अब युवाओं की हड्डियां भी हो रहीं खोखलीं      Publish Date : 12/04/2026

  अब युवाओं की हड्डियां भी हो रहीं खोखलीं

                                                                                                                     डाँ0 युवराज चौधरी

  • घुटने कमजोर होने से चलने में भी हो रही है परेशानी

आजकल कम उम्र में ही हड्डियां कमजोर हो रही हैं और घुटनों में दर्द की समस्या बढ़ती जा रही है। जो समस्या पहले 50-60 साल की उम्र के बाद देखी जाती थी वह अब 25-35 वर्ष के युवाओं में भी काफी आम हो गई है। इसके सम्बन्ध में विशेषज्ञों का मानना है कि फास्ट फूड, हमारी हड्डियों को अंदर से खोखला कर रहा है। जिला अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ युवराज चौधरी बताते हैं कि लोग अधिकतम समय घर या ऑफिस में विताते हैं। बहुमंजिला इमारतों, एसी कमरों और बढ़ते स्क्रीन टाइम के कारण उनके शरीर को पर्याप्त मात्रा में सीधी धूप नहीं मिल रही है। सूर्य की किरणें त्वचा में विटामिन-डी बनाती हैं जो कैल्शियम को हड्डियों में कैल्शियम को अवशोषित करने के लिए अनिवार्य है।

                                 

फास्ट फूड है पोषण का दुश्मनः डॉ युवराज चौधरी के अनुसार, जंक फूड और फास्ट फूड पोषण के सबसे बड़े दुश्मन हैं। ये खाद्य पदार्थ शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की जगह तो ले लेते हैं लेकिन पोषण के नाम पर कुछ नहीं देते। अत्यधिक नमक, प्रोसेस्ड फूड और कैफीन युक्त ड्रिंक्स कैल्शियम को शरीर से बाहर निकाल देते हैं। इससे हड्डियां खोखली हो जाती हैं और इससे हड्डियों में फ्रैक्चर होने का खतरा भी काफी हद तक बढ़ जाता है।

शहरी महिलाओं में विटामिन डी की सबसे ज्यादा कमी

डॉ युवराज चौधरी ने चौंकाने वाले आंकड़े साझा करते हुए बताया कि शहरी युवा महिलाओं में विटामिन-डी की कमी 50 से 90 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। लगातार बैठे रहने से जोड़ों की ल्युब्रीकेशन (चिकनाई) कम हो जाती है। हड्डियों की डेंसिटी भी कम होने लगती है। यदि दर्द या कमजोरी महसूस हो, तो तुरंत ब्लड टेस्ट कराकर विटामिन-डी और कैल्शियम के स्तर की जांच करानी चाहिए। डॉ युवराज चौधरी के मुताबिक समय रहते जीवनशैली में बदलाव करके न केवल घुटनों के दर्द की समस्या से बचा जा सकता है बल्कि बुढ़ापे तक हड्डियों की मजबूती को भी बरकरार रखा जा सकता है।

हड्डियों को ऐसे करें मजबूत

                               

ऽ   रोजाना सुबह 15-20 मिनट की धूप लें। यह विटामिन-डी का सबसे प्राकृतिक और मुफ्त स्रोत है।

ऽ   अपनी डाइट में दूध, दही, पनीर, हरी सब्जियों (पालक, मेथी), बादाम, अखरोट, अंडा और मछली शामिल करें। ताजे फल और सलाद का सेवन अनिवार्य रूप से करें।

ऽ   लंबे समय तक एक जगह न बैठें। हर एक घंटे में पांच मिनट वॉक करें। धूम्रपान और शराब से पूरी तरह दूरी बनाएं।

ऽ   सप्ताह में कम से कम 4-5 दिन 30-45 मिनट व्यायाम करें। वॉकिंग, जॉगिंग, योग, स्क्वाट्स या वेट ट्रेनिंग हड्डियों को मजबूती प्रदान करते हैं।

लेखकः डाँ0 युवराज चौधरी, मेनेजिग डायरेक्टर, हंस हॉस्पिटल कंकरखेड़ा रोड मेरठ कैंट।