
पुरूषों की प्रजनन क्षमता कम होने के कारण एवं उपचार Publish Date : 25/01/2026
पुरूषों की प्रजनन क्षमता कम होने के कारण एवं उपचार
डॉ0 दिव्यांशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा
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मोटापा विटामिन बी 6 व 12 की कमी से घट रही पुरुषों की प्रजनन क्षमता
मोटापा और विटामिन बी6-बी12 की कमी से पुरुषों की प्रजनन क्षमता घट रही है। इससे शुक्राणु की गुणवत्ता और डीएनए को नुकसान पहुंच रहा है। यह खुलासा जेएन मेडिकल कॉलेज में हुए अध्ययन में हुआ है। अध्ययन में 18 से 55 वर्ष आयु वर्ग के 150 पुरुषों को शामिल किया गया।दो साल तक इन पुरुषों की बीएमआई (बॉडी मास इंडेक्स), रक्त में विटामिन स्तर, शुगर प्रोफाइल और शुक्राणु का विश्लेषण (स्पर्म की गिनती, गतिशीलता व संरचना) किया गया। अध्ययन में पाया गया कि किसी पुरुष में विटामिन की कमी मिली तो किसी में शुक्राणुओं के आकार में विकृति देखी गई। इसमें शुक्राणु की गुणवत्ता खराब थी, जिससे प्रजनन क्षमता पर असर पड़ रहा था।

मोटे पुरुषों के शुक्राणु में 35 फीसदी स्पर्म मोटिलिटी में 35 फीसदी तक गिरावट पाई गई, क्योंकि मस्तिष्क से हार्मोन नहीं बन पा रहे थे और न ही निकल पा रहे थे। जिन पुरुषों का बीएमआई सामान्य से अधिक था, उनमें शुक्राणुओं की संख्या में औसतन 22-28 फीसदी कमी दर्ज की गई। विटामिनबी6 और बी12 की कमी वाले समूह में शुक्राणुओं के आकार (मॉफ्रोलॉजी) में स्पष्ट विकृति देखी गई, जो सफल निषेचन की संभावना को कम करती है। शुगर या प्री-डायबिटिक प्रोफाइल वाले पुरुषों में भी वीर्य गुणवत्ता सामान्य से कमजोर पाई गई। शरीर में अधिक वसा के कारण एंडोक्राइन (हार्मोन) सिस्टम प्रभावित होता है, जिससे टेस्टोस्टेरोन स्तर घटता है।
ऐसे सुधरेगी प्रजनन क्षमता

जीवनशैली में सुधार, संतुलित आहार, रोजाना एक घंटा व्यायाम, शुगर पर नियंत्रणबदलती जीवनशैली, फास्ट फूड संस्कृति, देर रात तक जागने और बढ़ते तनाव के चलते प्रजनन समस्याएं युवाओं में तेजी से बढ़ रही हैं। नशा और सेक्सवर्धक दवाओं के सेवन से पुरुषों में बांझपन की समस्या बढ़ रही है।

लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।
