थायरॉइड की समस्या मस्तिष्क पर भी करती है असर      Publish Date : 05/04/2026

थायरॉइड की समस्या मस्तिष्क पर भी करती है असर

                                                                                                     डॉ0 दिव्यांशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा  

वर्तमान समय के तेज रफ्तार वाले जीवन में अधिकतर लोग अक्सर थकान, मूड स्विंग या चिंता के जैसी समस्याओं को सामान्य समझकर अनदेखी कर देते हैं। हालांकि, कई बार इस समस्या के लिए केवल मानसिक तनाव जिम्मेदार न होकर आपके शरीर के अन्दर चल रही कोई हॉर्मोनल परेशानी भी इसके लिए जिम्मेदार हो सकती है।

हाल ही में की गई एक मेडिकल रिसर्च के माध्यम से समाने आया है कि थायरॉड ग्रन्थि का असंतुलन केवल आपके वजन को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि यह सीधा मानव के मस्तिष्क एवं भावनाओं पर भी प्रभाव डाल सकता है। यही कारण है कि कई लोग बिना किसी कारण विशेष से होने वाली उदासी, घबराहट या ध्यान की कमी का अनुभव भी करते हैं, जबकि वह इसे लिए म्मिदार असली कारण को नहीं समझ पाते हैं।

                               

अमेरिका की नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार, थायरॉइड हमारे शरीर में स्थित एक छोटी सी ग्रन्थि होती है, जो कि हमारी गर्दन के सामने वाले हिस्से में स्थित होती है। हमारे शरीर की यह ग्रन्थि ऐसे हॉर्मोन्स का निमार्ण करती है, जो हमारे शरीर के मेटाबॉलिज्म, दिल की धड़कन, शरीर के तापमान एवं ऊर्जा के स्तर को नियंत्रित करते हैं। साथ ही यह हॉर्मोन्स हमारे दिमाग के केमिकल बैलेंस को भी प्रभावित करते हैं, जिसके चलते हमारी सोचने समझने की क्षमता और भावनाएं संतुलित बनी रहती है।

  • उदासी, घबराहट या ध्यान की कमी के जैसे लक्षण दिखाई देने लगते हैं।
  • हॉर्मोन्स दिमाग के केमिकल बैलेन्स को भी प्रभावित करता है।

जब थॉयराइड सही तरीके सही तरीके से काम नहीं करता है तो इसका प्रभाव मानसिक स्वास्थ्य पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। यहद हमारे शरीर में थायरॉइड हॉर्मोन की मात्रा कम हो जाए तो इसे हाइपोथायरॉइडिज्म कहते हैं, तो सम्बन्धित व्यक्ति को लगातार थकान, उदासी और डिप्रेशन के जैसी समस्याएं भी महसूस हो सकती हैं। ऐसे लोगों का अक्सर काम करने का मन नहीं करता, उनके सोचने समझनें की क्षमता भी कम हो जाती है और इससे उनकी याददाश्त पर भी कुप्रभाव पड़ सकता है।

डॉक्टरों का मानना है कि थायरॉइड हॉर्मोन सीधे तौर पर ही हमारे दिमाग में मौजूद केमिकल्स जैसे सेरोटोनिन और डापामाइ को प्रभावित करते हैं। यह वही केमिकल्स होते हैं जो हमारे मूड को नियंत्रित करते हैं। ऐसे में जब किसी कारणवश इनका संतुलन बिगड़ जाता है तो प्रभावित व्यक्ति को बिना किसी स्पष्ट कारण के ही मानसिक परेशानियाँ होने लगती हैं।

हालांकि, थायरॉइड की गड़बड़ी के पीछे विभिन्न सम्भावित कारण हो सकते हैं। मेडिकल साइंस के अनुसार, बहुत सी ऑटोइम्यून बीमारियाँ जैसे हाशिमोटो और ग्रेव्स डिजीज आदि इसके प्रमुख कारणों में शामिल मानी जाती हैं।

लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।