लंबी आयु का मंत्र, उम्र के साथ बदले खानपान का संतुलन      Publish Date : 20/02/2026

लंबी आयु का मंत्र, उम्र के साथ बदले खानपान का संतुलन

                                                                                           डॉ0 दिव्यांशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा

लंबी और स्वस्थ जिंदगी का राज सिर्फ यह नहीं है कि आप क्या खाते हैं, बल्कि यह भी है कि किस उम्र में क्या खाते हैं। हालिया शोध बताता है कि उम्र बढ़ने के साथ खानपान में संतुलित बदलाव करना 100 साल तक जीने की संभावना बढ़ा सकता है। चीन में किए गए एक बड़े अध्ययन में 80 वर्ष से अधिक उम्र के 5,000 से ज्यादा बुजुर्गों के खानपान और स्वास्थ्य पर नजर रखी गई। शोध में पाया गया कि जो बुजुर्ग पूरी तरह मांसाहार से दूर थे, उनके 100 वर्ष तक पहुंचने की संभावना मांस खाने वालों की तुलना में कुछ कम रही। हालांकि, यह निष्कर्ष उतना सीधा नहीं है जितना पहली नजर में लगता है।

दरअसल, उम्र बढ़ने के साथ शरीर की जरूरतें बदल जाती हैं। बुजुर्ग अवस्था में मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं, हड्डियों का घनत्व घटता है और भूख भी कम हो जाती है। ऐसे में कुपोषण और कमजोरी का खतरा बढ़ जाता है। इस उम्र में शरीर को कम कैलोरी लेकिन ज्यादा पोषक तत्वों की जरूरत होती है।

शोध में यह भी साफ हुआ कि पूरी तरह शाकाहारी और कम वजन वाले बुजुर्गों में ही 100 साल तक जीने की संभावना कम दिखी। जिन बुजुर्गों का वजन सामान्य था, उनमें ऐसा कोई अंतर नहीं पाया गया। इसका मतलब है कि समस्या खानपान से ज्यादा कम वजन और पोषण की कमी से जुड़ी है। महत्वपूर्ण बात यह भी है कि जिन बुजुर्गों के भोजन में मछली, दूध या अंडे शामिल थे, वे मांस खाने वालों की तरह ही लंबी उम्र तक जीवित रहे। ये खाद्य पदार्थ शरीर को प्रोटीन, विटामिन बी-12, कैल्शियम और विटामिन डी जैसे जरूरी पोषक तत्व देते हैं, जो बुढ़ापे में मांसपेशियों और हड्डियों के लिए बेहद जरूरी होते हैं।

                                        

विशेषज्ञों का कहना है कि युवा उम्र में शाकाहार कई बीमारियों से बचाव में मददगार होता है, लेकिन बहुत अधिक उम्र में प्राथमिकता बदल जाती है।

भागीरथ पुरा में कांग्रेस वार्ड अध्यक्ष की मौत

इंदौर शहर के दूषित पेयजल प्रभावित भागीरथ पुरा क्षेत्र में उल्टी-दस्त के बाद एक और व्यक्ति की मौत हो गई। मरने वाले सेवानिवृत्त शिक्षक 75 वर्षीय राजाराम बौरासी कांग्रेस के वार्ड अध्यक्ष थे। पिछले दिनों में जब दूषित पानी से लोग बीमार पड़ने लगे, तब राजाराम ने बीमार लोगों को चिकित्सीय सहायता उपलब्ध करवाने में सहयोग किया था। वह लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन विकास समिति और रेलवे पुलिस सुरक्षा समिति के सक्रिय सदस्य भी थे। शनिवार को हालत बिगड़ने के बाद स्वजन ने उनको शासकीय सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती कराया था।

लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।