
अच्छी कमाई के लिए खेती के साथ बकरी, गाय और पशुपालन अपनाएं Publish Date : 18/08/2026
अच्छी कमाई के लिए खेती के साथ बकरी, गाय और पशुपालन अपनाएं
प्रो0 आर. एस. सेंगर
सालभर होगी कमाई; एक विदेशी की महिला किसान का खेती एवं पशुपालन मॉडल
बकरी पालन, गाय पालन और पालन से दूध, मांस और अंडा मिलता है। धान और अन्य फसलों की हरी-भरी की खेती से अच्छा और उत्तम भोजन प्राप्त होता है। इन सभी युक्तियों को एक साथ करने से किसान को साल भर अच्छी कमाई होती है। अजनबी जिले के ग्राम छिंदगांव में आज उम्मीद और कमाई की एक नई मिसाल देखने को मिल रही है। गाँव की निवासी और जागृति महिला समूह से जुड़ी ग्रामीण महिला रबाली कश्यप ने अपनी लग्न और कड़ी मेहनत से सफलता की अनोखी कहानी लिखी है।
कभी खेती से केवल दृष्टि की जरूरतें पूरी करने वाली रैबाली ने खेती से एकमात्र रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने वाली रैबाली ने खेती के साथ पशुपालन से जुड़कर अपनी किस्मत बदल दी। उन्होंने पारंपरिक कृषि प्रणाली से आगे बढ़ते हुए अपने क्षेत्र में एक साथ पांच प्रमुख पशुओं का पालन भी शुरू किया, जिनमें बकरी पालन, गाय पालन, पशु पालन, हरी भरी खेती की खेती को एक साथ मिलाकर आज अच्छी कमाई कर रही हैं।
विभिन्न वर्गीकरण के माध्यम से 1.5 लाख से अधिक की आय
रबली कश्यप की इस बहुसंख्यक खेती प्रणाली ने उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को भी पूरी तरह से बदल दिया है। वर्तमान में उनके विभिन्न माध्यमों से एक शानदार आय प्राप्त हो रही है। इस मॉडल में उन्हें बकरी पालन से 60 हजार, मुर्गी पालन से 30 हजार, सब्जियों के उत्पादन से 24 हजार और गाय का पालन करने से 20 हजार, मछली पालन से 20 हजार (अतिरिक्त लाभ सहित) की आय प्राप्त कर अपने आसपास के अन्य किसानों को भी प्रेरित कर रही है। इन सभी संपत्तियों के संयोजन से रबली कश्यप अब हर साल 1.50 से अधिक का शुद्ध मुनाफ़ा अर्जित कर रही हैं।
गांव-गांव पहुंच रहा है कृषि का संदेश
आज रबली कश्यप अपने परिवार के लिए एक मुख्य आर्थिक संबल बन चुकी हैं। इसके अलावा उन्होनें अपने बच्चों की बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य को सुनिश्चित किया, ताकि वे समाज में एक सम्मान जनक जीवन जी सकें। रबली कश्यप की यह सफलता क्षेत्र अन्य किसानों के लिए भी एक प्रेरणा का स्रोत बन गई है। वे क्षेत्र के किसानों को संदेश देते हुए कहती हैं कि कृषि, कृषि उत्पाद और पशुपालन के माध्यम आय बढ़ाएं और अपने जीवन को खुशहाल बनाएं।
लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
