
किडनी फेल होने से प्रकट होने वाले लक्षण Publish Date : 26/12/2025
किडनी फेल होने से प्रकट होने वाले लक्षण
डॉ0 दिव्यांशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, अनियंत्रित ब्लड शुगर लेवल किडनी को भी प्रभावित कर सकता है। ऐसे में हमारे स्वास्थ्य विशेषज्ञ आपको बता रहे हैं कि किडनी के खराब होने से पहले आपको अपने में कौन से लक्षण दिखाई देते हैं।
वर्तमान समय में, देश में एक बहुत बड़ी संख्या में लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं। इसीलिए डायबिटीज को साइलेंट किलर भी कहा जाता है। अगर इसे लंबे समय तक कंट्रोल न किया जाए, तो यह धीरे-धीरे जरूरी अंगों को नुकसान पहुंचाता है। हाई ब्लड शुगर लेवल समय के साथ नसों और ब्लड वेसेल्स को भी नुकसान पहुंचा सकता है। यह आंखों, दिल, नसों औरविशेष रूप से किडनी को भी प्रभावित करता है। डायबिटिक नेफ्रोपैथी, जो डायबिटीज से होने वाली किडनी की बीमारी है, डायबिटिक मरीजों में सबसे अधिक आम और गंभीर कॉम्प्लिकेशंस में से एक है। इस स्थिति में, प्रभावित व्यक्ति की किडनी खराब हो जाती है। लेकिन, आमतौर पर इसके कोई साफ, तुरंत लक्षण नहीं दिखाई देते हैं। नतीजतन, डायबिटिक मरीज अक्सर इन लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं।
जब तक लक्षण दिखते हैं, तब तक अक्सर किडनी को काफी नुकसान हो चुका होता है। इसीलिए डायबिटीज के मरीजों के लिए अपने ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखना, रेगुलर चेक-अप करवाना और अपने शरीर में कुछ खास लक्षणों पर ध्यान देना बहुत जरूरी होता है। डायबिटिक नेफ्रोपैथी होने पर दिखाई देने वाले प्रमुख लक्षणः

पैरों और आंखों के आसपास सूजनः नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार, शरीर में फ्लूइड जमा होना एक आम लक्षण है। जब किडनी ज्यादा फ्लूइड को बाहर नहीं निकाल पातीं, तो यह शरीर में जमा होने लगता है। यह फ्लूइड पैरों या आंखों के आसपास जमा हो जाता है, जिससे यहां सूजन आ जाती है। यह किडनी की समस्याओं का शुरुआती संकेत भी हो सकता है।
पेशाब में झागः अगर आपके पेशाब में बहुत ज्यादा झाग आता है, तो आपको सावधान हो जाना चाहिए। डॉक्टर कहते हैं कि झाग वाला या बुलबुले वाला पेशाब प्रोटीन लीकेज का संकेत होता है। डॉक्टर रात में बार-बार पेशाब आना, गहरे या चाय जैसे रंग का पेशाब, और पेशाब की मात्रा कम होने जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करने की सलाह देते हैं।
थकान, कमजोरीः इसके सम्बन्ध में डॉक्टर चेतावनी देते हैं कि अगर आपको छोटे-मोटे काम करने के बाद भी थकान और कमजोरी महसूस होती है, तो इसके प्रति आपको सावधान रहना चाहिए। लगातार थकान, कमजोरी, या पीठ के निचले हिस्से में भारीपन महसूस होना डायबिटिक किडनी रोग के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं। ये लक्षण तब दिखते हैं जब किडनी पर अधिक दबाव पड़ता है। अगर यह लक्षण आपके अंदर रोजाना बने रहते हैं, तो यह इस बात का संकेत है कि आपकी किडनी खतरे में हैं।
- डॉक्टरों का कहना है कि ब्लड प्रेशर में थोड़ी सी भी बढ़ोतरी को गंभीरता से लेना चाहिए क्योंकि ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में किडनी का अहम रोल होता है।
- जब किडनी ठीक से फ्लूइड को फिल्टर नहीं कर पातीं है, तो वह आपके फेफड़ों में जमा हो जाते हैं, जिससे आपको सांस लेने में परेशानी होने लगती है।
- खून में गंदगी की मात्रा बढ़ने से स्किन में गंभीर और लगातार खुजली हो सकती है।
- किडनी फेलियर की वजह से इलेक्ट्रोलाइट्स में असंतुलन से मांसपेशियों में ऐंठन की समस्या बढ़ सकती है।
- भूख न लगना भी डायबिटिक किडनी डिजीज का एक लक्षण हो सकता है।
- डॉक्टर्स का कहना है कि शरीर में टॉक्सिन्स जमा होने से मतली और बार-बार उल्टी होती है।
डॉक्टर के अनुसार, रेगुलर हेल्थ चेक-अप करवाना बहुत आवश्यक हैं. यूरिन में एल्ब्यूमिन-टू-क्रिएटिनिन रेश्यो किडनी डैमेज का शुरुआती संकेत हो सकता है। eGFR ब्लड टेस्ट से पता चलता है कि आपकी किडनी वेस्ट प्रोडक्ट्स को कितनी अच्छी तरह फिल्टर कर रही हैं। हर डायबिटिक मरीज को ये दोनों टेस्ट साल में कम से कम एक बार जरूर करवाने चाहिए। हाई ब्लड प्रेशर न सिर्फ किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है, बल्कि जानलेवा हालात भी पैदा कर सकता है।
इसलिए, रेगुलर ब्लड प्रेशर की निगरानी करना बहुत आवश्यक है, यही कारण है कि डॉक्टर इन लक्षणों को हल्के में न लेने की चेतावनी देते हैं।
निम्न फैक्टर्स भी किडनी को नुकसान पहुंचा सकते हैं:

- दर्द निवारक या पेनकिलर का अधिक प्रयोग करना।
- अधिक नमक खाने से ब्लड प्रेशर बढ़ता है, जिससे आपकी किडनी खराब हो सकती है।
- खाने में बहुत अधिक नमक का प्रयोग करना।
- प्रोसेस्ड फूड का रेगुलर सेवन करना।
- रेगुलर पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन न करना।
- रेगुलर पर्याप्त नींद का न लेना।
- अधिक मात्रा में मांस का सेवन करना।
- बहुत मात्रा में चीनी खाना।
- स्मोकिंग भी किडनी के लिए हानिकारक होता है।
- शारीरिक गतिविधि की कमी भी इसका एक महत्वपूर्ण कारक है।
इस बात का ध्यान रखें
जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज है, उनके लिए रेगुलर किडनी चेकअप न करवाना बहुत नुकसानदायक हो सकता है। बहुत से लोग अक्सर सोचते हैं कि अपनी किडनी को हेल्दी कैसे रखें। डॉक्टरों का मानना है कि ऐसी खाने-पीने की आदतों से बचना जरूरी है जो किडनी को नुकसान पहुंचाती हैं और दूसरे फैक्टर्स का भी ध्यान रखना चाहिए।
सबसे जरूरी बात, रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। हर दिन कम से कम 10 से 12 गिलास पानी पिएं। गर्मियों के महीनों में डिहाइड्रेशन से बचने के लिए यह खासकर जरूरी है। किडनी की बीमारी के किसी भी चेतावनी संकेत या लक्षण को कभी भी नजरअंदाज न करें, और अगर आपको इन में से कोई लक्षण महसूस हो तो तुरंत ही अपने डॉक्टर से सलाह करें।

लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।
