विटामिन ‘‘A’’ के लाभ एवं हानियाँ      Publish Date : 17/10/2025

                         विटामिन ‘‘A’’ के लाभ एवं हानियाँ

                                                                                                                                                                                   डॉ0 दिव्यांशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा

विटामिन A हमारी आँखों की ज्योति, स्वस्थ त्वचा एवं सुदृढ़ प्रतिरक्षा प्रणाली के लि बहुत आवश्यक है। इससे प्राप्त लाभों के अन्तर्गत रतौंधी को रोकना, त्वचा के स्वास्थ्य को बनाए रखना और भ्रूण के विकास में सहायता प्रदान करना आदि शामिल होते हैं। विटामिन A के प्रमुख स्रोत गाजर, शकरकन्द, पालक, दूध और मछली का तेल आदि शामिल हैं।

विटामिन A की कमी से रतौंधी, त्वचा की ड्राईनेस और प्रतिरक्षा प्रणाली के कमजोर होने की शिकायतें हो सकती हैं। इसके विपरीत इस विटामिन की अधिकता से लिवर खराब, सिरदर्द और कुछ जन्मजात दोष जैसी गम्भीर समस्याएं भी हो सकती है।

विटामिन A से प्राप्त होने वाले लाभः

                                                                     

आँखों का स्वास्थ्यः

विटामिन A का रेटिनॉल नामक एक महत्वपूर्ण घटक, जो कि कम रोशनी में देखने में हमारी मदद करता है, यह रतौंधी और आयु से सम्बन्धित धब्बेदार अधःपतन अर्थात धूमिल दृष्टि का प्रबन्धन करने में सहायता प्रदान करता है।

प्रतिरक्षा प्रणाली की सुदृढ़ताः

विटामिन A हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूती प्रदान कर हमें संक्रमणों के खिलाफ लड़ने की शक्ति प्रदान करता है।

त्वचा एवं श्लेष्मा झिल्लियों का स्वास्थ्यः

विटामिन A का सेवन करने से हमारी त्वचा, फेफड़े, आंत और मूत्र-मार्ग की अंदरूनी सतह आदि स्वस्थ बनी रहती हैं।

वृद्वि एवं विकासः

विटामिन A बच्चों में कोशिका वृद्वि, कंकाल वृद्वि और गर्भावस्था के दौरान भ्रूण के अंगों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

विटामिन A की कमी से होने वाले नुकसानः

दृष्टि से सम्बन्धित समस्याएँ:

विटामिन A रतौंधी और आँखों के सूखेपन में राहत प्रदान करता है और इन्हें होने से रोकता है।

कमजोर प्रतिरक्षा प्रणालीः

विटामिन A की कमी के चलते हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता के कम हो जाने से संक्रमणों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ जाती है और हम जल्दी-जल्दी बीमार पड़ते हैं।

त्वचा सम्बन्धी समस्याएं:

विटामिन A की कमी होने से हमारी त्वचा रूखी, पपड़ादार और बेजान हो जाती है।

धीमा विकासः

विटामिन A की कमी होने के कारण बच्चों का समग्र विकास धीमा पड़ सकता है।

बालों की विभिन्न समस्याएँ:

विटामिन A की कमी के कारण हमारे बाल भी प्रभावित होते है, इसकी कमी होने से बालों का मोटापन, बालों का आंशिक रूप से झड़ना और त्वचा में रूखापन आ जाता है।

विटामिन की अधिकता से होने वाली हानियाँ

                                                                  

यकृत का खराब होनाः

विटामिन A का अधिक मात्रा में लम्बे समय तक सेवन करने से आपके लिवर को भी नुकसान पहुँच सकता है।

जन्मजात दोषः

विटामिन A का अधिक सेवन करना गर्भवती महिलाओं के लिए अधिक जोखिमभरा हो सकता है, क्योंकि इससे उनके भ्रूण में कुछ जन्मजात दोष उत्पन्न हो सकते हैं।

विटामिन A के प्रमुख स्रोतः

पशु-आधारित स्रोत (रेटिनॉल):

कुछ पशुओं का लिवर (जिगर), दूध और विभिन्न फोर्टिफाइड खाद्य-पदार्थ विटामिन A के अच्छे स्रोत होते हैं।

पौधों पर आधारित स्रोत (प्रोविटामिन्स और कैरोटीनॉयड्स):

रंग प्रदान करने वालेः गाजर, शकरकन्द एवं कद्दू आदि।

गहरी हरी पत्तेदार सब्जियाँ: पालक और सरसों के अलावा अन्य सभी हरी पत्तेदार सब्जियाँ।

पीले और नारंगी फलः आम, पपीता और खरबूजा जैसे सभी फल।

लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।