रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम होते तो बचत होती करोड़ों लीटर जल की      Publish Date : 13/07/2026

रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम होते तो बचत होती करोड़ों लीटर जल की

                                                                                                    प्रो0 आर. एस. सेंगर एवं अन्य

मेडा (मेरठ विकास प्राधिकरण) नहीं करता निगरानी, शहर में केवल 169 रेनवाटर ही क्रियाशील पाए गए, सरकारी भवन परिसरों में बने सिस्टम ही कर रहे हैं काम-

मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) की लापरवाही के चलते हर साल बारिश का पानी बर्बाद हो रहा है। 500 से अधिक स्वीकृत किए गए रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम इसी लापरवाही के चलते स्थापित नहीं हो सके हैं।

ऐसे में अगर स्वीकृत किए गए यह सभी सिस्टम स्थापित हो जाते तो भूगर्भ में करोड़ों लीटर पानी समा चुका होता। मगर मेडा कर्मियों की लापरवाही से करोड़ों लीटर बारिश का पानी हर वर्ष भूगर्भ में न जाकर नालों में बेकार होकर बह जाता है। 700 स्वीकृत रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम में से 531 स्थापित ही नहीं हो सके।

हार्वेस्टिंग सिस्टम

                                  

मेडा क्षेत्र में स्वीकृत 700 रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम में से 531 सिस्टम स्थापित ही नहीं किया जा सके हैं। 169 रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम ही क्रियाशीलपाए गए हैं। भवन्निर्माण एवं विकास उपविधि 2008 के अनुसार 300 वर्गमीटर या इससे अधिक क्षेत्रफल वाले समस्त उपयोग के द्य 300 वर्गमीटर भूखंड से मिलता है ढाई लाख लीटर वर्षा जल मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार एक मिलीमीटर बारिश का मतलब एक वर्गमीटर क्षेत्र मैं एक लीटर पानी होता है इसलिए 300 वर्गमीटर के भूखंड में अगर 100 एमएम बारिश होगी तो 30 हजार लीटर पानी मिलेगा।

मेरठ में हर साल औसतन बारिश 800 मिलीमीटर होती है। इस हिसाब से 300 वर्गमीटर भूखंड में रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के जरिये करीब ढाई लाख लीटर पानी का संचयन किया जा सकता है। मेरठ में स्वीकृत करीब 700 भूखंडों में से 531 में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित नहीं हो सका है। अगर इन भूखंडों में रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम होता तो 13 करोड़ 27 लाख 50 हजार लीटर पानी की बचत होती।

                                     

भूखंडों और सभी ग्रुप हाउसिंग योजनाओं में छतों पर खुले स्थानों से प्राप्त होने वाले वर्षा जल के संचयन के लिए रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करना होता है । इनका मानचित्र तभी स्वीकृत किया जाता है जब भूखंड स्वामी रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करने का एफीडेविट और सिक्योरिटी जमा करता है। आवास एवं शहरी नियोजन विभाग द्वारा रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की मांगी गई रिपोर्ट के लिए मेरठ विकास प्राधिकरण ने पिछले साल सर्वे कराया कराया था।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।