
बच्चों की आँखों के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है ओमेगा-3 फैटी एसिड Publish Date : 24/02/2026
बच्चों की आँखों के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है ओमेगा-3 फैटी एसिड
डॉ0 दिव्यांशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा
- ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर आहार बच्चों की आँखों को स्वस्थ बनाए रखता है।
हाल ही में की गई एक ग्लोबल स्टडी के अनुसार, ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर आहार न केवल व्यस्कों के लिए लाभदायक होता है, बल्कि यह बच्चों में होने वाले मायोपिया (निकट दृष्टि दोष) को रोकने में भी एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकता है। ओमेगा-3 मुख्य रूप से मछली के तेल में पाया जाता है और इसे आहार के माध्यम से लिया जाता है। यह ड्राई आई डिजीज और आयु से सम्बन्धित डिजनरेशन के जैसी समस्याओं को ठीक रेन अथवा रोकने में भी सहायता करता है।
हालंकि, मायोपिया को रोकने में इसकी भूमिका अभी तक स्पष्ट नहीं थी, क्योंकि अभी तक के अध्ययन प्रयोगिक ही रहे हैं, जिनमें लोगों को शामिल नहीं किया गया था। हांगकांग की चीनी यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर जेसन सी. याम ने बताया कि यह अध्ययन पहली बार इस प्रकार के साक्ष्य देता है कि ओमेगा-3 से भरपू का सेवन करने से आँख की एक्सियल लेंथ करके मायोपिया की सम्भावना को कम करने में सहायता करता है।

एक्सियल लेंथ आँख के सामने वाले हिस्से (कॉर्निया) से पीछे के हिस्से यानी रेटिना तक की दूरी को मापता है, जो कि मायोपिया की प्रगति को दर्शाता है। मायोपिया, जिसे निकट दृष्टि दोष के रूप में भी जाना जाता है, तब विकसित होता है जब आँख की रोशनी रेटिना के सामने फोकस करती है, जिससे दूर की वस्तुएं धुंधली दिखाई देने लगती हैं। प्रोफेसर याम ने समझाया कि ओमेगा-3 आँखों मे रक्त प्रवाह को बढ़ाता है, जो पाषक तत्वों और ऑक्सीजन को आँख के महत्वपूर्ण हिस्से, कोरॉइड तक पहुँचाता है। इससे आँख के सफेद हिस्से में ऑक्सीजन की कमी (स्क्लेरल हाइपोक्सिया) को रोका जा सकता है, जो कि मायोपिया का एक प्रमुख कारण माना जाता रहा है।
ब्रिटिश जनरल ऑफ ऑप्थल्मोलॉजी में प्रकाशित कि गए इस अध्ययन में यह भी सामने आया है कि मक्खन, पॉम ऑयल और रेड मीट जैसे सैचुरेटेड फैट से भरपूर आहार मायोपिया के खतरे को बढ़ा सकते हैं।

इस अध्ययन में चीन के 6-8 वर्ष की आयु के 1,005 बच्चों के डेटा का विश्लेषण किया गया था। इन सभी बच्चों में से 27.5 प्रतिशत (276 बच्चे) मायोपिया की समस्या से गस्त थे। शोध में पाया गया कि जिन बच्चों के आहार में ओमेगा-3 की मात्रा अधिक थी, उनमें मायोपिया का जोखिम काफी कम था, जबकि सैचुरेटेड फैट का सेवन अधिक मात्रा में करने वाले बच्चों में इसका खतरा काफी अधिक पाया गया।
हालांकि यह मात्र एक अवलोकन अध्ययन है; और यह अध्ययन केवल यह देखता है कि वास्तव में क्या हो रहा है और यह स्पष्ट रूप से यह नहीं बताता है कि ओमेगा-3 के चलते ही मायोपिया कम हुआ अथवा नहीं। इसके अलावा लोगों से पूछे गए सवालों के उत्तर उनकी यादों पर आधारित हैं, जो कि केवल एक ही समय के बारे में जानकारी प्रदान करते हैं न कि पूरे समय की।

लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।
