
दिल का दौरा पड़ने के समय ध्यान रखने योग्य महत्वपूर्ण तथ्य Publish Date : 03/01/2026
दिल का दौरा पड़ने के समय ध्यान रखने योग्य महत्वपूर्ण तथ्य
डॉ0 दिव्यांशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा
जब किसी व्यक्ति को दिल का दौरा पड़ता है उस समय यदि उस समय ही तत्काल कोई इलाज मिल जाना ही समय ही मांग एवं आवश्यकता होती है। यह वाक्यांश उपचार की तत्कालिकता रोग की गम्भीरता को दर्शाता है। दिल का दौरा तब होता है जब रक्त का थक्का धमनी को अवरुद्ध कर देता है, जिससे हृदय तक ऑक्सीजन युक्त रक्त नहीं पहुंच पाता है और बिना ऑक्सीजन के हृदय की मांसपेशियां कुछ ही मिनट में करने में रूकावट आने लगती है, जितना अधिक समय यह रुकावट बनी रहती है उतना ही अधिक हृदय को अपूणीय क्षति होती है।
आसमान थकान और कमजोरी महसूस करना

क्योंकि दिल के दौर में समय बहुत महत्वपूर्ण होता है। पहले संकेत पर ही तुरंत कार्यवाही करना जीवन बचाने में मदद कर सकता है। इन चेतावनी संकेत को समझना और बिना देरी किए आपातकालीन सेवाओं को कॉल करना समय पर चिकित्सा सुनिश्चित कर सकता है। जिससे हृदय की मांसपेशियों को नुकसान से बचाया जा सकता है और परिणाम में सुधार किया जा सकता है। याद रखें दिल के दौरे के मामले में जागरूकता और तुरंत कार्रवाई ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।
जब किसी का हृदय रुक जाता है तो उस समय प्रत्येक सेकंड कीमती होती है लेकिन अस्पताल से बाहर कॉर्डिएक अरेस्ट के दौरान लोग तुरंत कार्रवाई करने में हिचकिचाते हैं, जिससे जीवन बचाने के महत्वपूर्ण अवसर हाथ से निकल जाते हैं। सीपीआर कार्डियो पल्मोनरी रिस्क स्टेशन को लेकर पहले गलतफहमियां इसका एक प्रमुख कारण है। सीपीआर सीखना एक स्केल नहीं बल्कि किसी की जिंदगी बचाने की शक्ति है।

आज ही सीपीआर सीखें और दिल का दौरा पड़ने पर जीवन बचाने वाली इस प्रक्रिया का हिस्सा बने। सीपीआई के लिए सर्टिफिकेशन जरूरी नहीं तुरंत शुरू करना महत्वपूर्ण है। जीवन बचाया जा सकता है। सीपीआई सीखना आसान है और हर कोई इसे सीखकर कर सकता है।
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लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।
