
महिलाओं में होने वाला वजाइनल इन्फेक्शन और इससे छुटकारा पाने के उपाय Publish Date : 02/12/2025
महिलाओं में होने वाला वजाइनल इन्फेक्शन और इससे छुटकारा पाने के उपाय
डॉ0 दिव्यांशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा
यीस्ट इन्फेक्शन कभी भी अपने आप से ठीक नहीं हो सकता और इसके समाधान के लिए डॉक्टर से सलाह लेना और सटीक उपचार करवाना बेहद जरूरी होता है। प्रत्येक महिला अपनी वजाइनल प्रॉब्लम या परेशानियों के बारे में बात करने में अपने आप में कम्फर्टेबल महसूस नहीं करती है। सच्चाई तो यह है कि बहुत ही कम महिलाएं वास्तव में अपनी वजाइना का ध्यान रख पाती हैं और उसे रेगुलर तौर पर सही तरीके से साफ करती हैं। वजाइना को नैचुरली हेल्दी सेक्रिशन निकालकर खुद को अच्छी कंडीशन में रखने के लिए डिजाइन किया गया है, लेकिन इसका मतलब यह कतई भी नहीं है कि आपको इसकी देखभाल करने की जरूरत ही नहीं है। एक महिला की अपनी पूरे जीवन काल में और अलग-अलग सेक्सुअल-रिप्रोडक्टिव स्टेज के दौरान वजाइना में विभिन्न प्रकार के बैक्टीरियल और फंगल इन्फेक्शन हो सकते हैं। यीस्ट इन्फेक्शन ऐसे सबसे आम इन्फेक्शन में से एक है, जिसकी शिकायत अधिकतर महिलाएं करती रही हैं। ऐसे में हमारे स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ0 दिव्यांशु सेंगर आपको बता रहे हैं कि वजाइनल यीस्ट इन्फेक्शन क्या है, यह कब होता है और इसका उचित उपचार क्या हो सकता है?
वजाइनल यीस्ट इन्फेक्शन क्या है और यह कब होता है?
स्त्री रोग विशेषज्ञों के अनुसार, वजाइनल यीस्ट इन्फेक्शन तब होता है जब कैंडिडा नाम का फंगस का स्तर बहुत अधिक बढ़ जाता है। कैंडिडा आम तौर पर आपके शरीर में बिना किसी परेशानी के ही बना रहता है। लेकिन जब यह अनबैलेंस हो जाता है, तो यह तेजी से बढ़ता है और यीस्ट इन्फेक्शन का कारण बन जाता है। यीस्ट इन्फेक्शन के कारण महिला की वजाइना में जलन, खुजली और लालिमा आदि की समस्या हो सकती है और वजाइनल डिस्चार्ज में भी बदलाव हो सकता है। यह सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इन्फेक्शन (STI) नहीं है।
वजाइनल यीस्ट इन्फेक्शन का दूसरा नाम वजाइनल कैंडिडिआसिस है। 4 में से 3 महिलाओं को अपनी जिंदगी में कम से कम एक बार यीस्ट इन्फेक्शन अवश्य हुआ होता है। लगभग आधी महिलाओं को यह दो या उससे अधिक बार भी होता है। यह प्यूबर्टी के बाद और मेनोपॉज से पहले की एक सबसे आम समस्या है।
यीस्ट इन्फेक्शन के कॉमन लक्षण

- वजाइना में या उसके आस-पास खुजली या जलन आदि की समस्या।
- गाढ़ा, सफेद रंग का डिस्चार्ज होना।
- वल्वा और वजाइना के आस-पास लालिमा और सूजन रहना।
- वेजाइनल स्किन में छोटे कट या दरारें होना।
- पेशाब करते समय जलन होना।
- सम्भोग के दौरान दर्द का अनुभव करना।
यीस्ट इन्फेक्शन के लक्षण आपकी वेजाइना को प्रभावित करने वाली दूसरी बीमारियों जैसे हो सकते हैं। अगर आपको इनमें से कोई भी लक्षण महसूस हो, तो अविलम्ब किसी हेल्थकेयर प्रोवाइडर से संपर्क करें ताकि वे आपकी अच्छी तरीके से जांच कर आपको उपचार दे सकें।
वेजाइनल यीस्ट इन्फेक्शन के कारण
कैंडिडा नाम के फंगस का स्तर अधिक बढ़ जाने से वेजाइनल यीस्ट इन्फेक्शन होता है। यह फंगस आपके शरीर में कई जगहों पर रहता है। माना जाता है कि यह वहीं पनपता है जहां दूसरे बैक्टीरिया इसकी ग्रोथ को कंट्रोल में रखने में मदद करते हैं। लेकिन कुछ फैक्टर इस बैलेंस को बिगाड़ देते हैं। जब ऐसा होता है, तो कैंडिडा बेकाबू होकर बढ़ने लगता है, जिससे यीस्ट इन्फेक्शन हो जाता है।
यीस्ट इन्फेक्शन के कुछ अन्य कारण
एंटीबायोटिक्स लेना- आपके शरीर में इन्फेक्शन का इलाज करने के लिए प्रयोग की जाने वाली एंटीबायोटिक्स आपकी वजाइना में अच्छे बैक्टीरिया को मार सकती हैं। अच्छे बैक्टीरिया के बिना, यह बैलेंस बिगड़ जाता है, जिससे यीस्ट इन्फेक्शन होता है।
प्रेग्नेंसी और हॉर्मोन- कोई भी चीजें हैं जो आपके हॉर्मोन को बिगाड़ती है या बदलती है, वह आपकी वजाइना में कैंडिडा के बैलेंस को भी बिगाड़ सकती है। इसमें प्रेग्नेंट होना, बर्थ कंट्रोल पिल्स का प्रयोग करना और आपके पीरियड्स के दौरान होने वाले नॉर्मल हॉर्मोनल बदलाव शामिल हैं।
कमजोर इम्यून सिस्टम- ऐसी बीमारी होना जो आपके इम्यून सिस्टम को भी कमजोर कर सकती है, आपको यीस्ट इन्फेक्शन के प्रति अधिक सेंसिटिव बना सकती है।
डायबिटीज का अनकंट्रोल्ड होना- आपके यूरिन में अधिक शुगर यीस्ट को बढ़ने और बढ़ने में मदद करता है। अनकंट्रोल्ड डायबिटीज भी आपके इम्यून सिस्टम को कमजोर कर सकती है।
दूसरी चीजें जो आपके रिस्क को बढ़ाती हैं, उनमें शामिल हैः-

- गीले कपड़े या स्विमसूट में अधिक समय तक रहना।
- टाइट, कम हवादार कपड़े पहनना।
- खुशबूदार टैम्पोन, स्प्रे, साबुन या डियोड्रेंट का प्रयोग करना।
क्या यीस्ट इन्फेक्शन छूत की बीमारी है?
आमतौर पर यीस्ट इन्फेक्शन को छूत की बीमारी नहीं माना जाता है, लेकिन कुछ मामलों में, आप इसे अपने सेक्स पार्टनर को भी दे सकते हैं।
यीस्ट इन्फेक्शन का उपचार किस प्रकार से किया जाता है?
एंटीफंगल दवाएं अधिकतर वजाइनल यीस्ट इन्फेक्शन का उपचार करती हैं। यह आपके शरीर में यीस्ट की अधिक ग्रोथ से लड़कर उसके विरूद्व काम करती हैं। यह दवाएं या तो ओरल होती हैं या टॉपिकल, जो सात दिनों तक रोजाना उपयोग की जाती हैं। आप दवाएं अपनी वजाइना पर टॉपिकल लगा सकती हैं या उन्हें किसी एप्लीकेटर का उपयोग कर अपनी वजाइना के अंदर भी रख सकती हैं। अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से जरूर मिले और उनसे सलाह लें।
ध्यान दें, कि यदि आप यीस्ट इन्फेक्शन के लिए दवा ले रहे हैं, तो इलाज पूरा होने तक आपको सेक्स करने से बचना चाहिए, क्योंकि इस दौरान सेक्स करने से जलन बढ़ सकती है और कुछ एंटीफंगल दवाएं कंडोम और डायाफ्राम में इस्तेमाल होने वाले मटीरियल को भी कमजोर कर सकती हैं।
यीस्ट इन्फेक्शन कितने समय तक बना रह सकता है?
अधिकतर यीस्ट इन्फेक्शन दवा से कुछ दिनों में ठीक हो जाते हैं, लेकिन इसमें एक हफ्ते तक का समय लग सकता है। अधिक गंभीर मामलों में यह समय ओर अधिक तक बना रह सकता है और लंबे समय तक इलाज की जरूरत पड़ सकती है। इस मामले पर अपने हेल्थकेयर प्रोवाइडर से बात करना जरूरी है। वे आपके यीस्ट इन्फेक्शन के टाइप और गंभीरता के आधार पर सबसे अच्छा इलाज बता सकते हैं।

लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।
