वायरल फ्लू: बरतें विशेष सतर्कता      Publish Date : 24/11/2025

                     वायरल फ्लू: बरतें विशेष सतर्कता

                                                                                                                                                                          डॉ0 दिव्यांशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा

तेज बुखार, सर्दी-खांसी, बदन दर्द मौसमी फ्लू के लक्षण हो सकते हैं। ऐसे में तुरंत उपचार की आवश्यकता होती है। फ्लू और बुखार से कैसे करना है बचाव बता रहें हैं हमारे स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ0 दिव्यांशु सेंगर-

इन दिनों दिल्ली-एनसीआर समेत देश के कई हिस्सों में एच३एन-2 फ्लू के मामले सामने आ रहे हैं। बारिश के बाद ऐसे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है, क्योंकि नमी बढ़ने से वायरस को फैलने के लिए उपयुक्त वातावरण मिल जाता है। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक एचएन-2 वायरस प्रोटीन संयोजन से पहचाना जाता है। इसमें दो खास प्रोटीन हेमाग्लगुटिनिन (एच३) और न्यूरामिनिडेस (एन2) होते हैं।

                                                                 

सर्दी और बुखार न करें नजरअंदाज: वायरल संक्रमण में धीरे-धीरे शरीर में दर्द और बुखार बढ़ने लगता है। यह आसानी से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक फैलता है, इसलिए सार्वजनिक स्थानों पर या किसी से मिलते समय सतर्कता बरतने की जरूरत होती है। मौसम में हो रहे बदलावों और प्रदूषण को देखते हुए सेहत को लेकर सतर्कता बरतने की आश्यकता होती है।

फ्लू में होते हैं सामान्य तरह के लक्षण: पहले एक-दो दिन 101-102 डिग्री का तेज बुखार आता है। इसके साथ सर्दी-खांसी, गले में खराश, बदन दर्द, उल्टी या दस्त जैसी समस्याएं देखने में आती हैं। कुछ लोगों को सांस लेने में कठिनाई महसूस होती है। समस्या बढ़ने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।

पहले से बीमार लोग रहें सतर्क: बच्चे, बुजुर्ग, किडनी या डायबिटीज से पीड़ित व्यक्ति या फिर सांस की बीमारी वालों को अधिक परेशानी हो रही है।

कैसे करें बचाव

  • दो दिन से ज्यादा बुखार रहने पर डाक्टर की सलाह अवश्य लें।
  • घर से बाहर निकलने से पहले मास्क जरूर पहनें। भीड़-भाड़ में जाने से बचें।
  • पर्याप्त पानी पिएं। ओआरएस का घोल लें।
  • साबुन से हाथ धोएं, स्वच्छता रखें।
  • पोषणयुक्त आहार लें ताकि शरीर में कमजोरी न आए।
  • अगर पहले से कोई मेडिकेशन ले रहे हैं तो उसे डाक्टर की सलाह से ही लें।

लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।