्वास्थ्यकर जीवनशैली के चलते पहले बजुर्गों में देखा जाने वाला यह रोग अब युवाओं में भी काफी अधिक देखा जा रहा है। गठिया रोग का कोई एक मुख्य कारण नहीं है, बल्कि हमारी विभिन्न गतिविधियाँ भी इसके उत्पन्न होने की संभावना को बढ़ा देती हैं।

जब किसी व्यक्ति को गठिया रोग जैसी बीमारी होती है तो ऐसे में उसके कार्टिलेज की मात्रा में कमी हो जाती है, जिसकी वजह से जोड़ की एक हड्डी दूसरी हड्डी से रगड़ती है और कुछ परेशानियां उत्पन्न होना शुरू हो जाती हैं। यदि आपके परिवार में किसी व्यक्ति में गटिया रोग की शिकायत पाई जा रही है, तो मुमकिन है कि यह बीमारी अन्य घर के व्यक्तियों में भी पाई जा सकती है। मोटापे की वजह से हमारे शरीर के जोड़ ज्यादा वजन नहीं सहन कर पाते और जोड़ों में दर्द और सूजन की समस्या आनी शुरू हो जाती है।

गठिया के प्रकार

                               

  • सेप्टिक अथॉराइटिस
  • एंकिलॉसिंग स्पेनेटलाइटिस
  • जुबेनाइल एंडियोपैथिक आर्थराइटिस
  • रिएक्टर आर्थराइटिस

गठिया रोग के चलते कई बार कुछ अन्य बीमारियों के लक्षण भी पैदा हो सकते हैं। गटिया रोग शरीर जोड़ों के लिए एक बेहद खतरनाक बीमारी होती है।

इसलिए हमें समय रहते ही इस रोग की पहचान कर इससे होने वाले दुष्प्रभाव से बचने का प्रयास करना चाहिए और हमें रोग के प्रति सतर्क बने रहना चाहिए। हम सुरक्षित रहें और अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें। समय पर विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह लेकर अपना उचित उपचार कराएंगे तो इस समस्या से हम बचे रह सकते हैं।

लेखकः डॉ0 युवराज चौधरी, निदेशक, हंस मल्टीस्पेशलिस्ट हॉस्पिटल, कंकर खेड़ा मेरठ।