
दिल के दौरे के संकेत और लक्षणः अविलम्ब कार्यवाई करें Publish Date : 24/01/2026
दिल के दौरे के संकेत और लक्षणः अविलम्ब कार्यवाई करें
डॉ0 दिव्यांशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा
तीव्र मायोकॉर्डियल इन्फ्रार्क्शन (एएमआई) मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक है, जो दुनिया में लगभग 30 लाख लोगों को प्रभावित करता है। किसी के लिए भी दिल के दौरे का आना एक डरावनी स्थिति हो सकती है। हालांकि, इसके लक्षणों को पहचानना और समय पर उसके प्रति प्रतिक्रिया प्रदान करने से आपका जीवनी बचाया जा सकता है।
दिल के दौरे की स्थिति उस समय बनती है जब हृदय की धमनियों में रक्त का थक्का अचानक ही अवरोध उत्पन्न कर देता है, जिससे हृदय की मांसपेशियों तक रक्त का प्रवाह रूक जाता है और कुछ ही मिनटों में हृदय की मांसपेशियाँ मरने लगती है, इस स्थिति को ही तीव्र मायोकॉर्डियल इन्फ्रार्क्शन कहते हैं।
इस स्थिति में यदि समय पर उपचार नहीं मिले तो अधिक क्षति होती है और हृदय की जो मांसपेशियां मर जाती हैं वह दोबारा से नहीं बन सकती या ठीक नहीं हो सकती हैं।
समय ही जीवन है

दिल के दौरे के दौरान, ‘समय ही मांसपेशी है’ यह वाक्यांश उपचार की तात्कालिकता को प्रदर्शित करता है। दिल का दौरा उस समय होता है जब रक्त का थक्का धमनी के रक्त प्रवाह को अवरूद्व कर देता है, जिसके कारण ऑक्सीजन युक्त रक्त हृदय तक नहीं पहुँच पाता है। इस प्रकार बिना ऑक्सीजन के हृदय की मांसपेशियां कुछ ही मिनटो में मरने लगती है और जितने लम्बे समय तक यह रूकावट बनी रहती है, हृदय की क्षति भी उतनी ही अपूरणीय क्षति होती है।
तीव्र मायोकॉर्डियल इन्फ्रार्क्शन के लक्षणों को शीघ्रता से पहचानें
यदि आप दिल के दौरे के सम्बन्ध में किसी भी लक्षण का अनुभव करें तो आपको चिकित्सीय सहायता लेने में बिलकुल भी देर नहीं करनी चाहिए। हालांकि दिल के कुछ दौरे अचानक और तीव्र भी हो सकते है, जबकि कुछ हल्के दर्द या बेचैनी के साथ धीरे-धीरे भी शुरू हो सकते हैं। अतः अपने शरीर पर ध्यान दें और यदि आप नीचे दिए गए लक्षणों का अनुभव करते हैं तो आपको तुरन्त ही आपातकालीन सेवाओं को कॉल करना चाहिए-
- सीने में असहजता, जो दबाव, जकड़न, भारपन अथवा दर्द के रूप में महसूस हो सकती हैं। यह स्थिति कुछ मिनटों तक बनी रह सकती है या थोड़ा रूक-रूक कर भी हो सकती है।
- दर्द या असहजता जो आपकी बाहों, पीठ, गर्दन, जबड़े अथवा पेट में भी महसूस हो सकती है।
- सांस लेने में परेशानी, जो कि सीने में दर्द के साथ या फिर बिना दर्द के भी हो सकती है।
- ठण्ड़ा पसीना आना, मतली, तेज या दिल की अनियमित णड़कन, अत्याधिक थकान या चक्कर आदि का अनुभव रिना।
कुछ प्रमुख बातें-
लक्षणों को पहचानेः सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी, मतली, थकान या बाजू, पीठ एवं जबड़े आदि में दर्द का अनुभव करना।
अविलम्ब करें कार्यवाईः इस स्थिति में आपको तुरन्त ही आपातकालीन सेवाओं को कॉल करना चाहिए क्योंकि देरी होने से हृदय को अधिक क्षति हो सकती है।
महिलाओं में लक्षण भिन्न हो सकते हैं: महिलाओं को छाती में दर्द होने के स्थान पनर चिंता, मतली, थकान या शरीर के ऊपरी हिस्सों में दर्द हो सकता है।
महिला और पुरूषों में लक्ष्ण भिन्न देखने को मिल सकते हैं-
हालांकि, पुरूषों एवं महिलाओं दोनों में ही छाती में दर्द या असहजता (एनजाइना) सबसे अधिक सामान्य लक्षण माना जाता है, परन्तु महिलाओं में पुरूषों की अपेक्षा कुछ अतिरिक्त लक्षण भी अनुभव किए जा सकते हैं, जो कि आमतौर पर दिल के दौरे से जुड़े हुए नहीं माने जाते हैं। ऐसे लक्षणों में शामिल हो सकते हैं-
- चिंता या घबराहट होना।
- सांस लेने में कठिनाई होना।
- मतली, उल्टी या पेट का खराब होना।
- कंधे, पीठ या बाजू में दर्द होना।
- असामान्य थकान या कमजोरी महसूस करना।
क्योंकि दिल के दौरे के दौरान समय बहुत अधिक महत्वपूर्ण होता है, अतः ऐसे में पहला संकेत मिलते ही कार्यवाई करना जीवन को बचाने में सहायक हो सकती है। इन चेतावनी/संकेतों को समझना और बिना देरी किए आपातकालीन सेवाओं को कॉल करना और समय पर ही चिकित्सीय हस्तक्षेप यह सुनिश्चित् कर सकता है कि जिससे हृदय की मांसपेशियों को अधिक नुकासान से बचाया जा सकता है और परिणामों में भी सुधार किया जा सकता है। ध्यान रहे कि दिल के दौरे के मामले में जागरूकता और त्वरित कार्यवाई ही सबसे बड़ी सुरक्षा होती है।
Common HeaRT Attack Warnings and Signs
Pain or discomfort in chest
Lightheadedness, nausea or Womiting
Jaw] Neack or Back Pain
Discomfort or Pain in Arm or Shoulder
Shortness of the Breath

लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।
