
चिकनगुनिया की सूजन के विरूद्व सहायक हो सकती है मच्छर की लार Publish Date : 10/11/2025
चिकनगुनिया की सूजन के विरूद्व सहायक हो सकती है मच्छर की लार
सिंगापुर के शोधकर्ताओं ने एक ऐसे तंत्र की पहचान की है, जिसमें चकिनगुनिया के के वायरस के संक्रमण के बाद मच्छर की लार का उपयोग मानव के शरीर की इम्युनिटी को बढ़ाने में कारगर सिद्व हो सकती है।
नेचर कम्युनिकेशंस में प्रकाशित शोध के द्वारा ज्ञात हुआ है कि एडीज मच्छर की लार में मौजूद एक बायोएक्टिव पेप्टाइड, सियालोकिनिन रिसेप्टर्स से जुड़ता है और यह मोनोसाइट सक्रियण को दबा देता है।

यह चिकनगुनिया के संक्रमण के बाद आने वाली सूजन को कम करने और वायरस के प्रसार को रोकने में सहायता करता है। डॉ0 स्यू-वाई फोंग ने बताया कि यह अध्ययन इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि मच्छरों की लार के प्रोटीन न केवल वायरस के निष्क्रिय वाहक है, बल्कि मेजबान की प्रतिरक्षा के सक्रिय नियंत्रक भी होते हैं।
सियालोकिनिन या इसके रिसेप्टर्स इंटरैक्शन को लक्षित कर सूजन को कम करने और चिकनगुनिया वायरस और अन्य सम्भावित अन्य ऑर्बोवायरस संक्रमणों के परिणामों को सुधारने की दिशा में नई चिकित्सीय रणनीतियों का प्रतिनिधित्व कर सकता है।
चिकनगुनिया संक्रमण मानव के जोड़ों में दर्दनाक सूजन का कारण बनता है, जो कि कई महीनों तक भी बना रह सकता है। शोध टीम ने मच्छर की लार में सियालोकिनिन को एक प्रमुख कारक के रूप में पहचाना है, जो कि निर्धारित करता है कि शरीर में संक्रमण के प्रति किस प्रकार से प्रतिक्रिया व्यक्त करता है।
