
युवाओं में कैंसर का खतरा क्या है समाधान Publish Date : 30/01/2026
युवाओं में कैंसर का खतरा क्या है समाधान
डॉ0 दिव्यांशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा
मधुमेह, उच्च रक्तचाप की तरह ही अब कैंसर भी आम होता जा रहा है। रोजमर्रा के जीवन में छोटे बदलाव से भी हो सकता है कैंसर से बचाव और सेहतमंद रहने के लिए लोग अब अधिक प्रयास कर रहे हैं। इसके बाद भी कैंसर इतनी तेजी से क्यों बढ़ रहा है। दरअसल, लोग स्वस्थ रहना तो चाहते हैं, परन्तु इसके अनुकूल प्रयास नहीं कर रहे हैं। ज्यादातर बच्चों को घर का खाना पसंद नहीं है। वे टिफिन में भी जंक फूड लेकर जाते हैं। यह उन्हें शुरू से ही कैंसर के जोखिम की तरफ धकेल रहा है।
इसी तरह लोग जानते हैं कि कैंसर की स्क्रीनिंग होनी चाहिए, पर यह बहुत कम लोग ही कराते हैं। इससे कैंसर का पता समय पर नहीं चल पाता। मुझे कैंसर नहीं हो सकता, अधिकांश लोग इस सोच में रहते हैं। वास्तव में कैंसर किसी को भी हो सकता है। वातावरण और आनुवंशिक कारणों को छोड़ दें तो कैंसर की बीमारी में 70 प्रतिशत योगदान खराब जीवनशैली का है।

मोहाण और कैंसरः इंस्टीट्यूट आफ कैंसर रिसर्च व इंपीरियल कालेज, लंदन के अध्ययनों की मानें तो 20 से 49 वर्ष के लोगों में थायरायड, ब्रेस्ट, किडनी, इंडोमेट्रियल व ल्यूकेमिया कैंसर के मामले अधिक बढ़ रहे हैं।
स्ट्रेस भी है जिम्मेदारः यदि आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत है तो कैंसर कारक कोशिकाएं खत्म होती रहती हैं। तनाव हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर कर देता है। स्ट्रेस में लोग अल्कोहल, धूमपान या चाय-काफी का सेवन अधिक करने लगते हैं। कैंसर के लिए यह और भी अधिक खतरनाक है। इसकी जगह ध्यान, संगीत आदि से तनाव को कम करने का प्रयास करें।
बढ़ाएं सक्रियताः हफ्ते में कम से कम 150 मिनट का व्यायाम करना कारगर रहता है। ब्रिस्क वाक, जागिंग, योग व प्राणायाम्म आदि से मोटापे को नियंत्रित रखना चाहिए। इनसे रक्त संचार बेहतर और हार्मोंस संतुलित बने रहते हैं।
कैसा हो आपका खानपान
- प्लांट बेस्ड और फाइबर युक्त चीजों को भोजन में शामिल करें।
- कार्ब और चीनी का सेवन करना कम से कम रखें।
- फल-सब्जी का सेवन अधिक मात्रा में सेवन करें।
- माइक्रोवेव का प्रयोग कम से कम करें।
- कैलोरी ग्रहण करने के अनुरूप सक्रियता रखें, ताकि वजन नियंत्रित रहे।
- ग्रीन टी, जामुन, साग व ब्रोकली, फूलगोभी आदि भोजन में शामिल करें।
19-39 उम्र के युवाओं में कैंसर तेजी से फैल रहा है।
- नेशनल कैंसर रजिस्ट्री के अनुसार, भारत में हर पांच में एक कैंसर मरीज की उम्र 40 से कम है।
- “द लांसेट और ग्लोबल बर्डन आफ डिजीज स्टडी” के अनुसार तंबाकू, अल्कोहल, मोटापा व हाइ ब्लड शुगर जैसे जोखिम कारकों पर नियंत्रण किया जाए तो 42% कैंसर मामलों को रोका जा सकता है।

लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।
