
सस्ती होंगी कैंसर की 17 दवाएं, बनेंगे पांच मेडिकल हब Publish Date : 08/02/2026
सस्ती होंगी कैंसर की 17 दवाएं, बनेंगे पांच मेडिकल हब
डॉ0 दिव्यांशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा
बुजुर्गों की सेवा के लिए अलग कोर्स का एलान कैंसर के इलाज को सस्ता और आसान बनाने के लिए बड़ी पहल की गई है। कैंसर की 17 दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी में छूट की घोषणा की गई है। 7 अन्य गंभीर रोगों की दवाओं के निजी आयात पर शुल्क से छूट इसके साथ ही दी गई है। डायब्रिटीज और ऑटोइम्यून बीमारियों की दवाओं की भी किफायती दरों पर उपलब्ध कराया जाएगा।
बुजुर्गों की देखभाल से जुड़े नए हेल्थ कोर्स शुरू किए जाएंगे, जिनमें योग और वेलनेस को अनिवार्य कौशल के रूप में शामिल किया जाएगा। इनमें केयरगिवर, होम-केयर असिस्टेंट भी शामिल होंगे। कोर्स में 12वीं पास छात्र-छात्राएं दाखिले के लिए योग्य होंगे।
जिला अस्पतालों में बढ़ेंगे आपातकालीन वार्ड
- 3 नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित किए जाएंगे
- 1,000 क्लीनिकल ट्रायल केंद्र स्थापित होगे
- 1,00000 एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स 5 साल में तैयार किए जाएंगे, क्षेत्र को दिया जाएगा बढ़ावा
- 7 अन्य जीवनरक्षक दयाओं पर भी नहीं लगाया जाएगा किसी तरह का टैक्स
- 250 से अधिक अस्पतालों में 24 घंटे मिलेगी ट्रॉमा केयर की सुविधा
10,000 करोड़ की बायोफार्मा शक्ति योजना का एलान
नवाचार को बढ़ावा देकर गैर-संचारी रोगों के उपचार को सुलभ बनाया जाएगा। इसके लिए 10 वर्षों में 10,000 करोड़ खर्च होंगे। इससे न केवल दवाओं की कीमतें कम होंगी, बल्कि बायो-फार्मा शक्ति और बायोलॉजिक्स के उत्पादन में भी भारत दुनिया का नेतृायच करेगा। इसके अलाबा जामनगर स्थित डब्ल्यूएचओ वैश्विक पारंपरिक चिकिला केंद्र को भी और सशक्त करने का प्रस्ताव किया गया है।
मानसिक सेहत के लिए दिल्ली में बनेगा निम्हांस

मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए बंगलूरू स्थित राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य व तंत्रिका विज्ञान संस्थान (निमांस) को तरह दिल्ली में संस्थान स्थापित होगा, जिसके लिए नजफग फरीदाबाद सोगा के आसपास जमीन का चयन किया जा सकता है। फिलहाल इसे 150 बिस्तरों के साथ स्थापित करने की योजना है।
आम बजट में अगले पांच साल में 3.50 लाख नई नौकरियां स्वास्थ्य क्षेत्र में पैदा होंगी, जिनमें एक लाख एलाइड स्वास्थ्य कर्मचारी और घर आकर बुजुर्गों को देखभाल करने वाले कर्मचारी शामिल होगे। साथ ही चिकित्सा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पांच क्षेत्रीय चिकित्सा हव बनाने की घोषणा की गई है।

लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।
