
नई प्रौद्योगिकी और एआई की चाल से विकास को रफ्तार Publish Date : 22/05/2026
नई प्रौद्योगिकी और एआई की चाल से विकास को रफ्तार
प्रोफेसर आर. एस. सेंगर एवं इं0 कार्तिकेय
बजट में कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) पर फोकस किया गया है। एआई को सरकारी कामकाज में सुधार के लिए एक अहम माध्यम के तौर पर सामने रखा गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि एआई और दूसरी आधुनिक प्रौद्योगिकी भारत की आर्थिक विकास को तेज करने में बड़ी भूमिका निभा सकती हैं। एआई की मदद से सरकारी कामकाज को अधिक प्रभावी, तेज और पारदर्शी बनाया जा सकता है।

एआई और अन्य नई तकनीकें देश के आर्थिक विकास को कई गुना बढ़ाने का काम कर सकती हैं। नई तकनीक उत्पादन को तेज कर रही है और उद्योग को दक्ष बना रही है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि नई तकनीकों के इस्तेमाल से नई चुनौतियां भी सामने आ रही हैं। इससे पानी और ऊर्जा की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में भविष्य के विकास के लिए संसाधनों का सही और संतुलित इस्तेमाल बहुत जरूरी हो गया है।
एआई से सेवाओं में सुधार
- एआई से सरकारी सेवाओं के वितरण बेहतर होंगे। पासपोर्ट, सरकारी सहायता, पेंशन और अन्य नागरिक सेवाएं तेजी के साथ पूरे किए जा सकेंगे। इससे सरकारी दफ्तरों के चक्कर कम लगाने पड़ेंगे, समय भी बचेगा।
- एआई आधारित प्रणाली से प्रशासनिक प्रक्रियाओं में मानवीय हस्तक्षेप कम होगा, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी। एआई की मदद से सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी और मूल्यांकन को भी बेहतर बनाया जा सकेगा।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
