वजन बढ़ाने के लिए कारगर होम्योपैथिक दवाएं      Publish Date : 12/07/2026

वजन बढ़ाने के लिए कारगर होम्योपैथिक दवाएं

                                                                                                     डॉ0 राजीव सिंह एवं मुकेश शर्मा

हमारे बीच जहाँ कुछ लोग अपना वजन बढ़ने की समस्या से परेशान रहते हैं, तो वहीं कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो कि अपना वजन नहीं बढ़ पाने के कारण परेशान रहते हैं, ऐसे में होम्योपैथी में वजन बढ़ाने के लिए भूख, पाचन क्रिया और पोषक तत्वों के अवशोषण (Assimilation) को सुधारने पर ध्यान दिया जाता है। होम्योपैथी दवाएं शरीर के चयापचय (Metabolism) को संतुलित करके प्राकृतिक रूप से वजन बढ़ाने में मदद करती हैं।

वजन बढ़ाने के लिए सबसे कारगर और मुख्य होम्योपैथिक दवाओं और टॉनिक की सूची हमारी आज की ब्लॉग पोस्ट में नीचे दी जा रही हैः

                                 

प्रमुख होम्योपैथिक टॉनिक, Alfalfa Tonic (अल्फाल्फा टॉनिक): अल्फाल्फा टॉनिक को वजन बढ़ाने के लिए सबसे लोकप्रिय और प्राथमिक टॉनिक माना जाता है। हमारे होम्योपैथी विशेषज्ञ मुकेश शर्मा के अनुसार, अल्फाल्फा टॉनिक भूख को तेजी से बढ़ाता है, शारीरिक कमजोरी दूर करता है और मांसपेशियों का विकास करता है।

Alfamaalt Forte (अल्फामाल्ट फोर्ट): Alfamaalt Forte माल्ट के रूप में आता है, जो विशेष रूप से बच्चों और बड़ों में दुबलेपन को दूर करने के लिए उपयोग किया जाता है।

लक्षणों के आधार पर कारगर होम्योपैथी दवाएं:

                                  

होम्योपैथी में दवा का चुनाव व्यक्ति के शारीरिक लक्षणों और मानसिक स्थिति के आधार पर किया जाता हैः

Lycopodium (लाइकोपोडियम): लाइकोपोडियम ऐसे लोगों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है जिनका पाचन तंत्र बहुत कमजोर होता है। यह गैस, अपच और पेट फूलने की समस्या को ठीक कर भूख बढ़ाती है। यह होम्योपैथी दवा बच्चों और किशोरों दोनों के लिए उपयुक्त है।

Abrotanum (एब्रोटेनम): होम्योपैथी में इस दवा का उपयोग ऐसे लोगों के लिए किया जाता है जो खाना तो अच्छी मात्रा में खाते हैं, लेकिन फिर भी उनका शरीर सूखता जाता है (विशेषकर पैरों की तरफ से)। यह पोषक तत्वों के अवशोषण में सुधार करती है।

Iodum (आयोडम): यदि किसी व्यक्ति का मेटाबॉलिज्म (चयापचय) बहुत तेज है या थायराइड की गड़बड़ी के कारण वजन नहीं बढ़ रहा है, तो इस दवा का उपयोग किया जाता है। ऐसे मरीजों को बहुत अधिक भूख लगती है फिर भी उनका वजन कम होता जाता है।

Calcarea Phosphorica (कैलकेरिया फॉस्फोरिका): यदि किसी पुरानी बीमारी या एनीमिया (खून की कमी) के कारण शरीर कमजोर और दुबला हो गया है, तो यह हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूती देकर वजन बढ़ाती है।

Ignatia (इग्नेशिया): यदि मानसिक तनाव, चिंता, शोक या डिप्रेशन के कारण किसी की भूख मर गई है और उसका वजन लगातार कम हो रहा है, तो यह दवा मानसिक स्थिति में सुधारकर वजन को बढ़ाती है।

अधिकतर वजन वाले लोगों के बारे में अधिक परवाह होती है, लेकिन कम वजन के जोखिम के बारे में किसी को परवाह नहीं होती है। वास्तविक तथ्य यह है कि दोनों अधिक वजन और कमजोर परिस्थितियों में अत्यधिक प्रकार की स्वास्थ्य स्थितियां हैं। दोनों में बहुत ही जोखिम भरा हैं और असंख्य स्वास्थ्य जटिलताएं पैदा होना आशंका भी बनी रहती हैं।

कम वजन होना बच्चों में आम बात है। लेकिन कभी-कभी वयस्क भी इस समस्या के शिकार बन जाते हैं। इसलिए, यदि आप कम वजन वाले होने वाले जोखिमों से पूर्ण स्वतंत्रता प्राप्त करना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको होम्योपैथिक उपचार पर भरोसा करना होगा, जिससे निश्चित् रूप से आपको लाभ भी प्राप्त होगा।

वजन बढ़ाने के लिए होम्योपैथिक दवाओं में से कुछ इस प्रकार से हैं:

यदि आपको लगता है कि केवल स्वस्थ खाने ही आपके वजन में सुधार करने का एकमात्र समाधान है, तो आप गलत सेाच रहे हैं बल्कि आपको एक ऐसा विकल्प चुनना होगा जो सीधे भीतर से परेशानी को दूर कर सके। इस मामले में, आप अपने होम्योपैथिक चिकित्सक के साथ संभावित दवाइयों और तरीकों के लिए चर्चा कर सकते हैं, जो न केवल आपको अपना वजन बढ़ाने में मदद करते हैं बल्कि आपकी समग्र स्वास्थ्य स्थिति में भी काफी हद तक सुधार किया जा सकता है।

.लेखक: मुकेश शर्मा होम्योपैथी के एक अच्छे जानकार हैं जो पिछले लगभग 25 वर्षों से इस क्षेत्र में कार्य कर रहे हे। होम्योपैथी के उपचार के दौरान रोग के कारणों को दूर कर रोगी को ठीक किया जाता है। इसलिए होम्योपैथी में प्रत्येक रोगी की दवाए, दवा की पोटेंसी तथा उसकी डोज आदि का निर्धारण रोगी की शारीरिक और उसकी मानसिक अवस्था के अनुसार अलग-अलग होती है। अतः बिना किसी होम्योपैथी के एक्सपर्ट की सलाह के बिना किसी भी दवा सेवन कदापि न करें। अन्य स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारी एवं उपचार के लिए फोन नं0 9897702775 पर सम्पर्क करें।

डिसक्लेमरः प्रस्तुत लेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के अपने विचार हैं।