
रोजगार के वादे सराहनीय तो अतिमहत्वाकांक्षी भी Publish Date : 26/05/2026
रोजगार के वादे सराहनीय तो अति महत्वाकांक्षी भी
प्रो0 आर. एस. सेंगर
योगी सरकार ने अपने दसवें बजट में 9.12 लाख करोड़ का प्रविधान प्रस्तुत कर एक इतिहास रचने का प्रयास किया है। बजट की विशेषता यह है कि इसमें इन्फ्रास्ट्रक्चर के ऊपर व्यय के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार तथा डाटा सेंटर और एआइ से संबंधित शोध एवं प्रशिक्षण को विकसित करने की बात कही गई है जो सराहनीय है। शिक्षा क्षेत्र में कुल बजट की 12.4 प्रतिशत धनराशि के व्यय का प्रविधान किया गया है।
इसमें बेसिक शिक्षा के क्षेत्र में 77,622 करोड़ रुपये तथा माध्यमिक शिक्षा के क्षेत्र में 22,167 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है जो चालू वित्तीय वर्ष से 15 प्रतिशत अधिक है। इसकी तुलना में उच्च शिक्षा के लिए केवल 6,195 करोड़ का बजट आवंटन है जो पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में केवल सात प्रतिशत अधिक है। इस वर्ष दो नए विश्वविद्यालयों की स्थापना की घोषणा है तथा पूर्व में ‘नवनिर्मित तीन विश्वविद्यालयों को 50-50 करोड़ की धनराशि आवंटित की गई है’।
माध्यमिक शिक्षकों व शिक्षणेतर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बजट सुनिश्चित किया है, परंतु उच्च शिक्षा के शिक्षकों व कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा पर व्यय का प्रविधान नहीं किया है। बजट में रोजगार पर फोकस किया गया है। 10 लाख नौकरियां देने का वादा किया गया है जो कि एक महत्वाकांक्षी योजना प्रतीत होती है। 2027 प्रदेश में चुनावी वर्ष है, अतः इसके पूर्व भारी संख्या में युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना भी एक प्रकार से अति महत्वाकांक्षी योजना प्रतीत होती है।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
