व्यायाम करें, मगर संभलकर      Publish Date : 16/02/2026

          व्यायाम करें, मगर संभलकर

                                                                                           डॉ0 दिव्यांशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा

शरीर को स्वस्थ रखने के लिए व्यायाम करना जरूरी है। आज कम समय में शरीर को आकर्षक बनाने के लिए युवा गलत तरीके से जिम में एक्सरसाइज करते हैं। ऐसा करने से मांसपेशियों और जोड़ों को नुकसान हो सकता है। नियमित व्यायाम करना हमारे शरीर के लिए बहुत आवश्यक है। इससे शरीर की मांसपेशियां मजबूत बनती हैं और शरीर के जोड़ भी अच्छे से काम करते हैं। नियमित व्यायाम करने से आप घुटनों की कार्टिलेज को घिसने से बचा सकते हैं। आजकल खासकर 20-30 साल की आयु के युवाओं में कम समय में स्वस्थ और आकर्षित शरीर बनाने की होड़ लगी है। इसके लिए वे जिम में बिना किसी ट्रेनर की देखरेख में व्यायाम करने, अच्छी मांसपेशी या बॉडी बनाने के लिए आवश्यकता से अधिक व्यायाम करने, सही तरीके से व्यायाम न करने, अनावश्यक सप्लीमेंट्स, स्टेरॉयड या इंजेक्शन का गलत तरीके से इस्तेमाल करते हैं। इससे शरीर को फायदा होने के बजाय नुकसान पहुंच सकता है।

महत्वूर्ण अंगों पर असर

अनावश्यक सप्लीमेंट्स के इस्तेमाल से मसल्स तो अच्छी दिखने लगती हैं, लेकिन शरीर की हड्डियां और मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं। इनका लंबे समय तक इस्तेमाल करने से न केवल शरीर के जोड़ों को नुकसान पहुंचता है, बल्कि शरीर के कुछ महत्वूर्ण अंगों (दिल, लिवर, किडनी) को भी नुकसान पहुंचता है। अत्यधिक व्यायाम करने से कंधों और घुटनों के जोड़ों पर बुरा असर पड़ना और कमर में डिस्क की समस्या होना सबसे आम हैं। कुछ मामलों में कलाई में भी चोट लग सकती है।

घुटनों के जोड़ों पर प्रभाव

जरूरत से ज्यादा व्यायाम करने से घुटनों के जोड़ों पर बुरा असर पड़ता है। मांसपेशियों जल्दी थकने लगती हैं, जिससे चलने-फिरने में थोड़ी कमजोरी महसूस होती है। अगर मांसपेशियां ठीक से काम नहीं करेंगी, तो जोड़ जल्दी घिसने लगते हैं या लिगामेंट फट सकते हैं, जो बाद में आगे चलकर जोड़ को खराब कर देते हैं। आजकल ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ी है, जो अपने शरीर की क्षमता से ज्यादा वजन उठाते हैं या फिर ठीक तरीके से स्ट्रेचिंग किए बिना कुछ एक्सरसाइज ऐसी करते हैं, जिनसे जोड़ों में लिगामेंट या उनकेकार्टिलेज क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। कई बार क्षमता से अधिक वजन उठाने से जोड़ों में डिसलोकेशन यानी ऊपरी बांह की हड्डी (त्यूमरस) का कंधे के सॉकेट से बाहर निकलने की आशंका बढ़ जाती है। अधिक वजन उठाने से कंधों और घुटनों के जोड़ों की लिगामेंट में चोट, रीढ़ की हड्डी में डिस्क के हिलने की आशंका बढ़ जाती है। ये समस्याएं बिना किसी ट्रेनर की देखरेख में आवश्यकता से अधिक व्यायाम करने वाले युवाओं में अधिक देखने को मिलती हैं।

जरूरी सलाह

                                

व्यायाम करने के दौरान अपनी क्षमता से अधिक वजन न उठाएं। रोजाना किसी ट्रेनर की देखरेख में ही एक्सरसाइज करें। बिना वार्मअप के एक्सरसाइज न करें। अगर मसल्स मजबूत नहीं हैं, तो एक्सरसाइज करने पर मांसपेशियों और जोड़ दोनों को नुकसान पहुंचता है तथा जोड़ जल्दी घिसने लगते हैं। शरीर में लचीलापन लाने के लिए स्ट्रेचिंग करना बहुत जरूरी है, इससे हम चोट से बच सकते हैं। शरीर के अलग-अलग हिस्से की एक्सरसाइज अलग-अलग दिन में बांटकर करें जैसे-एक दिन बॉडी के ऊपरी हिस्से की एक्सरसाइज करें तो दूसरे दिन बॉडी के नीचे वाले हिस्से की एक्सरसाइज करें, क्योंकि इससे शरीर में चोट लगने की संभावना कम हो जाती है। इससे आपकी शरीर की वृद्धि बनी रहती है। अगर एक ही दिन में पूरी बॉडी की एक्सरसाइज करेंगे, तो शरीर पर बोझ ज्यादा पड़ेगा और शरीर को नुकसान होने की आशंका ज्यादा रहती है।

डाइट और सावधानियां

निर्माण के लिए अपने आहार में प्रोटीन संतुलित आहार लें। मांसपेशियों के का होना बहुत जरूरी है। प्रोटीन के लिए आप दूध और इससे बने खाद्य पदार्थों जैसे- पनीर, टोफू, सोया चंक, दाल, अंडे, मछली, चिकन आदि का सेवन करें। अगर शरीर की मांसपेशियों की ज्यादा वजन को उठाने की क्षमता नहीं है, बॉडी में लचीलापन नहीं है, तो व्यायाम के पहले ही दिन ज्यादा वजन उठाने पर मांसपेशियों के क्षतिग्रस्त होने की संभावना ज्यादा होती है। ज्यादा वजन उठाने से कमर की डिस्क के हिलने का भी जोखिम बढ़ सकता है। इससे मांसपेशियों में अकड़न के साथ तेज दर्द होता है। शुरुआत में कम वजन उठाएं, फिर धीरे-धीरे वजन उठाने की क्षमता को बढाएं। शरीर बनाने के लिए स्टेरॉयड या इंजेक्शन के इस्तेमाल से बचें। लंबे समय तक स्टेरॉयड के इस्तेमाल से कूल्हे भी खराब हो सकते हैं।

लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।