
सर्दियों में स्किन रोगों के होने का खतरा सबसे अधिक Publish Date : 10/12/2025
सर्दियों में स्किन रोगों के होने का खतरा सबसे अधिक
डॉ0 दिव्यांशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा
सर्दियों के मौसम में स्किन सम्बन्धी समस्याएं, विशेषकर खुजली, एक्जिमा और डैंड्रफ आदि का होना एक आम बात हैं। इन समस्याओं के होने का मुख्य कारण सूखी और ठंडी हवा होता है, ऐसे में हमें इन समस्याओं से बचने के लिए क्या-क्या सावधानियां बरतनी चाहिए? बता रहे हैं हमारे स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ0 दिव्यांशु सेंगर-
सर्दियों का मौसम और तेज़, सूखी हवाएं स्किन की अनेक समस्याओं जैसे त्वचा का सूखापन, खुजली, एक्जिमा और सोरायसिस को और अधिक खराब कर सकती हैं, क्योंकि ठंडी, सूखी हवा स्किन की नमी को सोख लेती है और इसके नेचुरल बैरियर को कमजोर कर देती है, जिससे इन्फेक्शन और एलर्जी का खतरा बढ़ जाता है।
इसके परिणाम स्वरूप, स्किन से जुड़ी समस्याएं अधिक आम हो जाती हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी को इस मौसम में उचित सावधानियां बरतनी चाहिए। मेडिकल एक्सपर्ट्स का कहना है कि भीड़ वाले स्थानों और हॉस्टल में रहने वाले स्टूडेंट्स में इन स्किन सम्बन्धी समस्याएं होने की संभावना अधिक होती है। हालांकि, इस दौरान हाउसवाइव्स को भी कई तरह की स्किन प्रॉब्लम्स हो सकती हैं।
सर्दियों के मौसम में इन बातों का रखें विशेष ध्यान

- हॉस्टल में स्किन प्रॉब्लम (जैसे मुंहासे, इन्फेक्शन सूखापन, खुजली, एक्जिमा और सोरायसिस) से बचने के लिए, उचित साफ-सफाई बनाए रखना, हेल्दी खाना खाना, खूब पानी पीना और पर्सनल चीजें शेयर न करना बहुत जरूरी होता है। इस दौरान मॉइस्चराइजर लगाना और सनस्क्रीन लगाना भी स्किन को हेल्दी और इन्फेक्शन से बचाने के लिए आवश्यक साधन हो सकते है।
- सर्दी के महीनों में जितना हो सके घर के अंदर ही रहना चाहिए। घर से बाहर जाते समय सूती या ऊनी कपड़े पहनें जो आपकी त्वचा को पूरी तरह से ढक सकें और सनस्क्रीन लोशन का उपयोग अवश्य ही करते रहना चाहिए।
- सर्दियों में विशेषरूप से ग्लिसरीन युक्त साबुन का उपयोग करना उचित रहता है। इसके साथ ही गुनगुने पानी से स्नान करना चाहिए और साथ ही, त्वचा में नमी बनाए रखने के लिए हर 2 घंटे में नारियल तेल और मॉइस्चराइजर क्रीम का भी उपयोग करते रहना चाहिए।
- साथ ही प्रतिदिन कम से कम 3 लीटर पानी का सेवन अवश्य करना चाहिए। विटामिन सी से भरपूर खाद्य पदार्थ सेवन करना लाभकारी रहता है। अगर आपको सोरायसिस, एक्जिमा या रैशेज हो जाएं, तो तुरंत किसी त्वचा रोग के विशेषज्ञ से सलाह कर उपचार कराना और घर पर अपने आप ही उपचार करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए और डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही अपना ख्याल रखना बेहतर है।
- अधिकांशतः गृहिणियां बर्तन धोने के लिए साबुन का प्रयोग करती हैं। ऐसे में काम खत्म करने के तुरंत बाद वह अपने हाथों को अच्छे से धो लें और उनके ऊपर नारियल का तेल, मॉइस्चराइजर क्रीम और अन्य कोई मलहम लगा लें। ऐसा करने से सर्दियों की इन समस्याओं से बचाव होगा।
ठंडे मौसम से स्किन की समस्याओं के लक्षण इस प्रकार के होते है-

एक्जिमा सूखी त्वचा के कारण होता है और इससे बहुत अधिक खुजली होती है। ऐसे में त्वचा को खुजलाने से उसमें रैशेज और सूजन आदि की समस्या हो सकती है।
जिन बच्चों को सर्दी, खांसी या दूसरी बीमारियां होती हैं, उन्हें एटोपिक डर्मेटाइटिस होने का खतरा अधिक होता है, जिससे उनकी त्वचा पर लाल धब्बे पड़ जाते हैं। एटोपिक डर्मेटाइटिस (एक्जिमा) एक पुरानी, सूजन वाली त्वचा की बीमारी है जिसमें त्वचा बहुत ज्यादा सूखी, लाल, खुजली वाली और पपड़ीदार हो जाती है।
सोरायसिस से त्वचा पर रैशेज हो जाते हैं। यह रैशेज पपड़ीदार और खुजली वाले हो जाते हैं और सिर की त्वचा पर डैंड्रफ भी जमा हो जाता है।
सेबोरहाइक डर्मेटाइटिस से सिर की त्वचा पर पपड़ी जम जाती है और एड़ियों, होंठों और हाथों पर दरारें पड़ जाती हैं।
ध्यान देने वाली बात
अगर आप स्किन प्रॉब्लम का उपचार इसकी प्रारम्भिक स्टेज में ही करवाते हैं, तो प्रॉब्लम बिना किसी कॉम्प्लिकेशन के ठीक हो सकती है। वहीं, अगर आप इसे नजरअंदाज करेंगे, तो आपकी बीमारी और अधिक बढ़ सकती है। सोरायसिस और एक्जिमा से पीड़ित लोगों को अपने डॉक्टर की सलाह के अनुसार रेगुलर दवाएं लेनी चाहिए। सर्दियों में, आपको हमेशा अपनी स्किन को मॉइस्चराइज रखने का प्रयास करना चाहिए।

लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।
