तीव्र सर्दी और खांसी के लिए होम्योपैथी की कुछ प्रमुख दवाएं      Publish Date : 13/11/2025

      तीव्र सर्दी और खांसी के लिए होम्योपैथी की कुछ प्रमुख दवाएं

                                                                                                                                                                           डॉ0 राजीव सिंह एवं मुकेश शर्मा

होम्योपैथी एक ऐसा विज्ञान है जो शरीर की स्व-उपचार प्रक्रिया को प्रेरित करने वाली दवाओं के लिए जाना जाता है। चिकित्सा के अन्य विज्ञानों के विपरीत, यह केवल रोग का ही नहीं, बल्कि रोगग्रस्त व्यक्ति का भी उपचार करता है। आज के हमारे इस लेख में कुछ ऐसी होम्योपैथिक की शीष दवाएँ दी गई हैं जो आपको तीव्र सर्दी-खाँसी से राहत दिलाने में मदद कर सकती हैं।

                                                                

आर्सेनिक एल्बमः यह आइसक्रीम और कोल्ड ड्रिंक्स से हुई खाँसी और सर्दी के लिए एक प्रसिद्व दवा है।

यह एक ऐसी दवा है जो आपको ठंडे पेय या ठंडे भोजन जैसे आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक या रेफ्रिजरेटर से कोई भी खाद्य पदार्थ खाने के बाद होने वाली सर्दी और सूखी खांसी होने पर आपकी सहायता करती है।

ठंडे खाद्य पदार्थ केवल वे ही नहीं हैं जो रेफ्रिजरेटर में रखे जाते हैं, बल्कि वे खाद्य पदार्थ भी हैं जो स्वभाव से ठंडे होते हैं जैसे दही, खीरा और केला आदि यहां तक कि सर्दियों में ठंड बढ़ने पर नियमित पानी भी शामिल है।

रस टॉक्सः यह बरसात के मौसम में होने वाल सर्दी-खाँसी की दवा है।

यदि आप बारिश में भीग जाते हैं या यदि आप नम मौसम के संपर्क में आते हैं, लेकिन वास्तव में भीगते नहीं हैं और यदि आपको सर्दी और खांसी हो जाती है, तो रस टॉक्स वह दवा है जिसके बारे में आपको सबसे पहले विचार करना चाहिए।

एंटीमोनियम टार्टः एक होम्योपैथिक कफ निस्सारक-

होम्योपैथी की यह दवाई तीव्र कफ वाली खांसी में सबसे अच्छा काम करती है, जहाँ छाती में बहुत अधिक बलगम जमा हो जाता है और वह आसानी से बाहर नहीं निकल पाता। ऐसे में एंटीमोनियम टार्ट बहुत अधिक मददगार साबित होती है।

एंटीमोनियम आर्सेनिकमः यह सांस फूलने के साथ सीने में जकड़न से राहत प्रदान करने के लिए दी जाने वाली दवा है।

एंटीमोनियम एआरएस सबसे अच्छा काम करती है यदि व्यक्ति को ठंडा भोजन या पेय लेने या मौसम बदलने के बाद छाती में बहुत अधिक बलगम जमा होने के कारण सांस लेने में परेशानी का अनुभव हो रहा है।

हीपर सल्फ्यूरिकः यह सर्दी के मौसम में प्रयोग की जाने वाली एक प्रमुख दवा है।

यदि आप सर्दियों में शुष्क ठंडी हवा के संपर्क में आते हैं और फिर आपको सर्दी, खांसी, टॉन्सिल या बुखार हो जाता है तो आप हीपर सल्फ का उपयोग कर सकते हैं।

इसलिए सर्दी, खांसी, बुखार या गले के संक्रमण की ऐसी तीव्र शुरुआत में आप निश्चित रूप से होम्योपैथी लेने के बारे में सोच सकते हैं जो आपको कोई दुष्प्रभाव दिए बिना आपकी सहायता करती हैं।

यह व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर उसके स्वास्थ्य को भी बढ़ावा देती हैं, जिससे व्यक्ति को सभी प्रकार की बीमारियों से लड़ने में मदद मिलती है।

“गुर्दे की पथरी, पित्ताशय की पथरी, पीसीओडी, हॉर्मोनल डिसबेलेंस, त्वचा संबंधी समस्याएं, थायराइड, शरीर पर मस्से, बालों का झड़ना, रूखापन और पतलापन, शराब या किसी अन्य नशे की लत, याददाश्त की समस्या, बवासीर, बांझपन, बाल स्वास्थ्य, गर्भाश्य फाइब्राइड, ओवेरियन सिस्ट और पुरुष/महिला यौन समस्याएं आदि में हमारी विशेषज्ञता है।“

लेखक: मुकेश शर्मा होम्योपैथी के एक अच्छे जानकार हैं जो पिछले लगभग 25 वर्षों से इस क्षेत्र में कार्य कर रहे हे। होम्योपैथी के उपचार के दौरान रोग के कारणों को दूर कर रोगी को ठीक किया जाता है। इसलिए होम्योपैथी में प्रत्येक रोगी की दवाए, दवा की पोटेंसी तथा उसकी डोज आदि का निर्धारण रोगी की शारीरिक और उसकी मानसिक अवस्था के अनुसार अलग-अलग होती है। अतः बिना किसी होम्योपैथी के एक्सपर्ट की सलाह के बिना किसी भी दवा सेवन कदापि न करें। अन्य स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारी एवं उपचार के लिए फोन नं0 9897702775 पर सम्पर्क करें।

डिसक्लेमरः प्रस्तुत लेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के अपने विचार हैं।