होम्योपैथी चिकित्सा पद्वति से मोटापे के उपचार: एक सौम्य तरीका      Publish Date : 20/08/2026

होम्योपैथी चिकित्सा पद्वति से मोटापे के उपचार: एक सौम्य तरीका

                                                                                                  डॉ0 राजीव सिंह एवं मुकेश शर्मा

आपका डॉक्टर आपका वजन और लंबाई मापकर आपका बीएमआई निकालते हैं। बीएमआई आपके शरीर में वसा की मात्रा का अनुमान होता है और मोटापे की प्राथमिक जांच के लिए इस तरीके का उपयोग किया जाता है। आपका डॉक्टर आपकी कमर की परिधि की माप भी कर सकते है। इन दोनों मापों से आपके शरीर में वसा की मात्रा का अनुमान लगाने और इससे हृदय रोग, स्ट्रोक और टाइप 2 मधुमेह जैसी बीमारियों के जोखिम का पता लगाने में मदद मिलती है।

अत्यधिक मोटापे की रोकथाम

अत्यधिक मोटापे से ग्रस्त लोगों को आकल की ‘फैशनेबल’ डाइट से बचना चाहिए और इसके बजाय खाने की आदतों में बदलाव करने पर अधिक ध्यान देना चाहिए।

अनुशंसाओं में निम्नलिखित शामिल हैं:

  • अपने आहार में अधिक फल और सब्जियां शामिल करें।
  • छोटी-छोटी मात्रा में भोजन करें।
  • कैलोरी का हिसाब रखें।
  • संतृप्त वसा, ट्रांस वसा और परिष्कृत शर्करा से परहेज करें।

शारीरिक गतिविधि संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए अच्छी होती है और वजन करने के इच्छुक लोगों के लिए यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। वजन कम करने के लिए आपको प्रति सप्ताह तीन घंटे से अधिक समय तक मध्यम से तीव्र व्यायाम करना चाहिए। तीव्र व्यायाम से हृदय गति काफी बढ़ जाती है।

शारीरिक गतिविधियों में शामिल निम्न को शामिल करें-

  • दौड़ना या जॉगिंग करें।
  • तैरना शुरू करें।
  • रस्सी कूदना आदि।

मध्यम दर्जे के व्यायाम में तेज चलना या साइकिल चलाना शामिल है, और इसमें रोजमर्रा की गतिविधियां भी शामिल हो सकती हैं।

मोटापे के लिए प्रभावी होम्योपैथिक उपचार

यूरोप और दक्षिण एशिया में कई वर्षों से वजन कम करने के उपचार के रूप में होम्योपैथी का सफलतापूर्वक उपयोग किया जा रहा है। लेकिन यहाँ यह भी समझना आवश्यक है कि यह कोई चमत्कारिक इलाज नहीं है। वजन को कम करने के लिए होम्योपैथिक उपचार शरीर की प्रकृति पर आधारित होता है और इसके लिए रोगी का विस्तृत केस इतिहास और उचित मूल्यांकन आवश्यक है ताकि मरीज के लिए सबसे उपयुक्त औषधि का चयन किया जा सके।

वजन कम करने की प्रक्रिया के प्रति होम्योपैथी का दृष्टिकोण भिन्न है-

मोटापे के लिए परंपरागत दवाओं के विपरीत, जो केवल लक्षणों के निदान के आधार पर निर्धारित की जाती हैं, होम्योपैथी में मोटापे की प्रवृत्ति का पता लगाने के लिए मरीज का विस्तृत इतिहास और मोटापे का पारिवारिक इतिहास आवश्यक होता है। वसा भंडार को जटिल प्रणालियों द्वारा लंबे समय तक नियंत्रित किया जाता है, जिसमें वसा ऊतकों, मस्तिष्क और अग्न्याशय और थायरॉइड जैसी अंतःस्रावी ग्रंथियों से इनपुट और फीडबैक शामिल होते हैं।

होम्योपैथी के डॉक्टर दवा देने से पहले मरीज की खान-पान की आदतों, जीवनशैली और अन्य अंतर्निहित स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में भी पूछते हैं। अधिक खाने और सुस्त जीवनशैली की प्रवृत्ति, आहार में मौजूद वसा को ऊर्जा के रूप में उपयोग करने की कम क्षमता और शरीर में वसा जमा करने की उच्च, आसानी से उत्तेजित होने वाली क्षमता, ये सभी आनुवंशिक रूप से प्रभावित होती हैं। भोजन से भरपूर वातावरण में व्यक्तियों की प्रतिक्रिया में भिन्नता और मोटापे से संबंधित स्थितियों के विकसित होने में अंतर भी आनुवंशिक रूप से निर्धारित होते हैं।

वजन कम करने के लिए होम्योपैथी किस तरह से काम करती है-

होम्योपैथिक दवाएं पौधों के अर्क, जड़ी-बूटियों और अन्य प्राकृतिक पदार्थों से बनाई जाती हैं, जिनका शरीर पर कोई दुष्प्रभाव नहीं होता, जबकि पारंपरिक वजन कम करने वाली गोलियों या उपचारों का निश्चित् रूप से दुष्प्रभाव होता है। होम्योपैथी एक सरल सिद्धांत पर काम करती है कि किसी पदार्थ के शुद्ध रूप से उत्पन्न लक्षणों को उसी पदार्थ के मिश्रित रूप से ठीक किया जा सकता है। होम्योपैथी पाचन संबंधी विकारों को ठीक करने, चयापचय को बेहतर बनाने और मल त्याग को आसान बनाने का प्रयास करती है क्योंकि यह तीनों ही वजन को कम करने के लिए आवश्यक शर्तें होती हैं। मरीज के लक्षणों के पैटर्न का अध्ययन करने के बाद ही उसके लिए दवाएं निर्धारित की जाती हैं।

परंपरागत दवाओं के विपरीत, जो पोषक तत्वों के अवशोषण को सीमित करती हैं या पेट भरा होने का एहसास कराती हैं, होम्योपैथी दवाएं उन लक्षणों का इलाज करती हैं जो इसके कारण बनते हैं। लेकिन याद रखें, कि होम्योपैथी मोटापे के लिए कोई जादुई उपचार नहीं है। वांछित वजन कम करने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए दवाओं के साथ-साथ मरीज को उचित आहार और व्यायाम के पालन करने की भी आवश्यकता होती है । होम्योपैथिक दवाएं मरीज की जरूरतों के अनुसार तैयार की जाती हैं, जो एक व्यक्ति के लिए कारगर है, वह दूसरे के लिए कारगर नहीं होगी, क्योंकि दो अलग-अलग व्यक्तियों की स्थिति के मूल कारण और ट्रिगर भिन्न-भिन्न होते हैं।

मोटापे के समाधान के लिए कुछ सामान्य होम्योपैथिक दवाएं:   

  • कैल्केरिया कॉर्बोनिकम
  • नैट्रम मुर।
  • लाइकोपोडियम।
  • नक्स वोमिका।
  • एंटिमोनियम क्रूडम और
  • फॉस्फोरस आदि।

लेखक: मुकेश शर्मा होम्योपैथी के एक अच्छे जानकार हैं जो पिछले लगभग 25 वर्षों से इस क्षेत्र में कार्य कर रहे हे। होम्योपैथी के उपचार के दौरान रोग के कारणों को दूर कर रोगी को ठीक किया जाता है। इसलिए होम्योपैथी में प्रत्येक रोगी की दवाए, दवा की पोटेंसी तथा उसकी डोज आदि का निर्धारण रोगी की शारीरिक और उसकी मानसिक अवस्था के अनुसार अलग-अलग होती है। अतः बिना किसी होम्योपैथी के एक्सपर्ट की सलाह के बिना किसी भी दवा सेवन कदापि न करें। अन्य स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारी एवं उपचार के लिए फोन नं0 9897702775 पर सम्पर्क करें।

डिसक्लेमरः प्रस्तुत लेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के अपने विचार हैं।