
जांघों के बीच आने वाले पसीने और खुजली से छुटकारा पाने के लिए कारगर होम्योपैथी उपचार Publish Date : 12/03/2026
जांघों के बीच आने वाले पसीने और खुजली से छुटकारा पाने के लिए कारगर होम्योपैथी उपचार
डॉ0 राजीव सिंह एवं मुकेश शर्मा
जांघों के बीच अत्यधिक पसीना अर्थात (Hyperhidrosis) से राहत प्राप्त करने के लिए होम्योपैथी में बोविस्टा, ग्रेफाइट्स, सैनिकुला, और पल्सेटिला आदि बहुत अधिक प्रभावशाली और कारगर दवाएं उपलब्ध हैं। होम्योपैथी की यह दवाएं पसीना आने के मूल कारणों को दूर करने में सहायता प्रदान कर जांघों के बीच में आने वाले पसीने और उससे होने वाली खुजली की समस्या से राहत प्रदान करती है। हालांकि दवा के उचित चयन के लिए किसी अनुभवी होम्योपैथिक चिकित्सक से परामर्श करना बहुत आवश्यक है।
जांघों के पसीने के लिए कुछ प्रमुख होम्योपैथिक दवाएं:

बोविस्टा (Bovista): पसीने की गंध और अत्यधिक उत्पादन को नियंत्रित करने के लिए एक प्रभावशाली होम्योपैथी दवा।
ग्रेफाइट्सि (Graphites): होम्योपैथी की दवा यह ऐसे मरीजों के लिए उपयोगी होती है, जिन्हें पसीने के साथ खुजली या त्वचा की अन्य समस्याएं भी उसके साथ होती हैं।
सैनिकुला (Sanicula): यदि आपकी जांघों के बीच और पैरों में लगातार पसीना आता है तो आपके लिए यह होम्योपैथी की दवा कारगार हो सकती है।
पल्सेटिला (Pulsetilla): होम्योपैथी की यह दवाई आपके शरीर के तापमान को संतुलित करने में आपकी मदद करती है।
सिलिसिया (Silicea): रात में आने वाले या अत्यधिक पसीने के लिए उपयोग की जाने वाली यह होम्योपैथिक दवाई जांघों के बीच आने वाले पसीने से राहत प्रदान करने में बहुत कारगर सिद्व होती है।
सावधानीः उपरोक्त में से कोई भी दवा लेने से पहले किसी अनुभवी एवं योग्य होम्योपैथिक डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें क्योंकि आपके केस में कोई अन्य दवा भी हो सकती है।
जीवनशैली में आवश्यक बदलावः
- सूती (Cotton) के अंडरवियर और ढीले कपड़े पहनें, क्योंकि ये हवादार होते हैं और इनका उपयोग करने से पसीने की समस्या कम होती हैं।
- नियमित रूप से स्नान करें और जांघों के बीच के क्षेत्र को सूखा बनाकर रखें।
- मसालेदार भोजन और कैफीन का सेवन कम से कम करें, यह पसीने की समस्या को बढ़ा सकते हैं।
- तनाव कम करने के लिए प्रतिदिन योग या मेडिटेशन का निरंतर अभ्यास करते रहें।

लेखक: मुकेश शर्मा होम्योपैथी के एक अच्छे जानकार हैं जो पिछले लगभग 25 वर्षों से इस क्षेत्र में कार्य कर रहे हे। होम्योपैथी के उपचार के दौरान रोग के कारणों को दूर कर रोगी को ठीक किया जाता है। इसलिए होम्योपैथी में प्रत्येक रोगी की दवाए, दवा की पोटेंसी तथा उसकी डोज आदि का निर्धारण रोगी की शारीरिक और उसकी मानसिक अवस्था के अनुसार अलग-अलग होती है। अतः बिना किसी होम्योपैथी के एक्सपर्ट की सलाह के बिना किसी भी दवा सेवन कदापि न करें। अन्य स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारी एवं उपचार के लिए फोन नं0 9897702775 पर सम्पर्क करें।
डिसक्लेमरः प्रस्तुत लेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के अपने विचार हैं।
