प्रदूषित वायु और उसके स्वास्थ्य पर प्रभाव      Publish Date : 25/10/2025

                प्रदूषित वायु और उसके स्वास्थ्य पर प्रभाव

                                                                                                                                                                              डॉ0 दिव्यांशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा

प्रदूषित वायू के कारण बीपी बढ़ने से दिल की समस्या भी बढ़ सकती है। त्यौहार पर मीठा और नमकीन का अधिक सेवन करने से भी यह समस्या बढ़ती है। इसके अलावा मौसम में होने वाले बदलाव के चलते प्रदूषित हवा के कारण सुबह शाम धुंध की स्थिति बनी रहती है। यह स्थिति बीपी, शुगर और दिल के मरीजों को परेशान कर सकती है।

ब्लड प्रेशर एवं शुगर के मरीजों में घबराहट, कमजोरी, चक्कर आने, पेट दर्द और खांसी के साथ उल्टी आने की शिकायत भी हो सकती है तो इसे नजर नजरअंदाज बिलकुल भी न करें। ऐसे में आपको तत्काल अपने चिकित्सक को दिखाना चाहिए। प्रदूषित हवा में सांस लेने पर ऐसी ही लक्षण सामने आते हैं।

इन दिनों ब्लड प्रेशर एवं शुगर के मरीज अपने बचाव के लिए अपनी डाइट और दवा के बारे में चिकित्सकों से सलाह अवश्य कर लें। दवाओं की डोज बढ़ाने की जरूरत पड़ सकती है। समय से दवा लेने, अधिक मीठा एवं नमकीन से परहेज करें। कोशिश करें कि गुनगुने पानी का ही सेवन करें।

                                                                  

वायू प्रदूषण के कारण वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड, क्रोमियम और पोटेशियम सहित अन्य हानिकारक गैसों का उत्सर्जन बढ़ जाता है। हवा में प्रदूषण होने से दम घुटने, सांस फूलना, सांस लेने में तकलीफ बढ़ जाती है। ऐसे में खासतौर पर बुजुर्गों बच्चों और पुराने सांस के रोगियों में समस्या अधिक बढ़ सकती है, इसलिए प्रदूषण से अपने आपको बचा कर रखें, क्योंकि इसी में समझदारी है।

इन दिनों दमा के अटैक के चांसेस काफी हद तक बढ़ जाते हैं और ऐसे में दमा एवं सांस के रोगियों को अतिरिक्त सावधानियां बरतने की आवश्यकता होती है। सांस रोगी, उनको तत्काल राहत देने वाले इनहेलर की डोज को बढ़ा सकते हैं। जल्दी सुबह घूमने से बचें।

वायु प्रदूषण के चलते धुंध रहेगी तो सांस के रोगियों को नुकसान पहुंचा सकती है। ऐसे लोग अपने खानपान का विशेष ध्यान रखें। रोगी अधिकतर गर्म पदार्थ जैसे सूप, गुनगुना पानी आदि के सेवन करने का प्रयास करें। इसके साथ ही ऐसे लोग प्रोटीन युक्त डाइट लें जिससे वह स्वस्थ बने रहेंगे।

लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।