
घर पर गमले में उगाएं ब्लूबेरी बढ़ेगी रौनक, खिलेगी सेहत Publish Date : 25/02/2026
घर पर गमले में उगाएं ब्लूबेरी बढ़ेगी रौनक, खिलेगी सेहत
प्रोफेसर आर. एस. सेंगर एवं गरिमा शर्मा
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पर्वतीय इलाकों में उगने वाली ब्लूबेरी सेहतमंद खानपान के शौकीनों में काफी लोकप्रिय है। सही तकनीक और थोड़ी देखभाल के साथ आप इसे घर पर गमले में भी उगा सकते हैं और ताजा फल का आनंद ले सकते हैं। ब्लूबेरी को गमले में उगाने से न सिर्फ पौष्टिक और स्वादिष्ट फल मिलते हैं, बल्कि यह आपकी बालकनी या किचन गार्डन की खूबसूरती को भी बढ़ाता है।
एक साल का पौधा:जल्दी फल पाने के लिए नर्सरी से एक साल का पौधा ले आएं। करीब 5-6 इंच लंबी स्वस्थ टहनी से कटिंग लगा सकते हैं। 3-4 हफ्तों में जड़ें बनना शुरू हो जाएंगी।
मिट्टी का पीएच और गमले का चुनाव

- ब्लूबेरी हल्की अम्लीय मिट्टी में अच्छी तरह बढ़ती है, जिसका पीएच 4.5 से 5.5 के बीच होना चाहिए। सामान्य मिट्टी को पीट मॉस, कोकोपीट और थोड़ी रेत मिलाकर अनुकूल बनाएं।
- 12-16 इंच का गमला लें, जिसमें अतिरिक्त पानी निकलने के लिए छिद्र होना चाहिए। कम्पोस्ट डालने से पौधे को पोषण मिलता है। पाइन नीडल्स, सूखे पत्ते या लकड़ी के बुरादे की मल्चिंग से भी लाभ होता है।
पूरे साल मिलेंगे फल
नर्सरी के पौधे से पहले साल में 40-100 ग्राम फल मिल सकते हैं, दूसरे साल यह मात्रा दोगुनी हो जाती है। दो अलग वैरायटी लगाकर फल का साइज-पैदावार बढ़ाई जा सकती है। सही देखभाल के साथ एक गमले से साल भर ब्लूबेरी प्राप्त होती है।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
