
क्रिएटिनिन बढ़ने के लक्षण और इलाज Publish Date : 03/04/2026
क्रिएटिनिन बढ़ने के लक्षण और इलाज
डॉ0 दिव्यांशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा
किडनी यानी गुर्दे हमारे शरीर का बहुत ही महत्वपूर्ण अंग हैं। किडनी शरीर में खून को फिल्टर करने यानी खून को साफ करने का जरूरी काम करती है। ऐसे में यदि किडनी खराब हो जाए तो शरीर कई गंभीर समस्याओं का शिकार हो सकता है।
किडनी की सेहत का पता लगाने के लिए क्रिएटिनिन स्तर: (Creatinine Level) की जांच यानी क्रिएटिनिन टेस्ट काफी कारगर साबित होता है।
शरीर में अगर क्रिएटिनिन का स्तर बढ़ा हुआ है तो शरीर में फ्लुइड रिटेंशन, थकान और दिल में दबाव की स्थिति पैदा हो जाती है। ऐसे में किडनी की सेहत की जांच के लिए क्रिएटिनिन टेस्ट करवाना काफी महत्वपूर्ण होता है। आज के लेख में जानते हैं कि क्रिएटिनिन बढ़ने के कारण और क्रिएटिनिन बढ़ने के लक्षण क्या हैं, साथ ही जानेंगे क्रिएटिनिन कम करने के उपाय के बारे में विस्तार से-
क्रिएटिनिन क्या है?

क्रिएटिनिन (Creatinine) ऐसा टॉक्सिक यानी अपशिष्ट पदार्थ है जो मांसपेशियों के टिश्यू के टूटने पर अपने आप ही हमारे शरीर में बनने लगता है।
- टिश्यू के विघटन पर क्रिएटिनिन लगातार बनता रहता है और खून में रिलीज होता रहता है।
- खून में क्रिएटिनिन का स्तर यह तय करता है कि आपकी किडनी किस तरह से काम कर रही है।
- अगर किडनी सही से काम नहीं कर पा रही है तो खून में क्रिएटिनिन स्तर बढ़ जाता है।
- इससे पता चलता है कि किडनी में कुछ समस्या है और उसके कामकाज करने के दौरान कोई परेशानी हो रही है।
सामान्य तौर पर पुरुषों में क्रिएटिनिन का लेवल 0.74 से 1.35 मिग्रा/डेसीलीटर के बीच होता है, जबकि महिलाओं में यह 0.59 से 1.04 मिग्रा/डेसीलीटर के बीच सामान्य माना जाता है।
अगर किसी व्यक्ति में क्रिएटिनिन का स्तर इस सीमा से अधिक जाता है तो यह किडनी की कार्यक्षमता में कमी का संकेत हो सकता है।
क्रिएटिनिन का स्तर बढ़ने के लक्षण:

अगर किडनी खून में मौजूद क्रिएटिनिन को सही तरीके से छानकर शरीर से बाहर नहीं निकाल पा रही है तो व्यक्ति के खून में इसका स्तर बढ़ जाता है।
ऐसे में शरीर में क्रिएटिनिन बढ़ने के लक्षण दिखने लगते हैं जो कि इस प्रकार से हैं:-
1. फ्लुइड रिटेंशन (Fluid Retention): शरीर में फ्लुइड एकत्र होने लगता है।
2. यूरिन में कमी आना (Reduced urine output): पेशाब की मात्रा कम हो जाती है।
3. थकान (Fatigue): कम काम करने पर भी अधिक थकान महसूस होती है।
4. भ्रम और फोकस करने में परेशानी: ऐसे में भ्रम और फोकस करने में परेशानी होती है और ध्यान केंद्रित करने में परेशानी होती है।
5. मतली और उल्टी (Nausea and vomiting): मरीज को मतली और उल्टी का अनुभव होता है।
6. सांस लेने में कठिनाई (Shortness of breath): मरीज को इसके दौरान दिल पर दबाव बढ़ने से सांस लेने में परेशानी होने लगती है।
7. दिल की धड़कन अनियमित होना (Irregular heart rate): हार्ट की रिदम असामान्य हो जाती है।
8. सीने में दर्द (Chest pain): मरीज की छाती में दर्द की समस्या भी हो सकती है।
9. पैरों और टखनों में सूजन (Inflammation on legs and ankle): शरीर में अतिरिक्त फ्लुइड जमा होने से सूजन की स्थिति हो जाती है।
10. यूरिन में खून आना (Blood in urine): मरीज के पेशाब में खून भी आ सकता है।
क्रिएटिनिन बढ़ने के कारणः
क्रिएटिनिन बढ़ने के कारण किडनी की कार्यक्षमता और उसकी सेहत से सीधे जुड़े होते हैं। शरीर में इसके बढ़ने के कारण इस प्रकार के हो सकते हैं:
- डिहाइड्रेशन (Dehydration)।
- प्रोटीन युक्त भोजन का सेवन अधिक मात्रा (High-protein diet intake) में करना।
- अधिक फिजिकल एक्सरसाइज (Intense physical exercise) करना।
- क्रिएटिन सप्लीमेंट्स का अधिक सेवन करना (Creatine supplements)।
- किडनी में संक्रमण (Kidney infections) होना।
- डायबिटीज (Diabetes) की समस्या।
- हाई ब्लड प्रेशर (Hypertension) की समस्या।
- दिल की बीमारी (Heart disease)।
- यूरिन मार्ग में रुकावट होना (Urinary tract obstruction)।
- कुछ विशेष दवाओं का सेवन करना (Certain medications)।
क्रिएटिनिन के स्तर को कम करने के उपायः
क्रिएटिनिन के स्तर को नियंत्रित करने के लिए निम्न उपाय अपनाए जा सकते हैं:
1. पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें।
2. संतुलित और हेल्दी डाइट फॉलो करें।
3. डाइट में ज्यादा प्रोटीन लेने से बचें।
4. प्रोसेस्ड फूड का सेवन कम करें।
5. भोजन में नमक का सेवन सीमित करें।
6. नियमित रूप से फिजिकल एक्टिविटी करते रहें।
7. अनावश्यक रूप से क्रिएटिन सप्लीमेंट्स लेने से बचें।
8. अगर हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या दिल की बीमारी है तो उचित इलाज और देखभाल करें।
9. नियमित रूप से किडनी फंक्शन टेस्ट करवाएं।
किडनी की सेहत की सही देखभाल और प्रभावी मैनेजमेंट के लिए शरीर में क्रिएटिनिन के स्तर पर निगरानी रखना और संतुलित लाइफस्टाइल अपनाना बहुत जरूरी है। अगर किसी व्यक्ति में क्रिएटिनिन के स्तर में बढ़ोतरी के संकेत दिख रहे हैं तो डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।

लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।
