यदि आप भी आयरन सप्लीमेंट्स अथवा दवा का सेवन करते हैं सतर्क रहें      Publish Date : 24/10/2025

यदि आप भी आयरन सप्लीमेंट्स अथवा दवा का सेवन करते हैं सतर्क रहें-

                                                                                                                                                             डॉ0 दिव्यांशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा

मानव शरीर में खून की कमी यानि एनीमिया की समस्या के हो जाने पर आयरन सप्लीमेंट्स का सही तरीके से सेवन करना बहुत जरूरी होता है। शरीर में आयरन की कमी को पूरा करने के लिए चिकित्सक भी आयरन सप्लीमेंट्स लेने की सलाह देते हैं। लेकिन कई बार यह सप्लीमेंट लेने के बाद भी आयरन की कमी पूरी नहीं हो पाती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आयरन सप्लीमेंट्स लेने के दौरान लोग कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जिनके कारण उनका शरीर आयरन को सही तरीके से अवशोषित नहीं कर पाता है।

अधिकता से आयरन सप्लीमेंट्स लेने पर पेट और आंतों की परत में गड़बड़ी भी पैदा कर सकते है। अतः इस समस्या से बचने के लिए खाना खाने के बाद आयरन सप्लीमेंट्स का सेवन करने की सलाह दी जाती है। आमतौर पर सप्लीमेंट्स के सेवन करने का सबसे अच्छा समय सुबह खाली पेट होता है, क्योंकि इस समय हमारे पेट में एसिड का स्तर सबसे अधिक होता है। पेट का यह एसिड ही आयरन को अवशोषित करने में मदद करता है। इसके अलावा इन्हें विटामिन सी से भरपूर चीजों जैसे नींबू पानी या आवले के पानी के साथ सेवन करना भी लाभकारी रहता है।

यदि आपको आयरन सप्लीमेंट्स लेने के बाद पेट में गैस या जलन महसूस हो रही है तो ऐसे में एंटासिड सिरप या गोलियों का सेवन कदापि भी न करे, क्योंकि आयरन को अवशोषित करने के लिए पेट में एसिड का उच्च स्तर हा होना बहुत आवश्यक होता है।

एंटासिड पेट के एसिड के स्तर को कम कर देता है जिससे आयरन का अवशोषण सही प्रकार से नहीं हो पाता है। कई बार शरीर में खून की कमी किन्हीं अन्य विभिन्न प्रकार की गंभीर बीमारियों के चलते भी हो जाती है, अतः इसके लिए इसकी कमी का सही कारण को जानना भी बहुत जरूरी होता है। आयरन सप्लीमेंट का सेवन चिकित्सक की सलाह से ही करना चाहिए और बिना चिकित्सक सलाह के आयरन सप्लीमेंट्स का सेवन न कदापि न करें।

आयरन के स्रोत, फायदे और सप्लीमेंट्स

                                                    

आयरन हमारे शरीर के लिए महत्वपूर्ण मिनरल है। यह शरीर के विकास के लिए बहुत ही उपयोगी होता है। आयरन से हीमोग्लोबिन बनता है और यह लाल रक्त कोशिकाओं के कार्य को आसान बनाता है, जो फेफड़ों से पूरे शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करता है। आयरन से मायोग्लोबिन बनता है जिसका काम शरीर की मांसपेशियों तक ऑक्सीजन पहुंचाना है। यह शरीर के अन्य हॉर्मोन एवं उत्तक (टिशू) को भी बनाने का कार्य भी करता है।

आयरन के स्रोत एवं आयरन से भरपूर फल एवं सब्जियाँ

आयरन शाकाहारी एवं मांसाहारी, दोनों खाद्य पदार्थों में उपलब्ध पाया जाता है। डॉक्टर प्रायः शरीर से जुड़ी कई परेशानियों के लिए लोगों को आयरन के सेवन की सलाह देते हैं। आइए जानते हैं कि आयरन आपके शरीर के लिए कितना लाभदायक और आवश्यक होता है।

आयरन का शरीर के लिए महत्वः

आयरन गर्भस्थ शिशु एवं छोटे बच्चों के विकास तथा गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत आवश्यक मिनरल होता है। यह हमारे शरीर को न सिर्फ बेहतर बनाता है बल्कि अनेक रोगों से बचाने का भी काम करता है। इससे हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी बनी रहती है। जब शरीर में निर्धारित मात्रा में आयरन मौजूद रहता है तो शरीर ऊर्जावान बना रहता है।

हमारे शरीर को अच्छे तरीके से काम करने के लिए आयरन की आवश्यकता होती है। अतः हमारे शरीर में आयरन का पर्याप्त मात्रा होना अत्यंत आवश्यक है। यह अमिनो एसिड, कोलेजन, हार्माेन्स एवं न्यूरोट्रांसमीटर को भी बनाने का काम करता है। आयरन का अवशोषण पेट एवं पाचनतंत्र में होता है।

हमारे शरीर को आयरन दो तरीके (हेम और नॉन-हेम) से मिलता है। नॉन-हेम आयरन पौधों एवं अन्य शाकाहारी खाद्य पदार्थों में मिलता है, जबकि मांस, मछलियां और पोल्ट्री आदि फूड्स में हेम एवं नॉन-हेम आयरन के दोनों प्रकार मौजूद होते है। हमारा शरीर उतने ही आयरन का अवशोषण करता है जितने की उसको जरूरत होती है। इससे अधिक आयरन का सेवन करने पर शरीर आयरन का अवशोषण करना कम कर देता है।

आयरन से शरीर में पर्याप्त मात्रा में हीमोग्लोबिन बना रहता है, शरीर को ताकत मिलती है। हमारा शरीर स्वस्थ रहता है। वहीं आयरन की कमी से सांसों का उखड़ना, थोड़ा-सा काम करते ही शरीर का थक जाना, नाखूनों का खराब होना और हार्ट अटैक आदि बीमारियां हो सकती हैं।

प्रसव एवं मासिक धर्म वाली महिलाओं में हो सकती है आयरन की कमी

                                                             

अधिकांश गर्भवती महिलाएं पर्याप्त मात्रा में आयरन का सेवन नहीं कर पाती हैं, जिसके कारण उनमें आयरन की कमी हो सकती है। शोध में यह भी कहा गया है कि मासिक धर्म के दौरान महिलाओं को अधिक आयरन का सेवन करना चाहिए।

शरीर को कितनी मात्रा में आयरन की होती है आवश्यकता

शरीर को सही ढंग से काम करने के लिए कितनी मात्रा में आयरन की जरूरत होती है, यह व्यक्ति की उम्र, लिंग और उसके भोजन की व्यवस्था पर निर्भर करता है।

राष्ट्रीय पोषण संस्थान के अनुसार शाकाहारी एवं मांसाहारी लोगों के लिए आयरन की भिन्न-भिन्न मात्रा निर्धारित है। चिकित्सक भी लोगों की जरूरत के अनुसार उन्हें आयरन की अलग-अलग मात्रा के सेवन की सलाह देते हैं।

लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।