सर्दियों के दिनों में हड्डियों की सेहत का रखें ध्यान      Publish Date : 12/12/2025

          सर्दियों के दिनों में हड्डियों की सेहत का रखें ध्यान

                                                                                                                                                                                डॉ0 युवराज चौधरी

फॉर्टिस अस्पताल के ऑर्थोपोडिक सर्जन डॉक्टर युवराज चौधरी ने बताया कि सर्दियों के दिनों में लोग अपनी सेहत पर विशेष ध्यान नहीं देते, जबकि सर्दियों में सेहत पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है, क्योंकि कैल्शियम की कमी होने से हड्डियों पर विपरीत प्रभाव पड़ता है।

डॉक्टर युवराज चौधरी फॉर्टिस अस्पताल नोएडा में हिप और नी रिप्लेसमेंट विशेषज्ञ है और वर्तमान में हंस हॉस्पिटल कंकरखेड़ा के निदेशक का कार्य भी देख रहे हैं। डॉक्टर युवराज चौधरी ने बताया कि आजकल लोगों में घुटनों के दर्द की अत्यधिक समस्या होती जा रही है और लोग नी रिप्लेसमेंट से बचते हैं। ऐसे में उचित जांच पड़ताल के बाद जब आवश्यकता होती है उसके बाद ही डॉक्टर द्वारा नीःरिप्लेसमेंट की अनुशंसा की जाती है। वैसे तो दवाई के सहारे और एक्सरसाइज से काफी हद तक समस्या उपचार सुनिश्चित किया जा सकता है, लेकिन जब उसमें सुधार नहीं होता तो आसानी से नई तकनीक के समावेश से नी रिप्लेसमेंट की कार्यवाही की जाती है।

कैल्शियम की कमी होने पर ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या हो जा रही है। कैल्शियम की कमी के कारण महिलाओं में यह रोग अधिक देखने को मिलता है। ऑस्टियोपोरोसिस एक ऐसी बीमारी है जिसमें हड्डियां कमजोर और भंगुर हो जाती हैं। इसका अर्थ यह है कि हड्डियों का घनत्व कम हो जाता है और वे आसानी से टूट सकती हैं। यह बीमारी विशेष रूप से बुजुर्गों में अधिक देखी जाती है, हालांकि यह बीमारी किसी भी उम्र में हो सकती है। 

                                                               

ऑस्टियोपोरोसिस का मुख्य कारण हड्डियों में कैल्शियम और अन्य खनिजों की कमी होना है। इसके अलावा, उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों का नवीनीकरण भी धीमा हो जाता है। महिलाओं में यह समस्या विशेष रूप से मेनोपॉज के बाद अधिक होती है, क्योंकि महिलाओं में इस समय एस्ट्रोजन हॉर्मोन का स्तर कम हो जाता है, जो हड्डियों को मजबूत बनाए रखने में मदद करता है।

इस बीमारी के लक्षण शुरू में स्पष्ट नहीं होते, लेकिन जब हड्डियां कमजोर हो जाती हैं तो कमर या पीठ में दर्द, ऊंचाई में कमी और हड्डियों का टूटना आम हो जाता है।

                                                          

ऑस्टियोपोरोसिस से बचाव के लिएः

- पर्याप्त कैल्शियम और विटामिन D का सेवन करें।

- नियमित व्यायाम करें, खासकर वजन उठाने वाले व्यायाम।

- धूम्रपान और शराब आदि का सेवन करने से बचें।

- डॉक्टर की सलाह से हड्डियों की नियमित जांच कराएं।

अगर समय रहते इसका इलाज किया जाए तो हड्डियों को मजबूत रखा जा सकता है और फ्रैक्चर से बचा जा सकता है। इसलिए, हड्डियों की सेहत का ध्यान रखना बहुत जरूरी है।

लेखकः डॉक्टर युवराज चौधरी ऑर्थोपोडिक्स सर्जन, निदेशक हंस हॉस्पिटल कंकरखेड़ा रोड निकट डिफेंस कॉलोनी के सामने मेरठ।