
गर्मी के मौसम में करें ‘एक्वा एक्सरसाइज’- तुरंत बर्न होगी कैलोरी Publish Date : 02/04/2026
गर्मी के मौसम में करें ‘एक्वा एक्सरसाइज’- तुरंत बर्न होगी कैलोरी
डॉ0 दिव्यांशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा
गर्मी के इस मौसम में क्यों न एक ऐसा तरीका अपनाया जाए जिसमें आप न तो धूप में तपेंगे और नही पसीने से तर होंगे, स्वस्थ रहने के इस तरीके का नाम है ‘एक्वा एक्सरसाईज’। पूल में रहकर न केवल बॉडी को कूल रखा जा सकता है, बल्कि इससे फैट को भी आसानी के साथ बर्न किया जा सकता है।
गर्मी का मौसम सैर करने वाले लोगों के लिए कुछ मुश्किलों से भरा होता है। हालांकि यह महत्वपूर्ण है कि आप गर्मियों के इस मौसम में भी अपने व्यायाम को किसी भी प्रकार का विराम न दें, क्योंकि शरीर को फिट रखने के लिए एक्सरसाईज करना बेहद आवश्यक होता है। गर्मियों के दौरान आकर्षक दिखने के लिए यह आवश्यक है कि सर्दी के मौसम में आपने जितनी एक्सट्रा कैलोरीज ग्रहण की हैं, उसे बर्न भी किया जाए। सर्दी में पैदल चलने, वॉकिंग या जॉगिंग करने से आपका फैट बर्न हो जाता है।
हालांकि गर्मी के इस मौसम में चिलचिलाती धूप और पसीने की चिपचिपेपन के चलते कई लोग न तो वॉकिंग कर पाते हैं और न ही एक्सरसाईज इत्यादि। इसके लिए आप गर्मी के इस मौसम में किसी पूल में उतरकर एक्वा एक्सरसाईज कर स्वयं को फिट रख सकते हैं।
आवश्यक है वॉटर फिटनेस

जैसा कि हम सब जानते ही हैं कि हमारे शरीर का 60 प्रतिशत हिस्सा पानी से बना हुआ होता है और शायद इसीलिए यह कहा जाता है कि जल ही जीवन है। गर्मियों में तो हमारे शरीर से पसीना अपने आप ही निकता है, जिसके चलते इसके लेवल को मेंटेन करना भी किसी चुनौति से कम नहीं होता है। इसका दूसरा अहम कारण यह है कि पानी नैचुरल और ऑर्गेनिक होता है। इसीलिए आपने अक्सर देखा होगा कि कुछ लोग वॉटर डंबल, वॉटर ग्लव्स, फ्लोटिंग बेल्ट आदि के साथ पूल में एक्सरसाईज करते नजर आते हैं।
ताजगी का सम्पूर्ण अहसास
आप जो भी एक्सरसाईज जिम में करते हैं वह पानी में भी आसानी के साथ की जा सकती है। फिर चाहे वह योगा, जुंबा, एरोबिक्स, कार्डियो हो अथवा स्ट्रेचिंग आदि सभी एक्सरसाईज पानी के अंदर भी असानी से की जा सकती हैं। इससे आपको पसीना भी कम आएगा और थकान भी कम होगी और इस एक्सरसाईज के बाद जब आप पानी से बाहर आएंगे तो अधिक ताजगी का अनुभव भी कर सकेंगे और साथ ही जिम की अपेक्षा अधिक कैलोरी बर्न कर पाएंगे।
एक्सरसाईज के साथ मस्ती भी भरपूर
आप अपने पार्टनर के साथ अंडरवॉटर डांस भी कर सकते हैं, ऐसा करने से आपकी कार्डियो वस्कुलर फिटनेस बनी रहेगी और इससे आपका शरीर भी अधिक ताकतवर बन सकेगा। यदि आपको अंडरवॉटर का अधिक लाभ लेना है तो आप एक्वालेट्स, ताइक्वांडो और योग आदि का भी अभ्यास कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त अन्य प्रकार की अंडरवॉटर एक्सरसाईज भी होती हैं जैसे जॉगिंग, वॉकिंग, डंबल्स, रनिंग, हाई नी स्प्रिंट और पानी में घूमना आदि। इन सब एक्ससाईजस में सबसे अधिक पॉपुलर एक्सरसाईज है, अंडरवॉटर ट्रेडमिल। यह फिजिकल थेरेपी और स्पोर्ट्स मेडिसिन के रूप में उपयोग किया जा रहा है।
वॉटर वॉकिंग से कैलोरी बर्न होंगी-
कैलोरी को बर्न करने और बेहतर शेप पाने के लिए वॉटर वॉकिंग को सबसे बेहतरीन एक्सरसाईज माना जाता है। इस दौरान आप अपने साइज की बॉल के अंदर रहते हैं जो कि पानी में घूमती रहती है। इससे आपकी मसल्स को एक बेहतर शेप तो मिलेगी ही साथ ही एक घंटे में कम से कम 600 कैलोरी भी बर्न हो जाती हैं। वॉटर वॉकिंग भी दो प्रकार की होती है- डीप वॉटर वॉकिंग और शैलो वॉटर वॉकिंग।
आपके हृदय के लिए भी शूटेबल है पानी-

पानी के अंदर की जाने वाली एक्सरसाईज आपके दिल के लिए भी बेहतर सिद्व होती हैं। यह आपके दिल में रक्त प्रवाह को बढ़ावा देकर आपके फेफड़ों को भी मजबूती प्रदान करती है। पानी का प्रेशर किसी मसाज की तरह से काम करता है और इससे दिल की ओर जाने वाले रक्त की गति बढ़ जाती है और आपका रेस्पेरेट्र सिस्टम भी बेहतर होता है।
अस्थियों के लिए भी लाभकारी-
एक्वा एक्सरसाईज करते समय पानी में हार्ड एक्सरसाईज करना भी कोई कठिन कार्य नहीं है। इस दौरान पानी किसी गद्दे की तरह से काम करता है और यह आपके जोड़ों पर भी समान दबाव डालता है। ऐसे में जो लोग हड्डियों से परेशानियों का सामना कर रहे हैं, गरम पानी से हाइड्रोथेरेपी लेने से उनको लाभ प्राप्त होता है। इससे पूरे शरीर में रक्त का प्रवाह बेहतर होता है और यह शरीर के ऐसे स्थानों तक पहुंचता है जहाँ की मसल्स में पेन होता हैं। गरम पानी से मसल्स की सिकाई होती है और हड्डियों का तनाव भी कम होता है। एक्वा एक्सरसाईज से आर्थ्राटिस के मरीजों को भी दर्द से राहत प्राप्त होती है। विभिन्न अध्ययनों के माध्यम से ज्ञात होता है कि एक्वा एक्सरसाईज कई प्रकार के आर्थ्राटिस के मरीजों को लाभ प्रदान करती है।
सीखना भी कोई कठिन काम नहीं-
ऐसा नहीं है कि एक्वा एक्सरसाईज सीखना कोई मुश्किल कार्य है। यदि आपको तैरना आता है तो आपको केवल पानी में बैलेंस बनाना सीखना होगा और इसके बाद बारी आती है वेट उठाने की। पानी की अपेक्षा जमीन पर वेट उठाना हानिकारक एवं दर्द से युक्त हो सकता है, जबकि पानी ऐसी कोई समस्या आती ही नहीं है। पानी में वेट उठाने के दौरान पानी आपको सहारा देता है और इससे आपकी रीड़ की हड्डी पर कोई अतिरिक्त प्रेशर नही पड़ता है।

लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।
