मानसिक कार्यक्षमता को बेहतर बनाने वाली कुछ होम्योपैथिक दवाएं      Publish Date : 01/11/2026

मानसिक कार्यक्षमता को बेहतर बनाने वाली कुछ होम्योपैथिक दवाएं

                                                                                                      डॉ0 राजीव सिंह एवं मुकेश शर्मा  

50 वर्ष से अधिक आयु में भी याददाश्त और मानसिक क्षमता को बेहतर बनाती हैं होम्योपैथी। होम्योपैथी में कई दवाएं और मदर टिंचर ऐसे है जो कि इसके लिए काफी उपयोगी माने जाते हैं। आपको हमारी सलाह है कि किसी भी योग्य होम्योपैथिक चिकित्सक की सलाह के बाद ही होम्योपैथिक दवा सेवन करनी चाहिए।

कमजोर याददाश्त के कारण

  • कुछ समय के लिए तनावग्रस्त, चिंतित या उदास महसूस करना।
  • अच्छी नींद न आना, साथ ही अव्यवस्थित दिनचर्या।
  • स्क्रीन पर अधिक समय - फ़ोन, लैपटॉप, टीवी, पर अधिक समय व्यतीत करना।
  • उम्र बढ़ने के साथ (कभी-कभी मनोभ्रंश या अल्जाइमर भी हो सकता है)।
  • विटामिन बी 12, ओमेगा -3 या आयरन युक्त खाद्य पदार्थ का सेवन नहीं करना चाहिए।

याददाश्त कमज़ोर होने के लक्षण

  • नाम, जन्मदिन या कल क्या किया था, जैसी बातों को भूल जाना।
  • नई चीजें सीखने के लिए संघर्ष करना, सब कुछ आपके दिमाग से निकल जाता है।
  • ध्यान केन्द्रित करने में परेशानी होना, या किसी कार्य के बीच में ही भटक जाना।
  • दैनिक सामानों में, यहाँ तक कि साधारण कामों में भी भूल करना।
  • मानसिक रूप से थका हुआ महसूस होना, जैसे आपके दिमाग की बैटरी खत्म हो रही हो
  • सच तो यह है - भूल जाना आधुनिक जीवन का एक हिस्सा बन गया है । यह केवल बुज़ुर्गों की ही बात नहीं; युवा भी कहते हैं कि कभी-कभी वह छोटी-छोटी बातों को भी भूल जाते हैं। हो सकता है कि इसकी वजह से लगातार स्क्रीन पर रहना, इंटरैक्टिव इंटरेक्शन, या बस हर समय ध्यान भटकाना आदि हो। इससे कई तरह से बिखराव हो सकता है, जैसे गाड़ी कहां पार्क करना जैसी चीजों को भूल जाना, बातचीत के दौरान ध्यान अपनी भटक जाना, समय-सीमाएं खोना, या कुछ नया सीखने की कोशिश करना समय याद दिलाना महसूस करना आदि।
  • लोग रोज़मर्रा की चीज़ें या एनर्जी ड्रिंक लेते हैं, इस उम्मीद में कि उनका दिमाग ध्यान से काम करेगा, असल में, यह उपाय काम नहीं करता। शायद यही कारण है कि याददाश्त के लिए होम्योपैथिक दवा अधिक लोकप्रिय हो रही है - क्योंकि यह पूरी तस्वीर को साफ करती है, आपके परिवार को शांति देने की कोशिश करती है, और आपके दिमाग को तेज और स्वच्छ रहने का बेहतर मौका मिलता है।

याददाश्त की समस्याएं बस चिंता करने वाली नहीं होतीं – ये पढ़ाई, काम करने और आत्म – सम्मान को भी प्रभावित कर सकती हैं। इसके बजाय, लोगों को एनाकार्डियम, बैरायटा कार्ब, लाइकोपोडियम, काली फॉस, मेडोरिनम और फॉस्फोरिक एसिड जैसे होम्योपैथिक विकल्प का सहारा लेना चाहिए।

उपयोगी होम्योपैथिक औषधि एवं टॉनिक

1. बैरायटा कॉर्बोनिका (बैरायटा कॉर्बोनिका): बुढ़ापे में याददाश्त खराब होना, भ्रम की स्थिति का बनना और चीजों को बार-बार भूल जाने की समस्या में यह औषधि बहुत ही प्रभावकारी साबित होती है।

2. लाइकोपोडियमः वृद्ध लोगों में याददाश्त की कमजोरी और मानसिक थकान के लिए होम्योपैथी की इस दवाई को सबसे उपयुक्त माना जाता है।

3. ब्राह्मी (Brahmi Monnieri): होम्योपैथी की इस दवाई को मदर टिंचर के रूप में उपयोग किया जाता है। यह मानसिक एकाग्रता, याददाश्त और दिमाग़ी कार्यों के सम्पादन में सहायता करता है।

4. एनाकार्डियम ओरिएंटेल: तेज़ याददाश्त और मानसिक फोकस बढ़ाने के लिए होम्योपैथी की इस दवाई का उपयोग किया जाता है।

होम्योपैथिक ब्रेनिक ड्रॉप्स/टॉनिकः बाजार में कई रेडिकेड कॉम्बिनेशन ड्रॉप्स और टॉनिक उपलब्ध हैं, जिनका उपयोग स्वास्थ्य पेशेवरों द्वारा निर्देशित किया गया है।

वैल्युएशन में सुधारः औषधियों के साथ-साथ दीर्घकालिक आहार, नियमित निरपेक्ष व्यायाम, संतुलित नींद और मानसिक औषधियों के मस्तिष्क को तेज बनाए रखने में मदद मिलती है।

कृष्णा होम्यो केयर सेंटर में होम्योपैथिक दवाएं हर विद्यार्थी को अभ्यास और सौम्य तरीकों से याददाश्त, ध्यान और सीखने में मदद करने के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए उपाय दिए जाते हैं । होम्योपैथी मे कोई भी एक ही उपाय सबके लिए उपयुक्त नहीं होता है।

याददाश्त के लिए कुछ सर्वश्रेष्ठ होम्योपैथिक दवाएं

                                  

होम्योपैथी के अनुसार हर व्यक्ति अलग होता है और याददाश्त के लिए सही होम्योपैथिक दवा उसकी मानसिक स्थिति, स्वभाव और अन्य सिद्धांतों का निर्धारण करने के बाद दी जाती हैं।

एनाकार्डियम ओरिएंटेल 

एनाकार्डियम से प्राप्त लाभः होम्योपैथी की यह दवाई उस समय बहुत काम आती है जब आपकी याददाश्त आपको बिखरी हुई महसूस होती है, जैसे बातचीत के दौरान बीच में शब्द भूल जाना या फिर सबसे बुरे दोस्तों में ध्यान भटक जाना। अगर आप पढ़ाई या नौकरी में हैं और आपका ध्यान भटक गया है, तो यह होम्योपैथिक दवा आपके लिए काफी काम की दवा सिद्व होती है।

इसका उपयोग कब करें: यदि आप एक छात्र हैं और देर रात तक जागते हैं या कोई ऐसा व्यक्ति है जो इन दिनों ध्यान केंद्रित नहीं कर पा रहा है, तो आपको इसकी आवश्यकता हो सकती है।

उपयोग करने की विधिः डॉक्टर आमतौर पर लोगों को इसे एक दिन में एक बार 30C की खुराक में देते हैं, हालोकि आप भी पहले अपने होम्योपैथ से जांच करवाकर इसे लें तो बेहतर होगा।

बैरायटा कॉर्बोनिका:

दवा से प्राप्त लाभः होमयोपैथ अक्सर उन ‘बूढ़े और बच्चों’ के लिए इसका सहारा लेते हैं, जब उनकी सोच दूषित हो जाती है और मानसिक कोहरा छा जाता है। ऐसा कहा जाता है कि होम्योपैथी की यह दवाई स्पष्टता और धन केन्द्रित़ करने में मददगार साबित होती है।

दवा का उपयोग कब और कैसे करें: होम्योपैथी की यह दवाई ज्यादातर ऐसे वृद्ध लोगों के लिए आदर्श रूप से अनुशंसित की जाती है, जो यह अनुभव करते हैं कि उनकी स्मरण शक्ति पहले के जैसी गति नहीं रह गई है।

उपयोग करने की विधिः इस दवा को आमतौर पर सप्ताह में एक बार, 30C या 200C शक्ति, में दी जा सकती है लेकिन हमेशा अपने चिकित्सक की सलाह से मात्रा का निर्धारण करें।

लाइकोपोडियम क्लैवेटमः

दवा से प्राप्त लाभः जब आप तनाव में हों और बार-बार शब्दों पर अटक रहे हों, या आपका मन ध्यान केंद्रित नहीं करना चाहता हो, तो यह आपके लिए एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। इस दवा का सेवन करने से परीक्षा में विद्यार्थियों और सहभागी व्यवसायियों को बहुत मदद मिलती है।

कब और कैसे करें इसका उपयोगः होम्योपैथी की यह दवाई यह ऐसे मरीजों के लिए उपयुक्त मानी जाती है जो परीक्ष या किसी महत्वपूर्ण बैठक के दौरान भयभीत हो जाते हैं।

उपयोग करने की विधिः अधिकांशतः इस दवा को दिन में केवल एक बार 30C की शक्ति में दी जाती है।

काली फॉस्फोरिकमः

दवा से प्राप्त लाभः होम्योपैथी की यह दवाई तनावग्रस्त मस्तिष्क के लिए एक उत्साहवर्धक टॉनिक के रूप में काम करती है - यह तंत्रिकाओं को शांत करती है, मानसिक थकान को कम करती है और आपको जानकारी को बेहतर ढंग से धारण करने की क्षमता को बेहतर बनाने में मदद करती है।

कब और कैसे करें उपयोगः हाम्योपैथी की यह दवाई उन सभी के लिए बहुत उपयोगी रहती है जो मानसिक रूप से थके हुए हैं जैसे कि आईटी कर्मचारी, जो समय-सीमा को भूलकर काम को पूरा करने में व्यस्त रहते हैं, छात्र और अपना नाम तक भूल जाने वाले व्यक्ति।

उपयोग करने की विधिः बॉयोकैमिक दवा काली फॉस को आमतौर पर दिन में 6X शक्ति में दिन में तीन से चार बार सेवन करने के लिए निर्धारित की जाती है।

मेडोरिनमः

दवा से प्राप्त लाभः यह दवा उस स्थिति के लिए कारगर रहती है जब आप अतीत को तो अच्छी तरह से याद कर सकते हैं, लेकिन हाल की बातें आपको याद नहीं रहतीं हैं। यह एक अजीब स्मृति होती है।

कब और कैसे करें उपयोगः यदि आपको यह तो याद नहीं है कि हाल ही में क्या हुआ था, लेकिन आप पुरानी कहानियाँ आसानी से याद कर सकते हैं, तो आपके लिए इस दवा पर विचार किया जा सकता है।

उपयोग करने की विधिः 200C शक्ति में साप्ताहिक रूप से ली जा सकती है, परन्तु केवल किसी योग्य होम्योपैथी डॉक्टर की निगरानी में ही।

फास्फोरस एसिडः

दवा से प्राप्त लाभः तेरहवीं कठिन समय-दुःख, सामान्य तनाव - के बाद स्मृति के हा्रस में इस दवा का चयन किया जाता है, जो आपको वैल और थका हुआ छोड़ देता है। इस दवा का उद्देश्य धुंध को दूर करना और आपकी मानसिक और शारीरिक ऊर्जा को बढ़ावा देना होता है।

कब और कैसे करें उपयोगः यह उन लोगों के लिए सबसे अच्छी होम्योपैथिक दवा है जो मानसिक और शारीरिक रूप से थका हुआ महसूस कर रहे होते हैं।

उपयोग करने की विधिः होम्योपैथ इस दवा की आमतौर पर 30ब् शक्ति में दिन में एक या दो खुराक देते है।

होम्योपैथिक औषधियों के साथ ध्यान देने योग्य बातें

  • कैफीन का सेवन कम करें, धूम्रपान छोड़ें, और धीरे-धीरे शराब का सेवन करने से बचें।
  • देर रात तक स्क्रीन पर अधिक समय व्यतीत करने से बचें।
  • जंक फूड और अधिक तली-भुनी वस्तुओं से यथासंभव दूर रहें।
  • कम से कम प्रतिदिन से कम कुछ मिनट तक टहलने, घूमने, ध्यान या धीमी गति से सांस लेने की शुरुआत करें।

स्मृति दुर्बलता में होम्योपैथिक के लाभ

  • समस्या के वास्तविक पहलुओं पर ध्यान केन्द्रित करें, जिनमें तनाव, थकान, यहाँ तक कि बढ़ती उम्र पर भी।
  • एकाग्रता, अध्ययन और शिक्षा में मदद मिलती है, लेकिन धीरे-धीरे।
  • मूलतः किसी के लिए भी सुरक्षित रहती हैं, घायल वह एक थका हुआ छात्र हो या सेवानिवृत्त दादा-दादी चाहे कोई भी हो।

 

लेखक: मुकेश शर्मा होम्योपैथी के एक अच्छे जानकार हैं जो पिछले लगभग 25 वर्षों से इस क्षेत्र में कार्य कर रहे हे। होम्योपैथी के उपचार के दौरान रोग के कारणों को दूर कर रोगी को ठीक किया जाता है। इसलिए होम्योपैथी में प्रत्येक रोगी की दवाए, दवा की पोटेंसी तथा उसकी डोज आदि का निर्धारण रोगी की शारीरिक और उसकी मानसिक अवस्था के अनुसार अलग-अलग होती है। अतः बिना किसी होम्योपैथी के एक्सपर्ट की सलाह के बिना किसी भी दवा सेवन कदापि न करें। अन्य स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारी एवं उपचार के लिए फोन नं0 9897702775 पर सम्पर्क करें।

डिसक्लेमरः प्रस्तुत लेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के अपने विचार हैं।