
शिक्षक दिवस, पाँच सितंबर पर विशेष Publish Date : 05/09/2026
शिक्षक दिवस, पाँच सितंबर पर विशेष
प्रो0 आर. एस. सेंगर
शिक्षक दिवस हमारे लिए केवल शिक्षकों के सम्मान का अवसर नहीं बल्कि उस जिम्मेदारी को याद करने का दिन है जो एक शिक्षक विद्यार्थियों के भविष्य को आकार देने के लिए निभाता है। शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा करने वाला व्यक्ति नहीं बल्कि विद्यार्थी के व्यक्तित्व, सोच संस्कार और जीवन दृष्टि को दिशा देने वाला मार्गदर्शक होता है। शिक्षा केवल किताबों और परीक्षाओं तक सीमित न रहे, विद्यालय में इस तरह का शैक्षिक एवं सह शैक्षिक पहलों को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाना चाहिए जिनसे छात्रों में अनुशासन, आत्मविश्वास, रचनात्मकता, नेतृत्व क्षमता, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना विकसित हो सकें।
मेरा मानना है कि एक अच्छे विद्यालय की पहचान केवल उसके परीक्षा परिणाम से नहीं होती बल्कि इस बात से होती है कि वहां से निकलने वाले विद्यार्थी कितने अच्छे इंसान बन सकें हैं। इसके लिए शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। विद्यार्थियों को यह भी समझना होगा कि उनके शिक्षक का अनुभव और मार्गदर्शन उनके जीवन की अमूल्य पूंजी है। आज, इंटरनेट और तकनीकी ने जानकारी प्राप्त करना आसान बना दिया है, लेकिन जानकारी और ज्ञान में अंतर होता है। शिक्षक उस जानकारी को समझ, विवेक और सही दिशा प्रदान करते हैं।
शिक्षक हमें अक्षर पढ़ना सिखाते हैं। शब्द हमें बोलना, लेकिन जिंदगी को सही मायने में जीना एक शिक्षक ही देता है। जीवन की पहली पाठशाला माँ की गोद से शुरू होती है, लेकिन उस कच्चे घड़े को आकार देने का सही होना शिक्षक के पास ही होता है। बदलते दौर के साथ शिक्षा की परिभाषा बदल चुकी है। चाक और ब्लैकबोर्ड की जगह अब स्मार्ट स्क्रीन और डिजिटल क्लासरूम ने ले ली है। तकनीक ने ज्ञान के द्वार सबके लिए खोल दिए हैं, लेकिन एक बात आज भी उतनी ही सच है जितनी सदियों पहले थी स्क्रीन चाहे कितनी भी अहम क्यों न जाए। वह शिक्षक का विकल्प नहीं बन सकती जो विद्यार्थियों को सही रहा दिखाते हैं।
"शिक्षक दिवस सिर्फ एक तारीख़ नहीं, बल्कि उस निस्वार्थ समर्पणों को सलाम करने का दिन है, जो बिना किसी स्वार्थ के पीढ़ियों का भविष्य संवारता है"।
एक शिक्षक का प्रभाव कक्षा तक ही सीमित नहीं होता। अपने छात्रों को समझने और उनकी हर जरूरत का ध्यान रखने में अथक परिश्रम करते हैं। वे छात्रों के चरित्र निर्माण में विशेष ध्यान रखते हैं, जिससे वे दयालु और सामाजिक रूप से जिम्मेदार व्यक्ति बन सकें। शिक्षक दिवस हमारे प्रिय शिक्षकों को याद करने और हमारे जीवन में उनकी भूमिका के लिए कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। शिक्षक समाज की आधारशिला होते हैं। शिक्षकों को दायित्व विशाल होता है क्योंकि वे ऐसे बौद्धिक और रचनात्मक प्रतिभाओं को आकार देते हैं जो समाज का भविष्य बनते हैं।
डॉक्टर राधाकृष्णन के अनुसार शिक्षक दिवस के सर्वश्रेष्ठ बुद्धिजीवी होने चाहिए। उनके सम्मान में मनाए जाने वाला शिक्षक दिवस हमारे शिक्षकों को बौद्धिक और नैतिक मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान करने के लिए याद करने, उनकी सराहना करने, उन्हें धन्यवाद देने और उनका आभार व्यक्त करने का दिन है। हम चाहें कितने भी बड़े हो जाएँ, कुछ ऐसे शिक्षक होते हैं जिनके साथ हम अपने जीवन में हुई प्रगति को साझा करना चाहते हैं। कुछ ऐसे होते हैं जो हमें हमारे माता पिता से भी अधिक समझते और हम पर विश्वास करते हैं। कुछ ऐसे होते हैं जिनके दर्शन होते ही हम उनके पास दौड़कर जाना चाहते हैं और कुछ ऐसे होते हैं जो अद्भुत शिक्षक होने के साथ-साथ अच्छे दोस्त भी बन जाते हैं।
शिक्षक दिवस उन शिक्षकों को यह बताने का अवसर है कि उन्होंने हमारे जीवन पर कितना गहरा प्रभाव डाला है, कभी-कभी यह महज एक और अवसर होता है। उनके निरंतर प्रेम और समर्थन के लिए आभार व्यक्त करने के लिए शिक्षक दिवस तक प्रतीक्षा करना आवश्यक नहीं है। शिक्षक दिवस शिक्षकों के लिए एक शिक्षक के रूप में अपनी भूमिका और जिम्मेदारियों पर पुनर्विचार करने का दिन हो सकता है और छात्रों के लिए उन शिक्षकों के महत्व को समझने का दिन हो सकता है जो वास्तव में उनकी परवाह करते हैं। गुरु की शिक्षा हमारे सपनों की उड़ान देने का साहस देती है।
गुरु की प्रेरणा हमें हर असफलता से सीखना सिखाती है गुरु का विश्वास हमें अपनी क्षमताओं पर भरोसा करना सिखाता है। गुरु की मेहनत आने वाली पीढ़ियों का भविष्य समर्थ है और गुरु का मार्गदर्शन सफलता की ओर हमारा सबसे मजबूत कदम है। इसी तरह, ज्ञान और प्रेरणा की लौ हमेशा जलाते रहे
गुरु ने हमें सिखाया कि मेहनत से कोई भी मंजिल दूर नहीं होती असफलता अंत नहीं सफलता की शुरुआत है।गुरु का मार्गदर्शन हमें हर दिन बेहतर बनने की प्रेरणा देता है। गुरु की शिक्षाएँ हमारे जीवन की अमूल्य पूंजी है। गुरु का विश्वास को अपनी सफलता में बदलना ही हमारा संकल्प है
गुरु ने ज्ञान को हमारे जीवन की सबसे बड़ी शक्ति बनाया है गुरु की प्रेरणा हमें बड़े सपने देखने का साहस देती है, गुरु की सीख हमें हर परिस्थिति में सकारात्मक रहना सिखाती है गुरु का मार्गदर्शन से आत्मविश्वास को नई ऊंचाइयां मिलती हैं। गुरु के योगदान से अनगिनत जीवन सफलता की ओर बढ़ते हैं। गुरु की शिक्षाओं को जीवन में उतारना ही गुरु का सच्चा सम्मान है।
गुरु ने हमारे सपनों को विश्वास और प्रयास की नई उड़ान दी है। गुरु की प्रेरणा हमें हर दिन खुद का बेहतर रूप बनने की ओर प्रेरित करती है। गुरु ने सिखाया कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। गुरु की सीख हमें धैर्य के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ाती है गुरु के शब्द कठिन समय में भी उम्मीद की किरण बनते हैं। गुरु की शिक्षाओं को अपनी सफलता का हिस्सा बनाएंगे।
गुरु हमारे वर्तमान को शमार कर भविष्य को उज्ज्वल बनाते हैं। गुरु की सीख हर कदम पर सही निर्णय लेने की प्रेरणा देती है। गुरु हमें चुनौतियों से घबराने के बजाय उनका सामना करना सिखाते हैं। गुरु के प्रोत्साहन से असंभव भी संभव लगने लगता है। गुरु की मेहनत विद्यार्थियों की सफलता में दिखाई देती है। गुरु की प्रेरणा से हम अपने लक्ष्य को पाने के लिए निरंतर प्रयास करेंगे।
गुरु केवल ज्ञान नहीं, जीवन जीने की कला सिखाता है। गुरु हमें अनुशासन, धैर्य और निरंतर प्रयास का महत्व समझाता है। गुरु की प्रेरणा हमें अपनी सीमाओं से आगे बढ़ने का साहस देती है। गुरु के मार्गदर्शन ने हमारे विचारों को नई दिशा प्रदान की है। गुरु की सीख हमारे व्यक्तित्व की मजबूत नींव है। गुरु का सम्मान करना हमारे लिए गर्व और गौरव की बात है।
लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
