
आधुनिक इलाज से स्थिति संभल रही Publish Date : 14/03/2026
आधुनिक इलाज से स्थिति संभल रही
डॉ0 दिव्यांशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा
यह सही है कि दुनिया भर में बच्चों को होने वाले कैंसर ने चिकित्सा विज्ञान के सामने गंभीर चिंता पैदा की है, लेकिन चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में हो रहे नए शोधों ने इस चिंता को काफी हद तक कम भी किया है। ऐसा सिर्फ विदेश में ही नहीं होता। भारत में भी इस रोग पर काफी हद तक नियंत्रण पाने के सफल प्रयास हुए हैं। एम्स का ही उदाहरण लें। आंकड़े बताते हैं कि करीब दस साल पहले कैंसर से पीड़ित बच्चों में से 50 फीसदी से भी कम को बचा पाना संभव हो पाता था, क्योंकि हमारे पास उस तरह की तकनीक नहीं थी, लेकिन अब हर चार में से तीन बच्चे ठीक हो रहे हैं।

इसका अर्थ है कि 75 फीसदी बच्चे कैंसर को हराने में सफल साबित हो रहे हैं, जो संकेत है कि भारत में कैंसर के इलाज ने कितनी तरक्की कर ली है। अच्छी बात है कि इसमें लगातार सुधार भी हो रहा है, यानी चिकित्सा विज्ञान इस दिशा में लगातार आगे बढ़ता दिख रहा है।
यहां मध्य प्रदेश की चर्चा जरूरी है। पिछले साल दिसंबर में खबर आई थी कि 'वहां के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के पीडियाट्रिक कैंसर विभाग में 90 प्रतिशत से अधिक बच्चे कैंसर से उबर चुके हैं। खबर बताती है कि बीते दो वर्षों में वहां 316 बच्चों का कैंसर का इलाज किया गया, जिनमें से लगभग 270 बच्चे पूरी तरह से ठीक हो गए। इस संस्थान में पूरे राज्य से कैंसर पीड़ित मरीज भेजे जाते हैं, जिसका अर्थ है कि गंभीर स्थिति के मरीज भी अब ठीक हो रहे हैं।
यानी, कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी के मामले में भी पूर्ण सफलता पाई जा सकती है, बशर्ते समय पर सही रणनीति बनाई जाए और उस पर संजीदगी से अमल किया जाए। मध्य प्रदेश में आम आदमी के साथ-साथ डॉक्टरों में बच्चों के कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया। इसके लिए समय-समय पर सम्मेलन आदि कराए जा रहे हैं, जिनसे डॉक्टरों में इस रोग को लेकर समझ बढ़ी है और वे कहीं अधिक दक्षता से इसके इलाज में सफल हो पा रहे हैं। साफ है, इस तरह के प्रयास यदि पूरे देश के स्तर पर किए जाएं, तो और भी बेहतर तस्वीर हम देख सकेंगे।

ऐसा नहीं है कि यह बदलाव भारत में ही हो रहा है। दुनिया भर के देश, खासतौर से विकसित मुल्कों में नई-नई तकनीकों से न सिर्फ रोग की पहचान की जा रही है, बल्कि उनका इलाज भी किया जा रहा है। इसीलिए, यह कहना गलत नहीं होगा कि कैंसर को लेकर बेशक कभी भय का माहौल रहा करता था, लेकिन आज इसे ऐसी बीमारी के रूप में देखा जा रहा है, जिसका इलाज संभव है। इससे मरीजों में आत्मविश्वास बढ़ा है और वे रोग पर जल्द विजय पाने लगे हैं।

लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।
