प्रोटीन की सही मात्रा का सेवन करे वजन को नियंत्रित      Publish Date : 25/11/2025

          प्रोटीन की सही मात्रा का सेवन करे वजन को नियंत्रित

                                                                                                                                                                   डॉ0 दिव्यांशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा

क्या जिम, वर्कआउट में पसीना बहाने और आहार में प्रोटीन की मात्रा संतुलित करने के बाद भी वजन घटाने में संघर्ष करना पड़ता है? ऐसा है तो आप अकेले नहीं हैं। आज इंटरनेट मीडिया पर ऐसे वीडियो की भरमार है, जिनमें प्रोटीन की मात्रा बढ़ाकर वजन घटाने की सलाह दी जाती है। यदि आप भी इन सलाह पर अमल कर रहे हैं तो बता दें कि केवल प्रोटीन लेना ही समाधान नहीं है। यह जानना आवश्यक है कि किसे कितना प्रोटीन चाहिए। मसलन, यह उम्र, लिंग, शारीरिक गतिविधि के स्तर और समग्र सेहत के अलग-अलग कारणों पर निर्भर करता है।

ऊतकों के निर्माण और मरम्मत के साथ प्रोटीन जरूरी हार्मोन के निर्माण में भी सहायक है। मांसपेशियों की मजबूती, बच्चों के विकास के लिए प्रतिदिन के आहार में प्रोटीन की उचित मात्रा जरूरी है। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर होती है। विशेषकर वजन घटाने और मांसपेशियों के निर्माण के लिए यदि आप प्रोटीन ले रहे हैं, तो इसकी मात्रा, गुणवत्ता आदि को लेकर भी सतर्क रहें।

                                                             

वजन प्रबंधन से संबंध: कार्बोहाइड्रेट, वसा की तुलना में प्रोटीन से पेट अधिक भरा हुआ महसूस होता है। भूख बढ़ाने में सहायक घेलीन हार्मोन के उचित उत्पादन और प्रबंधन में भी प्रोटीन की भूमिका होती है। इसलिए प्रोटीन और वजन प्रबंधन का ठोस संबंध बताया जाता है। प्रोटीन पाचन क्रिया के दौरान शरीर को उचित कैलोरी प्रदान करने के लिए मदद करता है। अगर उचित मात्रा में प्रोटीन न लिया जाए तो शरीर पर अधिक दवाब पड़ता है।

न बन जाए चुनौतीः यदि आप दैनिक आहार में आवश्यकता से अधिक प्रोटीन लेते हैं तो शरीर इसे ग्लूकोज में बदल देता है। यह वसा के रूप में शरीर में इकट्ठा होने लगता है। कैलोरी अधिक हो जाए तो प्रोटीन भी आपका वजन बढ़ा सकता है। प्रोटीन मेटाबोलिज्म प्रक्रिया के बाद जो अपशिष्ट बचता है, वह यूरिया होता है। यह अधिक बढ़ जाए तो किडनी, पर अतिरिक्त भार डालता है। किडनी का कार्य अपशिष्ट को बाहर निकालना है, पर लंबे समय तक वह ऐसा नहीं कर सकता। यदि पहले से किडनी की समस्या है तो यह और भी परेशान कर सकता है। लंबे समय तक अधिक प्रोटीन का सेवन करने से पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं, डिहाइड्रेशन हो सकता है और पोषक तत्वों में असंतुलन भी हो सकता है, यानी आप केवल प्रोटीन लेते रहें तो दूसरे पोषक तत्व लेने में लापरवाही हो सकती है।

इन बातों का रहे ध्यान

                                                  

  • क्रेविंग यानी अधिक खाने की इच्छा कम करने के लिए प्रोटीन के साथ फाइबर व स्वस्थ वसा भी लेना चाहिए।
  • दैनिक आहार में प्रोटीन एक ही बार में लेने के बजाय हर पहर में इसकी कुछ मात्रा शामिल करें।
  • उच्च प्रोटीन डाइट जैसे प्रोसेस्ड मीट और सेचुरेटेड फैट के साथ लेने से हृदय या किडनी की बीमारी की आशंका बढ़ती हैं।
  • यदि आप उच्च प्रोटीन डाइट लेना चाहते हैं तो पहले किसी डाइटिशियन या विशेषज्ञ से समझ लें।
  • अगर हाइ स्ट्रेंथ ट्रेनिंग वाले एक्सरसाइज नहीं कर रहे हैं तो उच्च मात्रा में प्रोटीन डाइट नुकसानदेह है।
  • प्रोटीन को अन्य पोषक तत्वों के साथ संतुलित करें। लीन प्रोटीन के लिए चिकन, मछली, अंडे, फलियां व प्लांट बेस्ड प्रोटीन का चुनाव करें।
  • शाकाहारी हैं तो वजन घटाने और प्रोटीन को आहार में शामिल करने के लिए दाल के साथ-साथ बीन्स का उपयोग कर सकते हैं।
  • ड्रॉइ फ्रूट्स में प्रोटीन होता है। खासकर बादाम और अखरोट में प्रोटीन के साथ फाइबर की भी अच्छी मात्रा होती है।

लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।