फेफड़ों में इन्फेक्शनः प्रमुख लक्षण      Publish Date : 29/11/2025

                        फेफड़ों में इन्फेक्शनः प्रमुख लक्षण

                                                                                                                                                                         डॉ0 दिव्यांशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा

फेफड़ों में इन्फेक्शन विभिन्न कारणों के चलते हो सकता है. इसके लक्षण कभी-कभी हल्के होते हैं, जिन्हें अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है, लेकिन इसे हल्के में लेने की भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है।

फेफड़ों में इन्फेक्शन का अर्थ है कि बैक्टीरिया, वायरस या फंगस से फेफड़ों में इन्फेक्शन हो जाता है या उनमें सूजन आ जाती है.। यह इन्फेक्शन फेफड़ों के काम पर असर डालता है और सांस लेने में दिक्कत पैदा कर सकता है। ऐसे में जिन लोगों का इम्यून सिस्टम कमजोर होता है, जैसे कि बुज़ुर्ग, छोटे बच्चे, और डायबिटीज या पुरानी बीमारियों को भोगने वाले लोगों को इसका सबसे अधिक खतरा होता है। फेफड़ों के इन्फेक्शन को निमोनिया भी कहते हैं।

जो लोग स्मोकिंग करते हैं और लगातार प्रदूषित हवा के संपर्क में रहते हैं, वे भी इन्फेक्शन को ज्यादा तेजी से फैला सकते हैं। साथ ही, जिस व्यक्ति को हाल ही में सर्दी या फ्लू हुआ हो, उसे फेफड़ों में इन्फेक्शन होने का खतरा अधिक होता है।

                                                                          

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार, फेफड़ों में इन्फेक्शन कई कारणों से हो सकता है। इसका सबसे आम कारण बैक्टीरिया और वायरस से होने वाला इन्फेक्शन है, जो सर्दी, फ्लू या सांस की दूसरी बीमारी के दौरान फेफड़ों तक पहुंचता है। इसके अलावा, कमजोर इम्यून सिस्टम, स्मोकिंग, प्रदूषित माहौल में रहना और पुरानी खांसी या गले की समस्या होने से भी इन्फेक्शन का खतरा बढ़ सकता है।

कुछ लोगों को जिन्हें डायबिटीज, दिल की बीमारी या अस्थमा जैसी पुरानी बीमारियां हैं, उनमें इन्फेक्शन अधिक गंभीर हो सकता है। फेफड़ों की ठीक से सफाई न करना और खराब खान-पान से भी इसका खतरा बढ़ जाता है, इसलिए, अगर आपको इसके लक्षण दिखें, तो आपका तुरंत ही इसका उचित उपचार करवाना आवश्यक है।

फेफड़ों में इन्फेक्शन के लक्षणः

अमेरिकन लंग एसोसिएशन के अनुसार, फेफड़ों में इन्फेक्शन के लक्षण हल्के या गंभीर हो सकते हैं। आमतौर पर इसके शुरुआती लक्षणों में अक्सर लगातार खांसी, बलगम या कफ, हल्का बुखार, थकान और सांस लेने में दिक्कत आदि शामिल हैं। कुछ मामलों में, सीने में दर्द, तेज बुखार, हड्डी या मांसपेशियों में दर्द, छींक आना या गले में खराश का होना भी इसके संकेत हो सकते है।

गंभीर इन्फेक्शन में सांस लेने में दिक्कत, तेजी से सांस लेना, चेहरा नीला या पीला पड़ना और लगातार तेज बुखार शामिल हो सकता है। ऐसे में अगर आपको अपने आप में यह लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें, क्योंकि इन्फेक्शन बिगड़ सकता है और यह जानलेवा भी सिद्व हो सकता है।

बचाव के तरीकेः

                                                    

  • मास्क पहनें और गंदी या भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।
  • खांसते या छींकते समय अपने हाथ धोएं और टिशू या कोहनी का इस्तेमाल करें।
  • स्मोकिंग और सिगरेट से दूर रहें।
  • अपने इम्यून सिस्टम को मजबूत रखने के लिए बैलेंस्ड और पौष्टिक खाना खाएं।
  • समय पर वैक्सीन लगवाएं, जैसे फ्लू या न्यूमोकोकल वैक्सीन।
  • घर के अंदर और आसपास की हवा को साफ रखें और वेंटिलेशन का ध्यान रखें।

भारत में सांस लेने में दिक्कत एक गंभीर हेल्थ प्रॉब्लम बनती जा रही है, जिससे लाखों लोग परेशान हैं। लाखों लोग सांस की बीमारियों से परेशान हैं। भारत में करीब 3.5 करोड़ लोग अस्थमा से परेशान हैं। तो वहीं, COPD भारत में सांस की बड़ी प्रॉब्लम में से एक है, जिससे 5.523 करोड़ लोग परेशान हैं। खराब एयर क्वालिटी से अस्थमा, COPD और इंफेक्शन जैसी सांस की बीमारियां होती हैं। गाड़ियों से होने वाला पॉल्यूशन, इंडस्ट्रियल एमिशन, कंस्ट्रक्शन का काम और खेती में पराली जलाने से हवा पर बुरा असर पड़ता है। इसके अलावा, घर के एयर पॉल्यूशन से भी सांस की बीमारियां होती हैं। दूसरे कारणों में तंबाकू स्मोकिंग, उम्र, सर्दी-जुकाम और क्रोनिक साइनसाइटिस आदि शामिल हैं।

ध्यान देने वाली बातः

आपके फेफड़े आपके शरीर के सबसे जरूरी अंगों में से एक हैं। हर सांस के साथ, आप न सिर्फ अपने फेफड़ों में हवा लेते हैं, बल्कि पॉल्यूटेंट, धूल, जलन पैदा करने वाली चीजें या धुआं जैसी नुकसानदायक चीजें भी अंदर लेते हैं। इन सभी कारणों का आपके फेफड़ों की सेहत पर बुरा असर पड़ता है, जिससे सांस लेना मुश्किल हो जाता है। इससे फेफड़ों की गंभीर बीमारी हो सकती है। इसलिए, हेल्दी रहने के लिए अपने फेफड़ों को डिटॉक्स करना बहुत जरूरी है।

लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।