
हार्मोन संतुलन में मददगार है शीर्षासन Publish Date : 18/12/2025
हार्मोन संतुलन में मददगार है शीर्षासन
शीर्षासन को आसनों का राजा कहा जाता है। यह संस्कृत के दो शब्दों 'शीर्ष' (सिर) और 'आसन' (मुद्रा) से मिलकर बना है। शीर्षासन सबसे को अधिक लाभ देने वाला आसन माना गया है। शीर्षासन का नियमित रूप से अभ्यास करने से चेहरे पर चमक आती है। बालों का झड़ना रुकता है और वे घने एवं काले बनते हैं। इससे पाचन तंत्र मजबूत होता है।
इससे अंतःस्रावी ग्रंथियां सक्रिय होकर हार्मोन का संतुलन बनाती है, जिसका संपूर्ण शरीर पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। शीर्षासन करने के लिए सबसे पहले एक कंबल या चटाई लें। अब हाथों की उंगलियों को आपस में फंसा लें और कोहनियों को कंधों की चौड़ाई जितना खोलें। अब कोहनियों और उंगलियों को मिलाकर त्रिकोण बनाएं। सिर के सबसे ऊपरी भाग को जमीन पर रखें और हथेलियां सिर के उभरे हुए हिस्से पर टिकाएं।

कमर सीधी रखें, दोनों घुटनों को मोड़ते हुए पैरों को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं। फिर पैरों को सीधा करें और शरीर को संतुलित करें। श्वास सामान्य रखें। आसन से बाहर आते समय धीरे-धीरे पैरों को मोड़ें और शवासन आसन में आएं। सिर को हाथों पर रखकर कुछ समय विश्राम करें।
इसके बाद शवासन में लेटकर शरीर को पूर्ण आराम दें। ध्यान रखे कि गर्दन पर अधिक तनाव न पड़े, इसके लिए कंधों को हल्का ऊपर उठाकर रखें। कभी भी जल्दबाजी या झटके से पैरों को ऊपर न उठाएं और न ही गर्दन पर अधिक दबाव डालें।
