
10 करोड़ पौधे हर साल तैयार, इटली तक जाती है खेप Publish Date : 15/05/2026
10 करोड़ पौधे हर साल तैयार, इटली तक जाती है खेप
प्रो0 आर. एस. सेगर
इरादा मजबूत हो और तकनीक का साथ मिले तो खेती भी बड़ा व्यवसाय बन सकती है। हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के छोटे से गांव के किसान हरवीर, सिंह ने इसे साबित कर दिखाया है। डाडलू गांव के किसान हरवीर सिंह ने वर्ष 2003 में महज 2 कनाल (करीब एक हजार वर्गमीटर) जमीन से हाईटेक नर्सरी शुरू की थी, जो आज 16 एकड़ में फैल चुकी है। उनकी मेहनत और नवाचार की कहानी दूसरे किसानों के लिए बड़ी प्रेरणा बन गई है।

तकनीक से पौधों की देखभाल आसान: हरवीर नर्सरी में पॉलीथिन की जगह पॉलीप्रोपाइलीन नॉन-वोवेन कपड़े और इस्राइली फॉगर्स तकनीक का उपयोग करते हैं, जिससे पौधों को हल्की फुहार से नमी मिलती है। यहां खास ग्रोइंग मीडियम में पौधे तैयार किए जाते हैं जिससे उनको करीब 3 महीने अतिरिक्त पानी की जरूरत नहीं पड़ती। पौधों की देखभाल आसान और लागत कम हो जाती है।
इन फसलों की पौध करते हैं तैयार: आधुनिक तकनीक के उपयोग से यहां गुणवत्तापूर्ण पौधे तैयार होते हैं, जिससे इस नर्सरी की पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर तक बन चुकी है। इस नर्सरी में हर साल करीब 10 करोड़ पौधे तैयार किए जाते हैं। इनमें मिर्च, टमाटर और शिमला मिर्च सहित कई सब्जी फसलों के पौधे और बीज शामिल हैं।
पौधों का इटली तक करते हैं निर्यात :हरवीर पौधों और बीजों का निर्यात इटली समेत कई अन्य देशों में कर रहे हैं। उनका संदेश साफ है कि आधुनिक तकनीक और नवाचार अपनाएं तो खेती को लाभकारी व्यवसाय बनाने से कोई नहीं रोक सकता।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
