
मोबाइल फोन का अधिक प्रयोग करने के दुष्प्रभाव Publish Date : 23/12/2025
मोबाइल फोन का अधिक प्रयोग करने के दुष्प्रभाव
डॉ0 दिव्यांशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा
मोबाइल अब लोगों को कर रहा है बीमार; ज्यादा मोबाइल चलाने से कार्पल टनल सिंड्रोम का खतरा बढ़ा, इससे प्रभावित मेरठ के प्यारे लाल शर्मा जिला अस्पताल में 6 महीने में 300 मरीज पहुंच चुके हैं।
आजकल लोग मोबाइल इतना अधिक प्रयोग करने लगे हैं कि इससे अब उनके हाथ में दर्द होने लगा है. सीधी भाषा में कहें तो अब मोबाइल भी लोगों को बीमार बना रहा है।
मोबाइल का प्रयोग करना अब मुसीबत बनता जा रहा है. मोबाइल का लगातार प्रयोग करने से लोग कार्पल टनल सिंड्रोम जैसी परेशानियों के शिकार हो रहे हैं। समस्या की गंभीरता का अंदाजा इससे भी लगाया जा सकता है कि शहर में स्थित सरकारी जिला अस्पताल प्यारे लाल शर्मा में बड़ी संख्या में इस समस्या से पीड़ित मरीज पहुंच रहे हैं।

जांच में पता चला अधिक मोबाइल का अधिक इस्तेमाल करने से इन लोगों की हथेलियों को जोड़ने वाली आठ हड्डियों के आस-पास सूजन आ गई थी। मरीजों में कार्पल टनल सिंड्रोम पाया गया। इस बीमारी में हथेलियों के अंदर मौजूद मीडियन नर्व से खून की सप्लाई सही से नहीं हो पा रही थी, जिससे मरीजों के अंगूठे से लेकर हाथों में असहनीय दर्द बना हुआ था। इसके फलस्वरूप अब ऐसे मरीजों की माइक्रोस्कोपी व इंडोस्कोपी सर्जरी की गई है।
मोबाइल चलाना तो ठीक है, परन्तु एक नियमित समय तक हीः
न्यूरो साइंस विभागाध्यक्ष ने बताया, मोबाइल का अधिक इस्तेमाल करने से अंगूठे से लेकर हाथों तक में दर्द हो जाता है, तो आप मोबाइल का प्रयोग कम से कम करें। साथ ही हाथों में हल्का दर्द महसूस होने पर मोबाइल को अलग रख दें।
उन्होंने कहा, हाथों को बहुत देर तक मोड़ने से भी दर्द होता है, अतः इससे भी बचना चाहिए। उन्होंने कहा, यह दर्द अक्सर देर रात को उठता है, जिससे घबराहट होने पर मरीज को पसीना भी आ जाता है। 6 माह में ऐसे 322 से अधिक मरीजों पर स्टडी की गई थी।
डायबिटीज, हॉर्मोन ग्रोथ होने पर भी हो सकती कार्पल टनल सिंड्रोमः
विशेषज्ञों ने बताया ऐसे मरीज जो डायबिटीज पीड़ित होते हैं, या जिनमें हॉर्मोन ग्रोथ की परेशानी रहती हैं. उनमें भी एक सामान्य व्यक्ति की अपेक्षा कार्पल टनल सिंड्रोम होने की संभावना अधिक हो जाती है। उन्होंने कहा जरा सा दर्द होने या दिक्क़त होने पर मरीज को तुरंत ही डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। मोबाइल का प्रयोग जितना कम करेंगे, उतना ही आप सुरक्षित बने रहेंगे।

लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।
