पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम या पीसीओएस के बाद भी महिलाएं हो सकती हैं गर्भवती      Publish Date : 06/08/2025

पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम या पीसीओएस के बाद भी महिलाएं हो सकती हैं गर्भवती

                                                                                                                                                   डॉ0 दिव्यांशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा

पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम या पीसीओएस (PCOS) बेहद कॉमन हॉर्मोनल बीमारी है जो प्रजनन की उम्र वाली हर 5 में से 1 महिला में देखने को मिलती है। इस बीमारी में अंडाशय के सही तरीके से कार्य करने की क्षमता प्रभावित होती है। पीसीओएस से जुड़ी एक सबसे बड़ी परेशानी है इन्फर्टिलिटी या बांझपन। इसके अलावा भी पीसीओएस से जुड़ी कई और जटिलाएं है जैसे मिसकैरेज का खतरा बढ़ना, गर्भावस्था के दौरान डायबिटीज की समस्या प्रेगनेंसी के दौरान हाई ब्लड प्रेशर की समस्या और प्रीमेच्योर डिलिवरी आदि। पीसीओएस से पीड़ित महिलाओं का अंडाशय विकसित अडों का उत्पादन करने में अक्षम हो जाता है और अगर स्वस्थ अंडे का उत्पादन ही नहीं होगा तो वह स्पर्म के द्वारा फर्टिलाइज कैसे होगा। राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञा डॉ. अंजु रस्तोगी के अनुसार जिन महिलाओं को पीसीओएस है उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं क्योंकि पीसीओएस होने के बावजूद प्रेगनेंसी संभव है।

                                                         

पीसीओएस में गर्भवती होने के लिए क्या करे?

वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञा डॉ अजु रस्तोगी के अनुसार पीसीओएस का मतलब ये नहीं कि आपके लिए गर्भवती होना नामुमकिन है। लेकिन कई बार कुछ स्थितिया गर्भधारण के लिए प्रतिकूल जरूर हो जाती है। इस तरह के मामलों में ओव्यूलेशन (परिपक्व अंडों का उत्पादन) होना बेहद जरूरी है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए डॉक्टर आपको निम्नलिखित चीजो को फॉलो करने की सलाह दे सकते हैं- (1) वजन कम करें (2) जीवनशैली में बदलाव (3) नियमित परामर्श। जागरूक बने, रोग के प्रति लापरवाही न करे, नवीनतम आधुनिकतम उपचार ने जीवन को अत्यधिक आसान बना दिया है. शुरुआत में ही रोग के लक्षणों के पहचानकर उपचार आरम्भ करे, स्वस्थ रहे।

लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।