
माइक्रो प्लास्टिक स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक Publish Date : 30/12/2025
माइक्रो प्लास्टिक स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक
डॉ0 दिव्यांशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा
हाल ही में किए गए नए अध्ययन में सामने आया है कि पिता के माइक्रो प्लास्टिक के संपर्क में आने से बेटियों में बढ़ जाता है डायबिटीज का खतरा-
वैज्ञानिकों के द्वारा किए गए इस अध्ययन से ज्ञात हुआ है कि पिता के माइक्रो प्लास्टिक के संपर्क में आने से उनके बच्चों में मेटाबॉलिक संबंधी विकार उत्पन्न हो सकते हैं और बेटियों में डायबिटीज होने की संभावना और खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है। माइक्रो प्लास्टिक उपभोक्ता उत्पादों और औद्योगिक कचरे के विघटन से उत्पन्न होने वाले छोटे प्लास्टिक कण 5 मिली मीटर से भी कम के होते हैं।
इस अध्ययन के परिणाम जर्मन ऑफ द एंडोक्राइन सोसाइटी में प्रकाशित किए गए हैं। यह पिता के माइक्रो प्लास्टिक के संपर्क में आने और अगली पीढ़ी के दीर्घकालिक स्वास्थ्य के बीच संबंध स्थापित करने के सम्बन्ध में अपनी तरह का पहला अध्ययन है।

इस अध्ययन के लिए टीम ने चूहों को उच्च कैट वाला आहार खिलाकर उनमें मेटाबॉलिक संबंधी विकार उत्पन्न किया गया। अध्ययन के निष्कर्षों से ज्ञात हुआ कि माइक्रो प्लास्टिक के संपर्क में आने पर नर चूहो की मादा संताने, उन नर चूहों की संतानों की तुलना में मेटाबॉलिक संबंधी विकारों के प्रति अधिक संवेदनशील दिखाई दे रही थी, जिनके पिता माइक्रो प्लास्टिक के संपर्क में नहीं आए थे। जबकि सभी संतानों को एक ही प्रकार का उच्च फैट वाला आहार दिया गया था।
इस प्रकार पता चला कि मानव में भी इसी तरह का खतरा भी उत्पन्न हो सकता है। इसलिए यदि हमें अपनी नई पीढ़ी के स्वस्थ्य को सुरक्षित रखना है तो हमें माइक्रो प्लास्टिक के सम्पर्क में आने से बचना होगा, अन्यथा हमारी भावी पीढ़ी को स्वास्थ्य सम्बन्धी विकारों का अधिक समाना करना पड़ सकता है।

लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।
