दिल का इलाज दिल से      Publish Date : 06/04/2026

                   दिल का इलाज दिल से

                                                                                                    डॉ0 दिव्यांशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा

नारायण हेल्थ कम लागत वाली बीमा योजनाओं के जरिए देश भर में हृदय रोग के किफायती इलाज जैसा क्रांतिकारी उपाय करने की राह पर-

नारायण हेल्थ का मूल मंत्र सीधा-सरल है। डॉ। देवी प्रसाद शेट्टी कहते हैं, "अगर कोई हल किफायती नहीं है तो वह हल कैसा। अगर आम आदमी की जेब उसे नहीं झेल सकती, तो मेरे लिए दिल के इलाज में किसी तरह के विकास की बात करने का कोई मतलब नहीं है।" शेट्टी हार्ट सर्जन हैं, जिन्होंने कम कीमतों पर अच्छी क्वालिटी का दिल का इलाज करने के अपने पक्के इरादे से देश में दिल के इलाज का नक्शा ही बदल दिया है। डॉ। शेट्टी ने 2000 में नारायण हेल्थ की स्थापना की तो वे ऐसी सुविधा बनाना चाहते थे, जो लोगों को इलाज मुहैया करा सके और एक दिन में 60 दिल के बड़े ऑपरेशन करने में सक्षम हो।

आज बेंगलूरू में नारायण हेल्थ के केंद्रीय अस्पताल में अकेले ही इसके आधे ऑपरेशन हो सकते हैं। कुल मिलाकर, समूचे देश में इसके तीन हार्ट सेंटर्स और 17 अस्पतालों में वित्त वर्ष 24 में 21,000 से ज्यादा दिल के ऑपरेशन हुए, जिससे यह देश के सबसे बड़े प्राइवेट हार्ट केयर संस्थानों में से एक बन गया है। हालांकि, डॉ। शेट्टी के लिए भारतीय हेल्थकेयर की बड़ी तस्वीर ज्यादा मायने रखतीहै। वे कहते हैं, "हमने इलाज की उपलब्धता की समस्या को तो हल कर लिया है, अब हम उसे किफायती बनाने पर काम कर रहे हैं।"डॉ शेट्टी अक्सर एक किस्सा सुनाते हैं कि कैसे 1989 में जब वे इंग्लैंड में काम करने के बाद कोलकाता में अपना करियर जारी रखने के लिए स्वदेश लौटे, तो उनके पहले मरीज ने बाइपास ग्राफ्टिंग के लिए 1।5 लाख रुपए दिए थे।

                               

आज, तीन दशक से ज्यादा समय बाद नारायण हेल्थ में गरीब मरीज 2।5 लाख रुपए दे रहे हैं, जो अभी भी दूसरे बराबरीके अस्पतालों से बहुत कम है। डॉ। शेट्टी के सबसे बड़े बेटे तथा कार्यकारी वाइस चेयरमैन वीरेन प्रसाद शेट्टी बताते हैं कि यह संख्या का गुणवत्ता के साथ मेल कराने से संभव हुआ। वीरेन कहते हैं, "कुछ समझौते करने पड़ते हैं। हमारे अस्पताल सबसे फैंसी नहीं हैं।।। आपको लकदक सहूलत देने की जरूरत नहीं है। लेकिन आप इसकी भरपाई करते हैं।।। आप मुख्य चीज पर ध्यान देते हैं, जो मेडिकल सेवाएं हैं और आप उन्हें अंतरराष्ट्रीय मानकों पर कितनी कुशलता से दे सकते हैं।"

समूह की अगली योजना सस्ती आम स्वास्थ्य बीमा लाना है। डॉ। शेट्टी ने 2003 में किसानों के लिए यशस्विनी माइक्रो-इंश्योरेंस स्कीम शुरू की थी, जो कर्नाटक सरकार के 600 अस्पतालों में शुरू करने के बाद जल्द ही रोल मॉडल बन गई। वे कहते हैं, "12 साल के अंदर 13 लाख किसानों ने कई तरह की सर्जरी करवाई और 1,30,000 किसानों ने सिर्फ 5 रुपए प्रति माह देकर कार्डिएक प्रोसीजर करवाया। मैं ऐसी कई मिसालें गिनवा सकता हूं, जिसमें हमने जितने मरीजों का इलाज किया, उससे ही कमाल हो गया।' अब वे असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए जन धन योजना जैसे हेल्थ सेविंग्स स्कीम लाने की वकालत कर रहे हैं, जिससे उन्हें लगता है कि आम लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवा बदल जाएगी।

.लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।