
शरीर के बाएं हिस्से में सुन्नपन के लिए प्रभावी होम्योपैथिक उपचार Publish Date : 10/05/2026
शरीर के बाएं हिस्से में सुन्नपन के लिए प्रभावी होम्योपैथिक उपचार
डॉ0 राजीव सिंह एवं मुकेश शर्मा
शरीर के बाएं हिस्से (Left Side) में सुन्नपन (Numbness) और दर्द के लिए होम्योपैथी में कई प्रभावी दवाएं उपलब्ध हैं, जो नसों की कमजोरी (Nerve Weakness) या दबी हुई नसों (Nerve Compression) को ठीक करने में मदद कर सकती हैं।
होम्योपैथिक उपचार मरीज के व्यक्तिगत लक्षणों पर आधारित होता है। इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि सटीक दवा के लिए किसी योग्य होम्योपैथ से परामर्श करना सबसे अच्छा तरीका होता है।
हमारे इस प्रस्तुत लेख में कुछ प्रमुख होम्योपैथिक दवाएं दी जा रही हैं जो इन लक्षणों को कम करने में काम आ सकती हैं:
बाएं हिस्से के सुन्नपन एवं दर्द के लिए प्रमुख होम्योपैथिक दवाएं-

Causticum (कास्टिकम): यदि आपके शरीर का बायां हिस्सा सुन्न है, कमजोरी है, या लकवा (Paralysis) जैसी स्थिति लग रही है, तोs Causticum 30C या 200C बहुत प्रभावी सिद्व होती है। यह नसों को पुनः सक्रिय करने और अंगों में संवेदना वापस लाने में आपकी मदद कर सकती है।
Hypericum Perforatum (हाइपरिकम): यदि मरीज को सुन्नपन होने के साथ तेज, चुभने वाला या बिजली के झटके जैसा दर्द (Shooting Pain) हो, तो इससे राहत पाने के लिए Hypericum 30C सबसे अच्छी होम्योपैथिक दवा है। यह दवा नसों की चोट (Nerve Injury) या नस के दबने पर उसके उपचार के लिए एक कारगर दवा है।
Colocynthis (कोलोसिंथेस): यदि मरीज के शरीर के किसी बाएं हिस्से में बहुत तेज दर्द है, जो बैठने या आराम करने के साथ ही बढ़ जाता है, तो इस समस्या से राहत प्राप्त करने के लिए यह दवा बहुत उपयोगी होम्योपैथिक दवा है।
Aconitum Napellus (एकोनाइट): यदि मरीज के शरीर में सुन्नपन अचानक (Suddenly) ही शुरू हुआ है, और वह भी विशेष रूप से ठंड लगने के बाद, तो इस समस्या के निदान हेतु Aconite 30C काफी कारगर सिद्व हो सकती है।
Spigelia (स्पाइजेलिया): यदि मरीज के चेहरे के बाएं हिस्से में दर्द के साथ सुन्नपन भी हो, तो होम्योपैथिक की यह दवा काफी उपयोगी रहती है।
Arnica Montana (अर्निका): मरीज के शरीर में होने वाला दर्द यदि किसी चोट के कारण या नसों में सूजन आ जाने के कारण है, तो बेहतर परणिाम प्राप्त करने के लिए अर्निका 30C का उपयोग किया जा सकता है यह दवा इस मामले में बहुत अच्छे रिजल्ट्स प्रदान करती है।
होम्योपैथी दवाओं की खुराक और आवश्यक सावधानियां:
खुराकः आमतौर पर 30C पोटेंसी की 2-3 बूंदें या 8 से 10 गोलियाँ दिन में 3 बार जीभ पर ली जा सकती हैं। लेकिन पुरानी समस्या में 200C की खुराक 2-3 दिन में एक बार ली जा सकती है, हालांकि आपको ऐसा किसी होम्योपैथी के डॉक्टर की सलाह के बाद ही करना चाहिए।
मालिशः प्रभावित हिस्से की हल्की मालिश करने से खून का बहाव बढ़ता है, जिससे यह समस्या कम होने लगती है।
सिकाई करनाः गर्म पानी की सिकाई से नसों को आराम मिल सकता है।
कब तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिएं?

यदि सुन्नपन अचानक हो, साथ में बोलने में कठिनाई, चेहरा टेढ़ा होना, या कमजोरी अधिक महसूस हो, तो यह स्ट्रोक (Stroke) का संकेत भी हो सकता है। ऐसी स्थिति में मरीज को तुरंत अस्पताल जाना चाहिए।

लेखक: मुकेश शर्मा होम्योपैथी के एक अच्छे जानकार हैं जो पिछले लगभग 25 वर्षों से इस क्षेत्र में कार्य कर रहे हे। होम्योपैथी के उपचार के दौरान रोग के कारणों को दूर कर रोगी को ठीक किया जाता है। इसलिए होम्योपैथी में प्रत्येक रोगी की दवाए, दवा की पोटेंसी तथा उसकी डोज आदि का निर्धारण रोगी की शारीरिक और उसकी मानसिक अवस्था के अनुसार अलग-अलग होती है। अतः बिना किसी होम्योपैथी के एक्सपर्ट की सलाह के बिना किसी भी दवा सेवन कदापि न करें। अन्य स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारी एवं उपचार के लिए फोन नं0 9897702775 पर सम्पर्क करें।
डिसक्लेमरः प्रस्तुत लेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के अपने विचार हैं।
